1 Corinthians · chapter 14 · verse 37
1 Corinthians 14:37 in Hindi
यदि कोई मनुष्य अपने आप को भविष्यद्वक्ता या आत्मिक जन समझे, तो यह जान ले, कि जो बातें मैं तुम्हें लिखता हूं, वे प्रभु की आज्ञाएं हैं।
Yadi koee manushy apane aap ko bhavishyadvaktaa yaa aatmik jan samajhe, to yah jaan le, ki jo baatem maim tumhem likhataa hoom, ve prabhu kee aajnyaaem hain.
1 Corinthians 14:37 in English
- King James Version (KJV)
- If any man think himself to be a prophet, or spiritual, let him acknowledge that the things that I write unto you are the commandments of the Lord.
- World English Bible (WEB)
- If any man thinks himself to be a prophet or spiritual, let him recognize the things which I write to you, that they are the commandment of the Lord.
- American Standard Version (ASV)
- If any man thinketh himself to be a prophet, or spiritual, let him take knowledge of the things which I write unto you, that they are the commandment of the Lord.
- Bible in Basic English (BBE)
- If any man seems to himself to be a prophet or to have the Spirit, let him take note of the things which I am writing to you, as being the word of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- If any one thinks himself to be a prophet or spiritual, let him recognise the things that I write to you, that it is [the] Lord's commandment.
- Webster's Bible (WBS)
- If any man thinketh himself to be a prophet, or spiritual, let him acknowledge that the things that I write to you are the commandments of the Lord.
- Young's Literal Translation (YLT)
- if any one doth think to be a prophet, or spiritual, let him acknowledge the things that I write to you — that of the Lord they are commands;
Read in context
- 35और यदि वे कुछ सीखना चाहें, तो घर में अपने अपने पति से पूछें, क्योंकि स्त्री का कलीसिया में बातें करना लज्जा की बात है।
- 36क्यों परमशॆवर का वचन तुम में से निकला? या केवल तुम ही तक पहुंचा है?
- 37यदि कोई मनुष्य अपने आप को भविष्यद्वक्ता या आत्मिक जन समझे, तो यह जान ले, कि जो बातें मैं तुम्हें लिखता हूं, वे प्रभु की आज्ञाएं हैं।
- 38परन्तु यदि कोई न जाने, तो न जाने।।
- 39सो हे भाइयों, भविष्यद्वाणी करने की धुन में रहो और अन्यभाषा बोलने से मना न करो।
Cross references
- 1 John 4:6 1 यूहन्ना 4:6हम परमेश्वर के हैं: जो परमेश्वर को जानता है, वह हमारी सुनता है; जो परमेश्वर को नहीं जानता वह हमारी नही सुनता; इसी प्रकार हम सत्य की आत्मा और भ्रम की आत्मा को पहचान लेते हैं।
- 2 Corinthians 10:7 2 कुरिन्थियों 10:7तुम इन्हीं बातों को दखते हो, जो आंखों के साम्हने हैं, यदि किसी का अपने पर यह भरोसा हो, कि मैं मसीह का हूं, तो वह यह भी जान ले, कि जैसा वह मसीह का है, वैसे ही हम भी हैं।
- 2 Peter 3:2 2 पतरस 3:2कि तुम उन बातों को, जो पवित्रा भविश्यद्वक्ताओं ने पहिले से कही हैं और प्रभु, और उद्धारकर्ता की उस आज्ञा को स्मरण करो, जो तुम्हारे प्रेरितों के द्वारा दी गई थी।
- Jude 1:17 यहूदा 1:17पर हे प्रियों, तुम उन बातों को स्मरण रखो; जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के प्रेरित पहिले कह चुके हैं।
