1 Kings · chapter 13 · verse 21
1 Kings 13:21 in Hindi
और उस ने परमेश्वर के उस जन को जो यहूदा से आया था, पुकार के कहा, यहोवा यों कहता है इसलिये कि तू ने यहोवा का वचन न माना, और जो आज्ञा तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझे दी थी उसे भी नहीं माना;
Aur us ne parameshvar ke us jan ko jo yahoodaa se aayaa thaa, pukaar ke kahaa, yahovaa yom kahataa hai isaliye ki too ne yahovaa kaa vachan na maanaa, aur jo aajnyaa tere parameshvar yahovaa ne tujhe dee thee use bhee naheem maanaa;
1 Kings 13:21 in English
- King James Version (KJV)
- And he cried unto the man of God that came from Judah, saying, Thus saith the LORD, Forasmuch as thou hast disobeyed the mouth of the LORD, and hast not kept the commandment which the LORD thy God commanded thee,
- World English Bible (WEB)
- and he cried out to the man of God who came from Judah, saying, “The LORD says, ‘Because you have been disobedient to the LORD’s word, and have not kept the commandment which the LORD your God commanded you,
- American Standard Version (ASV)
- and he cried unto the man of God that came from Judah, saying, Thus saith Jehovah, Forasmuch as thou hast been disobedient unto the mouth of Jehovah, and hast not kept the commandment which Jehovah thy God commanded thee,
- Bible in Basic English (BBE)
- And crying out to the man of God who came from Judah, he said, The Lord says, Because you have gone against the voice of the Lord, and have not done as you were ordered by the Lord,
- Darby Translation (DBY)
- and he cried to the man of God that came from Judah, saying, Thus saith Jehovah: Forasmuch as thou hast disobeyed the word of Jehovah, and hast not kept the commandment that Jehovah thy God commanded thee,
- Webster's Bible (WBS)
- And he cried to the man of God that came from Judah, saying, Thus saith the LORD, Forasmuch as thou hast disobeyed the mouth of the LORD, and hast not kept the commandment which the LORD thy God commanded thee,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he calleth unto the man of God who came from Judah, saying, 'Thus said Jehovah, Because that thou hast provoked the mouth of Jehovah, and hast not kept the command that Jehovah thy God charged thee,
Read in context
- 19अतएव वह उसके संग लौट गया और उसके घर में रोटी खाई और मानी पीया।
- 20और जब वे मेज पर बैठे ही थे, कि यहोवा का वचन उस नबी के पास पहुंचा, जो दूसरे को लौटा ले आया था।
- 21और उस ने परमेश्वर के उस जन को जो यहूदा से आया था, पुकार के कहा, यहोवा यों कहता है इसलिये कि तू ने यहोवा का वचन न माना, और जो आज्ञा तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझे दी थी उसे भी नहीं माना;
- 22परन्तु जिस स्थान के विषय उस ने तुझ से कहा था, कि उस में न तो रोटी खाना और न पानी पीना, उसी में तू ने लौट कर रोटी खाई, और पानी भी पिया है इस कारण तूझे अपने पुरखाओं के कब्रिस्तान में मिट्टी नहीं दी जाएगी।
- 23जब यह खा पी चुका, तब उस ने परमेश्वर के उस जन के लिये जिसको वह लौटा ले आया था गदहे पर काठी बन्धाई।
Cross references
- 1 Samuel 13:13–14 1 शमूएल 13:13–14शमूएल ने शाऊल से कहा, तू ने मूर्खता का काम किया है; तू ने अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा को नहीं माना; नहीं तो यहोवा तेरा राज्य इस्राएलियों के ऊपर सदा स्थिर रखता। परन्तु अब तेरा राज्य बना न रहेगा; यहोवा ने अपने लिये एक ऐसे पुरूष को ढूंढ़ लिया है जो उसके मन के अनुसार है; और यहोवा ने उसी को अपनी प्रजा पर प्रधान होने को ठहराया है, क्योंकि तू ने यहोवा की आज्ञा को नहीं माना।।
- 1 Samuel 15:22–24 1 शमूएल 15:22–24शमूएल ने कहा, क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन मानना तो बलि चढ़ाने और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है। देख बलवा करना और भावी कहनेवालों से पूछना एक ही समान पाप है, और हठ करना मूरतों और गृहदेवताओं की पूजा के तुल्य है। तू ने जो यहोवा की बात को तुच्छ जाना, इसलिये उस ने तुझे राजा होने के लिये तुच्छ जाना है। शाऊल ने शमूएल से कहा, मैं ने पाप किया है; मैं ने तो अपनी प्रजा के लोगों का भय मानकर और उनकी बात सुनकर यहोवा की आज्ञा और तेरी बातों का उल्लंघन किया है।
- Galatians 1:8–9 गलातियों 1:8–9परन्तु यदि हम या स्वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हम ने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो स्त्रामित हो। जैसा हम पहिले कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर कहता हूं, कि उस सुसमाचार को छोड़ जिसे तुम ने ग्रहण किया है, यदि कोई और सुसमाचार सुनाता है, तो स्त्रापित हो। अब मैं क्या मनुष्यों को मानता हूं या परमेश्वर को? क्या मैं मनुष्यों को प्रसन्न करना चाहता हूं?
