1 John · chapter 4 · verse 6
1 John 4:6 in Hindi
हम परमेश्वर के हैं: जो परमेश्वर को जानता है, वह हमारी सुनता है; जो परमेश्वर को नहीं जानता वह हमारी नही सुनता; इसी प्रकार हम सत्य की आत्मा और भ्रम की आत्मा को पहचान लेते हैं।
Ham parameshvar ke haim: jo parameshvar ko jaanataa hai, vah hamaaree sunataa hai; jo parameshvar ko naheem jaanataa vah hamaaree nahee sunataa; isee prakaar ham saty kee aatmaa aur bhram kee aatmaa ko pahachaan lete hain.
1 John 4:6 in English
- King James Version (KJV)
- We are of God: he that knoweth God heareth us; he that is not of God heareth not us. Hereby know we the spirit of truth, and the spirit of error.
- World English Bible (WEB)
- We are of God. He who knows God listens to us. He who is not of God doesn’t listen to us. By this we know the spirit of truth, and the spirit of error.
- American Standard Version (ASV)
- We are of God: he that knoweth God heareth us; he who is not of God heareth us not. By this we know the spirit of truth, and the spirit of error.
- Bible in Basic English (BBE)
- We are of God: he who has the knowledge of God gives ear to us; he who is not of God does not give ear to us. By this we may see which is the true spirit, and which is the spirit of error.
- Darby Translation (DBY)
- We are of God; he that knows God hears us; he who is not of God does not hear us. From this we know the spirit of truth and the spirit of error.
- Webster's Bible (WBS)
- We are of God. He that knoweth God, heareth us; he that is not of God, heareth not us. By this we know the spirit of truth, and the spirit of error.
- Young's Literal Translation (YLT)
- we — of God we are; he who is knowing God doth hear us; he who is not of God, doth not hear us; from this we know the spirit of the truth, and the spirit of the error.
Read in context
- 4हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है।
- 5वे संसार के हैं, इस कारण वे संसार की बातें बोलते हैं, और संसार उन की सुनता है।
- 6हम परमेश्वर के हैं: जो परमेश्वर को जानता है, वह हमारी सुनता है; जो परमेश्वर को नहीं जानता वह हमारी नही सुनता; इसी प्रकार हम सत्य की आत्मा और भ्रम की आत्मा को पहचान लेते हैं।
- 7हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है।
- 8जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
Cross references
- John 14:17 यूहन्ना 14:17अर्थात् सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा।
- John 10:27 यूहन्ना 10:27मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं।
- 1 Corinthians 2:12–14 1 कुरिन्थियों 2:12–14परन्तु हम ने संसार की आत्मा नहीं, परन्तु वह आत्मा पाया है, जो परमेश्वर की ओर से है, कि हम उन बातों को जानें, जो परमेश्वर ने हमें दी हैं। जिन को हम मनुष्यों के ज्ञान की सिखाई हुई बातों में नहीं, परन्तु आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिलाकर सुनाते हैं। परनतु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उस की दृष्टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उन की जांच आत्मिक रीति से होती है।
- John 15:26 यूहन्ना 15:26परन्तु जब वह सहायक आएगा, जिसे मैं तुम्हारे पास भेजूंगा, अर्थात् सत्य का आत्मा जो पिता की ओर से निकलता है, तो वह मेरी गवाही देगा।
- 1 John 4:1 1 यूहन्ना 4:1हे प्रियों, हर एक आत्मा की प्रतीति न करो: बरन आत्माओं को परखो, कि वे परमेश्वर की ओर से हैं कि नहीं; क्योंकि बहुत से झूठे भविष्यद्वक्ता जगत में निकल खड़े हुए हैं।
- John 8:45–50 यूहन्ना 8:45–50परन्तु मैं जो सच बोलता हूं, इसीलिये तुम मेरी प्रतीति नहीं करते। तुम में से कौन मुझे पापी ठहराता है? और यदि मैं सच बोलता हूं, तो तुम मेरी प्रतीति क्यों नहीं करते? जो परमेश्वर से होता हे, वह परमेश्वर की बातें सुनता है; और तुम इसलिये नहीं सुनते कि परमेश्वर की ओर से नहीं हो। यह सुन यहूदियों ने उस से कहा; क्या हम ठीक नहीं कहते, कि तू सामरी है, और तुझ में दुष्टात्मा है? यीशु ने उत्तर दिया, कि मुझ में दुष्टात्मा नहीं; परन्तु मैं अपने पिता का आदर करता हूं, और तुम मेरा निरादर करते हो। परन्तु मैं अपनी प्रतिष्ठा नहीं चाहता, हां, एक तो है जो चाहता है, और न्याय करता है।
- John 18:37 यूहन्ना 18:37पीलातुस ने उस से कहा, कि तू कहता है, क्योंकि मैं राजा हूं; मैं ने इसलिये जन्म लिया, और इसलिये जगत में आया हूं कि सत्य पर गवाही दूं जो कोई सत्य का है, वह मेरा शब्द सुनता है।
- 1 John 4:4 1 यूहन्ना 4:4हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है।
- 2 Thessalonians 2:9–11 2 थिस्सलुनीकियों 2:9–11उस अधर्मी का आना शैतान के कारर्य के अनुसार सब प्रकार की झूठी सामर्थ, और चिन्ह, और अद्भुत काम के साथ। और नाश होनेवालों के लिये अधर्म के सब प्रकार के धोखे के साथ होगा; क्योंकि उन्होंने सत्य के प्रेम को ग्रहण नहीं किया जिस से उन का उद्धार होता। और इसी कारण परमेश्वर उन में एक भटका देनेवाली सामर्थ को भेजेगा ताकि वे झूठ की प्रतीति करें।
- 1 Corinthians 14:37 1 कुरिन्थियों 14:37यदि कोई मनुष्य अपने आप को भविष्यद्वक्ता या आत्मिक जन समझे, तो यह जान ले, कि जो बातें मैं तुम्हें लिखता हूं, वे प्रभु की आज्ञाएं हैं।
- John 16:13 यूहन्ना 16:13परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा।
- Micah 3:8 मीका 3:8परन्तु मैं तो यहोवा की आत्मा से शक्ति, न्याय और पराक्रम पाकर परिपूर्ण हूं कि मैं याकूब को उसका अपराध और इस्राएल को उसका पाप जता सकूं।
Original words (Greek)
- We · G2249ἡμεῖς hēmeîs
- are · G2070ἐσμέν esmén
- of · G1537ἐκ ek
- God · G2316θεός theós
- knoweth · G1097γινώσκω ginṓskō
- God · G2316θεός theós
- heareth · G191ἀκούω akoúō
- us · G2257ἡμῶν hēmōn
- that · G3739ὅς hós
- is · G2076ἐστί estí
- not · G3756οὐ ou
- of · G1537ἐκ ek
- God · G2316θεός theós
- heareth · G191ἀκούω akoúō
- not · G3756οὐ ou
- us · G2257ἡμῶν hēmōn
- Hereby · G1537ἐκ ek
- we · G1097γινώσκω ginṓskō
- spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- truth · G225ἀλήθεια alḗtheia
- and · G2532καί kaí
- spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- error · G4106πλάνη plánē