1 Kings · chapter 1 · verse 41
1 Kings 1:41 in Hindi
जब अदोनिरयाह और उसके सब नेवतहरी खा चुके थे, तब यह ध्वनि उनको सुनाई पड़ी। और योआब ने नरसिंगे का शब्द सुनकर पूछा, नगर में हलचल और चिल्लाहट का शब्द क्यों हो रहा है?
Jab adonirayaah aur usake sab nevataharee khaa chuke the, tab yah dhvani unako sunaaee padee. Aur yoaab ne narasinge kaa shabd sunakar poochhaa, nagar mem halachal aur chillaahat kaa shabd kyom ho rahaa hai?
1 Kings 1:41 in English
- King James Version (KJV)
- And Adonijah and all the guests that [were] with him heard [it] as they had made an end of eating. And when Joab heard the sound of the trumpet, he said, Wherefore [is this] noise of the city being in an uproar?
- World English Bible (WEB)
- Adonijah and all the guests who were with him heard it as they had finished eating. When Joab heard the sound of the trumpet, he said, “Why is this noise of the city being in an uproar?”
- American Standard Version (ASV)
- And Adonijah and all the guests that were with him heard it as they had made an end of eating. And when Joab heard the sound of the trumpet, he said, Wherefore is this noise of the city being in an uproar?
- Bible in Basic English (BBE)
- And it came to the ears of Adonijah and all the guests who were with him, when their meal was ended. And Joab, hearing the sound of the horn, said, What is the reason of this noise as if the town was worked up?
- Darby Translation (DBY)
- And Adonijah and all the guests that were with him heard [it] as they were finishing their repast; and Joab heard the sound of the trumpet, and he said, Wherefore this noise of the city in an uproar?
- Webster's Bible (WBS)
- And Adonijah and all the guests that [were] with him heard [it] as they had made an end of eating. And when Joab heard the sound of the trumpet, he said, Why [is this] noise of the city being in an uproar?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Adonijah heareth, and all those called, who [are] with him, and they have finished to eat, and Joab heareth the noise of the trumpet, and saith, 'Wherefore [is] the noise of the city roaring?'
Read in context
- 39तब सादोक याजक ने यहोवा के तम्बू में से तेल भरा हुआ सींग निकाला, और सुलैमान का राज्याभिषेक किया। और वे नरसिंगे फूंकने लगे; और सब लोग बोल उठे, राजा सुलैमान जीविन रहे।
- 40तब सब लोग उसके पीछे पीछे बांसुली बजाते और इतना बड़ा आनन्द करते हुए ऊपर गए, कि उनकी ध्वनि से पृथ्वी डोल उठी।
- 41जब अदोनिरयाह और उसके सब नेवतहरी खा चुके थे, तब यह ध्वनि उनको सुनाई पड़ी। और योआब ने नरसिंगे का शब्द सुनकर पूछा, नगर में हलचल और चिल्लाहट का शब्द क्यों हो रहा है?
- 42वह यह कहता ही था, कि एब्यातार याजक का पुत्रा योनातन आया और अदोनिरयाह ने उस से कहा, भीतर आ; तू तो भला मनुष्य है, और भला समाचार भी लाया होगा।
- 43योनातन ने अदोनिरयाह से कहा, सचमुच हमारे प्रभु राजा दाऊद ने सुलैमान को राजा बना दिया।
Cross references
- Matthew 21:15 मत्ती 21:15परन्तु जब महायजकों और शास्त्रियों ने इन अद्भुत कामों को, जो उस ने किए, और लड़कों को मन्दिर में दाऊद की सन्तान को होशाना पुकारते हुए देखा, तो क्रोधित होकर उस से कहने लगे, क्या तू सुनता है कि ये क्या कहते हैं?