- 1 Thessalonians 4:1–8 1 थिस्सलुनीकियों 4:1–8निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ। क्योंकि तुम जानते हो, कि हम ने प्रभु यीशु की ओर से तुम्हें कौन कौन सी आज्ञा पहुंचाई। क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम पवित्रा बनो: अर्थात् व्यभिचार से बचे रहो। और तुम में से हर एक पवित्राता और आदर के साथ अपने पात्रा को प्राप्त करना जाने। और यह काम अभिलाषा से नहीं, और न उन जातियों की नाई, जो परमेश्वर को नहीं जानतीं। कि इस बात में कोई अपने भाई को न ठगे, और न उस पर दांव चलाए, क्योंकि प्रभु इस सब बातों का पलटा लेनेवाला है; जैसा कि हम ने पहिले तुम से कहा, और चिताया भी था। क्योंकि परमेश्वर ने हमें अशुद्ध होने के लिये नहीं, परन्तु पवित्रा होने के लिये बुलाया है। इस कारण जो तुच्छ जानता है, वह मनुष्य को नहीं, परन्तु परमेश्वर को तुच्छ जानता है, जो अपना पवित्रा आत्मा तुम्हें देता है।।
- 1 Corinthians 7:25 1 कुरिन्थियों 7:25कुंवारियों के विषय में प्रभु की कोई आज्ञा मुझे नहीं मिली, परन्तु विश्वासयोग्य होने के लिये जैसी दया प्रभु ने मुझ पर की है, उसी के अनुसार सम्मति देता हूं।
- Romans 12:3 रोमियों 12:3क्योंकि मैं उस अनुग्रह के कारण जो मुझ को मिला है, तुम में से हर एक से कहता हूं, कि जैसा समझना चाहिए, उस से बढ़कर कोई भी अपने आप को न समझे पर जैसा परमेश्वर ने हर एक को परिमाण के अनुसार बांट दिया है, वैसा ही सुबुद्धि के साथ अपने को समझे।
- Luke 10:16 लूका 10:16जो तुम्हारी सुनता है, वह मेरी सुनता है, और जो तुम्हें तुच्छ जानता है, वह मुझे तुच्छ जानता है; और जो मुझे तुच्छ जानता है, वह मेरे भेजनेवाले को तुच्छ जानता है।
- Numbers 24:3–4 गिनती 24:3–4तब उसने अपनी गूढ़ बात आरम्भ की, और कहने लगा, कि बोर के पुत्रा बिलाम की यह वाणी है, जिस पुरूष की आंखें बन्द थीं उसी की यह वाणी है, ईश्वर के वचनों का सुननेवाला, जो दण्डवत में पड़ा हुआ खुली हुई आंखों से सर्वशक्तिमान का दर्शन पाता है, उसी की यह वाणी है: कि
- 1 Corinthians 13:1–3 1 कुरिन्थियों 13:1–3यदि मैं मनुष्यों, और सवर्गदूतों की बोलियां बोलूं, और प्रेम न रखूं, तो मैं ठनठनाता हुआ पीतल, और झंझनाती हुई झांझ हूं। और यदि मैं भविष्यद्वाणी कर सकूं, और सब भेदों और सब प्रकार के ज्ञान को समझूं, और मुझे यहां तक पूरा विश्वास हो, कि मैं पहाड़ों को हटा दूं, परन्तु प्रेम न रखूं, तो मैं कुछ भी नहीं। और यदि मैं अपनी सम्पूर्ण संपत्ति कंगालों को खिला दूं, या अपनी देह जलाने के लिये दे दूं, और प्रेम न रखूं, तो मुझे कुछ भी लाभ नहीं।
- 2 Corinthians 10:12 2 कुरिन्थियों 10:12क्योंकि हमें यह हियाव नहीं कि हम अपने आप को उन में से ऐसे कितनों के साथ गिनें, या उन से अपने को मिलाएं, जो अपनी प्रशंसा करते हैं, और अपने आप को आपस में नाप तौलकर एक दूसरे से मिलान करके मूर्ख ठहरते हैं।
- 1 Corinthians 8:2 1 कुरिन्थियों 8:2यदि कोई समझे, कि मैं कुछ जानता हूं, तो जैसा जानना चाहिए वैसा अब तक नहीं जानता।
Original words (Greek)
- If · G1487εἰ ei
- man · G5100τὶς tìs
- himself · G1380δοκέω dokéō
- be · G1511εἶναι eînai
- prophet · G4396προφήτης prophḗtēs
- or · G2228ἤ ḗ
- spiritual · G4152πνευματικός pneumatikós
- acknowledge · G1921ἐπιγινώσκω epiginṓskō
- things · G3739ὅς hós
- that · G3754ὅτι hóti
- write · G1125γράφω gráphō
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- are · G1526εἰσί eisí
- commandments · G1785ἐντολή entolḗ
- Lord · G2962κύριος kýrios