- 1 Samuel 15:19 1 शमूएल 15:19फिर तू ने किस लिये यहोवा की वह बात टालकर लूट पर टूट के वह काम किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है?
- 1 Samuel 4:18 1 शमूएल 4:18ज्योंही उस ने परमेश्वर के सन्दूक का नाम लिया त्योंही एली फाटक के पास कुर्सी पर से पछाड़ खाकर गिर पड़ा; और बूढ़े और भारी होने के कारण उसकी गर्दन टूट गई, और वह मर गया। उस ने तो इस्राएलियों का न्याय चालीस वर्ष तक किया था।
- 2 Samuel 24:13 2 शमूएल 24:13सो गाद ने दाऊद के पास जाकर इसका समाचार दिया, और उस से पूछा, क्या तेरे देश में सात वर्ष का अकाल पड़े? वा तीन महीने तक तेरे शत्रु तेरा पीछा करते रहें और तू उन से भागता रहे? वा तेरे देश में तीन दिन तक मरी फैली रहे? अब सोच विचार कर, कि मैं अपने भेजनेवाले को क्या उत्तर दूं।
- Revelation 3:19 प्रकाशितवाक्य 3:19मैं जिन जिन से प्रीति रखता हूं, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूं, इसलिये सरगर्म हो, और मन फिरा।
- Esther 6:13 एस्तेर 6:13और हामान ने अपनी पत्ती जेरेश और अपने सब मित्रों से सब कुछ जो उस पर बीता था वर्णन किया।
- Leviticus 10:3 लैव्यव्यवस्था 10:3तब मूसा ने हारून से कहा, यह वही बात है जिसे यहोवा ने कहा था, कि जो मेरे समीप आए अवश्य है कि वह मुझे पवित्रा जाने, और सारी जनता के साम्हने मेरी महिमा करे। और हारून चुप रहा।
- Jeremiah 2:19 यिर्मयाह 2:19तेरी बुराई ही तेरी ताड़ना करेगी, और तेरा भटक जाना तुझे उलाहना देगा। जान ले और देख कि अपने परमेश्वर यहोवा को त्यागना, यह बुरी और कड़वी बात है; तुझे मेरा भय ही नहीं रहा, प्रभु सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।
- Numbers 20:24 गिनती 20:24हारून अपने लोगों मे जा मिलेगा; क्योंकि तुम दोनो ने जो मरीबा नाम सोते पर मेरा कहना छोड़कर मुझ से बलवा किया है, इस कारण वह उस देश में जाने न पाएगा जिसे मैं ने इस्त्राएलियों को दिया है।
- Numbers 20:12 गिनती 20:12परन्तु मूसा और हारून से यहोवा ने कहा, तुम ने जो मुझ पर विश्वास नहीं किया, और मुझे इस्त्राएलियों की दृष्टि में पवित्रा नहीं ठहराया, इसलिये तुम इस मण्डली को उस देश में पहुंचाने न पाओगे जिसे मैं ने उन्हें दिया है।
Original words (Hebrew)
- cried · H7121קָרָא qârâʼ
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- as · H3282יַעַן yaʻan
- disobeyed · H4784מָרָה mârâh
- mouth · H6310פֶּה peh
- kept · H8104שָׁמַר shâmar
- commandment · H4687מִצְוָה mitsvâh
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- commanded · H6680צָוָה tsâvâh