- Ecclesiastes 7:4–6 सभोपदेशक 7:4–6बुद्धिमानों का मन शोक करनेवालों के घर की ओर लगा रहता है परन्तु मूर्खों का मन आनन्द करनेवालों के घर लगा रहता है। मूर्खों के गीत सुनने से बुद्धिमान की घुड़की सुनना उत्तम है। क्योंकि मूर्ख की हंसी हांडी के नीचे जलते हुए कांटो ही चरचराहट के समान होती है; यह भी व्यर्थ है।
- Luke 17:26–29 लूका 17:26–29जैसा नूह के दिनों में हुआ था, वैसा ही मनुष्य के पुत्रा के दिनों में भी होगा। जिस दिन तक नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते- पीते थे, और उन में ब्याह- शादी होती थीे; तब जल- प्रलय ने आकर उन सब को नाश किया। और जैसा लूत के दिनों में हुआ था, कि लोग खाते- पीते लेन- देन करते, पेड़ लगाते और घर बनाते थे। परन्तु जिस दिन लूत सदोम से निकला, उस दिन आग और गन्धक आकाश से बरसी और सब को नाश कर दिया।
- Acts 21:31 प्रेरितों के काम 21:31जब वे उसके मार डालता चाहते थे, तो पलटन के सारदार को सन्देश पहुंचा कि सारे यरूशलेम में कोलाहल मच रहा है।
- Exodus 32:17 निर्गमन 32:17जब यहोशू को लोगों के कोलाहल का शब्द सुनाई पड़ा, तब उस ने मूसा से कहा, छावनी से लड़ाई का सा शब्द सुनाई देता है।
- Job 20:5 अय्यूब 20:5कि दुष्टों का ताली बजाना जल्दी बन्द हो जाता और भक्तिहीनों का आनन्द पल भर का होता है?
- Matthew 24:38–39 मत्ती 24:38–39क्योंकि जैसे जल-प्रलय से पहिले के दिनों में, जिस दिन तक कि नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते-पीते थे, और उन में ब्याह शादी होती थी। और जब तक जल-प्रलय आकर उन सब को बहा न ले गया, तब तक उन को कुछ भी मालूम न पड़ा; वैसे ही मनुष्य के पुत्र का आना भी होगा।
- Psalm 73:18–20 भजन संहिता 73:18–20निश्चय तू उन्हें फिसलनेवाले स्थानों में रखता है; और गिराकर सत्यानाश कर देता है। अहा, वे क्षण भर में कैसे उजड़ गए हैं! वे मिट गए, वे घबराते घबराते नाश हो गए हैं। जैसे जागनेहारा स्वप्न को तुच्छ जानता है, वैसे ही हे प्रभु जब तू उठेगा, तब उनको छाया से समझकर तुच्छ जानेगा।।
- Proverbs 14:13 नीतिवचन 14:13हंसी के समय भी मन उदास होता है, और आनन्द के अन्त में शोक होता है।
- Matthew 21:9–11 मत्ती 21:9–11और जो भीड़ आगे आगे जाती और पीछे पीछे चली आती थी, पुकार पुकार कर कहती थी, कि दाऊद की सन्तान को होशाना; धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है, आकाश में होशाना। जब उस ने यरूशलेम में प्रवेश किया, तो सारे नगर में हलचल मच गई; और लोग कहने लगे, यह कौन है? लोगों ने कहा, यह गलील के नासरत का भविष्यद्वक्ता यीशु है।।
- Job 15:21–22 अय्यूब 15:21–22उसके कान में डरावना शब्द गूंजता रहता है, कुशल के समय भी नाशक उस पर आ पड़ता है। उसे अन्ध्यिारे में से फिर निकलने की कुछ आशा नहीं होती, और तलवार उसकी घात में रहती है।
Original words (Hebrew)
- Adonijah · H138אֲדֹנִיָּה ʼĂdônîyâh
- guests · H7121קָרָא qârâʼ
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- end · H3615כָּלָה kâlâh
- eating · H398אָכַל ʼâkal
- Joab · H3097יוֹאָב Yôwʼâb
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- sound · H6963קוֹל qôwl
- trumpet · H7782שׁוֹפָר shôwphâr
- said · H559אָמַר ʼâmar
- noise · H6963קוֹל qôwl
- city · H7151קִרְיָה qiryâh
- uproar · H1993הָמָה hâmâh