1 John · chapter 4 · verse 7
1 John 4:7 in Hindi
हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है।
He priyom, ham aapas mem prem rakhem; kyonki prem parameshvar se hai: aur jo koee prem karataa hai, vah parameshvar se janmaa hai; aur parameshvar ko jaanataa hai.
1 John 4:7 in English
- King James Version (KJV)
- Beloved, let us love one another: for love is of God; and every one that loveth is born of God, and knoweth God.
- World English Bible (WEB)
- Beloved, let’s love one another, for love is of God; and everyone who loves has been born of God and knows God.
- American Standard Version (ASV)
- Beloved, let us love one another: for love is of God; and every one that loveth is begotten of God, and knoweth God.
- Bible in Basic English (BBE)
- My loved ones, let us have love for one another: because love is of God, and everyone who has love is a child of God and has knowledge of God.
- Darby Translation (DBY)
- Beloved, let us love one another; because love is of God, and every one that loves has been begotten of God, and knows God.
- Webster's Bible (WBS)
- Beloved, let us love one another: for love is from God; and every one that loveth is born of God, and knoweth God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Beloved, may we love one another, because the love is of God, and every one who is loving, of God he hath been begotten, and doth know God;
Read in context
- 5वे संसार के हैं, इस कारण वे संसार की बातें बोलते हैं, और संसार उन की सुनता है।
- 6हम परमेश्वर के हैं: जो परमेश्वर को जानता है, वह हमारी सुनता है; जो परमेश्वर को नहीं जानता वह हमारी नही सुनता; इसी प्रकार हम सत्य की आत्मा और भ्रम की आत्मा को पहचान लेते हैं।
- 7हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है।
- 8जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
- 9जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्रा को जगत में भेजा है, कि हम उसे द्वारा जीवन पाएं।
Cross references
- 1 John 4:8 1 यूहन्ना 4:8जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
- 1 Peter 1:22 1 पतरस 1:22सो जब कि तुम ने भाईचारे की निष्कपट प्रीति के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन मन लगा कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो।
- 1 John 2:10 1 यूहन्ना 2:10जो कोई अपने भाई से प्रेम रखता है, वह ज्योति में रहता है, और ठोकर नहीं खा सकता।
- Galatians 5:22 गलातियों 5:22पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
- 1 Thessalonians 4:9–10 1 थिस्सलुनीकियों 4:9–10किन्तु भाईचारे की प्रीति के विषय में यह अवश्य नहीं, कि मैं तुम्हारे पास कुछ लिखूं; क्योंकि आपस में प्रेम रखना तुम ने आप ही परमेश्वर से सीखा है। और सारे मकिदुनिया के सब भाइयों के साथ ऐसा करते भी हो, पर हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि और भी बढ़ते जाओ।
- 2 Timothy 1:7 2 तीमुथियुस 1:7क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है।
- 1 John 4:12 1 यूहन्ना 4:12परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।
- 1 John 3:10–23 1 यूहन्ना 3:10–23इसी से परमेश्वर की सन्तान, और शैतान की सन्तान जाने जाते हैं; जो कोई धर्म के काम नहीं करता, वह परमेश्वर से नहीं, और न वह, जो अपने भाई से प्रेम नहीं रखता। क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से बैर रखे। और कैन के समान न बनें, जो उस दुष्ट से था, और जिस ने अपने भाई को घात किया: और उसे किस कारण घात किया? इस कारण कि उसके काम बुरे थे, और उसके भाई के काम धर्म के थे।। हे भाइयों, यदि संसार तुम से बैर करता है तो अचम्भा न करना। हम जानते हैं, कि हम मृत्यु से पार होकर जीवन में पहुंचे हैं; क्योंकि हम भाइयों से प्रेम रखते हैं: जो प्रेम नहीं रखता, वह मृत्यु की दशा में रहता है। जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह हत्यारा है; और तुम जानते हो, कि किसी हत्यारे में अनन्त जीवन नहीं रहता। हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसे विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है। हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है। और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है; क्योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं; और जो उसे भाता है वही करते हैं। और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्रा यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उस ने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें।
- 1 John 2:29 1 यूहन्ना 2:29यदि तुम जानते हो, कि वह धार्मिक है, तो यह भी जानते हो, कि जो कोई धर्म का काम करता है, वह उस से जन्मा है।
- Deuteronomy 30:6 व्यवस्थाविवरण 30:6और तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे और तेरे वंश के मन का खतना करेगा, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन और सारे प्राण के साथ प्रेम करे, जिस से तू जीवित रहे।
- John 17:3 यूहन्ना 17:3और अनन्त जीवन यह है, कि वे तुझ अद्वैत सच्चे परमेश्वर को और यीशु मसीह को, जिसे तू ने भेजा है, जाने।
Original words (Greek)
- Beloved · G27ἀγαπητός agapētós
- love · G25ἀγαπάω agapáō
- another · G240ἀλλήλων allḗlōn
- for · G3754ὅτι hóti
- love · G26ἀγάπη agápē
- is · G2076ἐστί estí
- of · G1537ἐκ ek
- God · G2316θεός theós
- and · G2532καί kaí
- one · G3956πᾶς pâs
- that · G3588ὁ ho
- loveth · G25ἀγαπάω agapáō
- born · G1080γεννάω gennáō
- of · G1537ἐκ ek
- God · G2316θεός theós
- and · G2532καί kaí
- knoweth · G1097γινώσκω ginṓskō
- God · G2316θεός theós