Proverbs · chapter 14 · verse 13
Proverbs 14:13 in Hindi
हंसी के समय भी मन उदास होता है, और आनन्द के अन्त में शोक होता है।
Hansee ke samay bhee man udaas hotaa hai, aur aanand ke ant mem shok hotaa hai.
Proverbs 14:13 in English
- King James Version (KJV)
- Even in laughter the heart is sorrowful; and the end of that mirth [is] heaviness.
- World English Bible (WEB)
- Even in laughter the heart may be sorrowful, and mirth may end in heaviness.
- American Standard Version (ASV)
- Even in laughter the heart is sorrowful; And the end of mirth is heaviness.
- Bible in Basic English (BBE)
- Even while laughing the heart may be sad; and after joy comes sorrow.
- Darby Translation (DBY)
- Even in laughter the heart is sorrowful, and the end of mirth is sadness.
- Webster's Bible (WBS)
- Even in laughter the heart is sorrowful; and the end of that mirth [is] heaviness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Even in laughter is the heart pained, And the latter end of joy [is] affliction.
Read in context
- 11दुष्टों को घर विनाश हो जाता है, परन्तु सीधे लोगों के तम्बू में आबादी होती है।
- 12ऐसा मार्ग है, जो मनुष्य को ठीक देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है।
- 13हंसी के समय भी मन उदास होता है, और आनन्द के अन्त में शोक होता है।
- 14जिसका मन ईश्वर की ओर से हट जाता है, वह अपनी चालचलन का फल भोगता है, परन्तु भला मनुष्य आप ही आप सन्तुष्ट होता है।
- 15भोला तो हर एक बात को सच मानता है, परन्तु चतुर मनुष्य समझ बूझकर चलता है।
Cross references
- Ecclesiastes 2:2 सभोपदेशक 2:2मैं ने हंसी के विषय में कहा, यह तो बावलापन है, और आनन्द के विषय में, उस से क्या प्राप्त होता है?
- James 4:9 याकूब 4:9दुखी होओ, और शोक करा, और रोओ: तुम्हारी हंसी शोक से और तुम्हारा आनन्द उदासी से बदल जाए।
- Ecclesiastes 11:9 सभोपदेशक 11:9हे जवान, अपनी जवानी में आनन्द कर, और अपनी जवानी के दिनों के मगन रह; अपनी मनमानी कर और अपनी आंखों की दृष्टि के अनुसार चल। परन्तु यह जान रख कि इन सब बातों के विषय में परमेश्वर तेरा न्याय करेगा।।
- Proverbs 5:4 नीतिवचन 5:4परन्तु इसका परिणाम नागदौना सा कडुवा और दोधारी तलवार सा पैना होता है।
- Ecclesiastes 7:5–6 सभोपदेशक 7:5–6मूर्खों के गीत सुनने से बुद्धिमान की घुड़की सुनना उत्तम है। क्योंकि मूर्ख की हंसी हांडी के नीचे जलते हुए कांटो ही चरचराहट के समान होती है; यह भी व्यर्थ है।
- Luke 16:25 लूका 16:25परन्तु इब्राहीम ने कहा; हे पुत्र स्मरण कर, कि तू अपने जीवन में अच्छी वस्तुएं ले चुका है, और वैसे ही लाजर बुरी वस्तुएं: परन्तु अब वह यहां शान्ति पा रहा है, और तू तड़प रहा है।
- Ecclesiastes 2:10–11 सभोपदेशक 2:10–11और जितनी वस्तुओं के देखने की मैं ने लालसा की, उन सभों को देखने से मैं न रूका; मैं ने अपना मन किसी प्रकार का आनन्द भोगने से न रोका क्योंकि मेरा मन मेरे सब परिश्रम के कारण आनन्दित हुआ; और मेरे सब परिश्रम से मुझे यही भाग मिला। तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं।।
- Revelation 18:7–8 प्रकाशितवाक्य 18:7–8जितनी उस ने अपनी बड़ाई की और सुख- विलास किया; उतनी उस को पीड़ा, और शोक दो; क्योंकि वह अपने मन में कहती है, मैं रानी हो बैठी हूं, विधवा नहीं; और शोक में कभी न पडूंगी। इस कारण एक ही दिन में उस पर विपत्तियां आ पड़ेंगी, अर्थात् मृत्यु, और शोक, और अकाल; और वह आग में भस्म कर दी जाएगी, क्योंकि उसका न्यायी प्रभु परमेश्वर शक्तिमान है।