1 Kings · chapter 19 · verse 4
1 Kings 19:4 in Hindi
और आप जंगल में एक दिन के मार्ग पर जाकर एक झाऊ के पेड़ के तले बैठ गया, वहां उस ने यह कह कर अपनी मृत्यु मांगी कि हे यहोवा बस है, अब मेरा प्राण ले ले, क्योंकि मैं अपने पुरखाओं से अच्छा नहीं हूँ।
Aur aap jangal mem ek din ke maarg par jaakar ek jhaaoo ke ped ke tale baith gayaa, vahaam us ne yah kah kar apanee mrutyu maangee ki he yahovaa bas hai, ab meraa praan le le, kyonki maim apane purakhaaom se achchhaa naheem hoon.
1 Kings 19:4 in English
- King James Version (KJV)
- But he himself went a day’s journey into the wilderness, and came and sat down under a juniper tree: and he requested for himself that he might die; and said, It is enough; now, O LORD, take away my life; for I [am] not better than my fathers.
- World English Bible (WEB)
- But he himself went a day’s journey into the wilderness, and came and sat down under a juniper tree. Then he requested for himself that he might die, and said, “It is enough. Now, O LORD, take away my life; for I am not better than my fathers.”
- American Standard Version (ASV)
- But he himself went a day’s journey into the wilderness, and came and sat down under a juniper-tree: and he requested for himself that he might die, and said, It is enough; now, O Jehovah, take away my life; for I am not better than my fathers.
- Bible in Basic English (BBE)
- While he himself went a day's journey into the waste land, and took a seat under a broom-plant, desiring for himself only death; for he said, It is enough: now, O Lord, take away my life, for I am no better than my fathers.
- Darby Translation (DBY)
- And he himself went a day's journey into the wilderness, and came and sat down under a certain broom-bush, and requested for himself that he might die; and said, It is enough: now, Jehovah, take my life; for I am not better than my fathers.
- Webster's Bible (WBS)
- But he himself went a day's journey into the wilderness, and came and sat down under a juniper-tree: and he requested for himself that he might die; and said, It is enough; now, O LORD, take away my life; for I [am] not better than my fathers.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he himself hath gone into the wilderness a day's Journey, and cometh and sitteth under a certain retem-tree, and desireth his soul to die, and saith, 'Enough, now, O Jehovah, take my soul, for I [am] not better than my fathers.'
Read in context
- 2तब ईज़ेबेल ने एलिरयाह के पास एक दूत के द्वारा कहला भेजा, कि यदि मैं कल इसी समय तक तेरा प्राण उनका सा न कर डालूं तो देवता मेरे साथ वैसा ही वरन उस से भी अधिक करें।
- 3यह देख एलिरयाह अपना प्राण लेकर भागा, और यहूदा के बेश् बा को पहुंचकर अपने सेवक को वहीं छोड़ दिया।
- 4और आप जंगल में एक दिन के मार्ग पर जाकर एक झाऊ के पेड़ के तले बैठ गया, वहां उस ने यह कह कर अपनी मृत्यु मांगी कि हे यहोवा बस है, अब मेरा प्राण ले ले, क्योंकि मैं अपने पुरखाओं से अच्छा नहीं हूँ।
- 5चह झाऊ के पेड़ तले लेटकर सो गया और देखो एक दूत ने उसे छूकर कहा, उठकर खा।
- 6उस ने दृष्टि करके क्या देखा कि मेरे सिरहाने पत्थरों पर पको ऊई एक रोटी, और एक सुराही पानी धरा है; तब उस ने खाया और पिया और फिर लेट गया।
Cross references
- Jonah 4:3 योना 4:3सो अब हे यहोवा, मेरा प्राण ले ले; क्योंकि मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही भला है।
- Numbers 11:15 गिनती 11:15और जो तुझे मेरे साथ यही व्यवहार करना है, तो मुझ पर तेरा इतना अनुग्रह हो, कि तू मेरे प्राण एकदम ले ले, जिस से मैं अपनी दुर्दशा न देखने पाऊं।।
- Jonah 4:8 योना 4:8जब सूर्य उगा, तब परमेश्वर ने पुरवाई बहाकर लू चलाई, और घाम योना के सिर पर ऐसा लगा कि वह मूर्च्छा खाने लगा; और उस ने यह कहकर मृत्यु मांगी, मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही अच्छा है।
- Jeremiah 20:14–18 यिर्मयाह 20:14–18स्रापित हो वह दिन जिस में मैं उत्पन्न हुआ! जिस दिन मेरी माता ने मुझ को जन्म दिया वह धन्य न हो! स्रापित हो वह जन जिस ने मेरे पिता को यह समाचार देकर उसको बहुत आनन्दित किया कि तेरे लड़का उत्पन्न हुआ है। उस जन की दशा उन नगरों की सी हो जिन्हें यहोवा ने बिन दया ढा दिया; उसे सवेरे तो चिल्लाहट और दोपहर को युठ्ठ की ललकार सुनाई दिया करे, क्योंकि उस ने मुझे गर्भ ही में न मार डाला कि मेरी माता का गर्भाशय ही मेरी क़ब्र होती, और मैं उसी में सदा पड़ा रहता। मैं क्यों उत्पात और शोक भोगने के लिये जन्मा और कि अपने जीवन में परिश्रम और दुेचा देखूं, और उपने दिन नामधराई में व्यतीत करूं?
- Philippians 1:21–24 फिलिप्पियों 1:21–24क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है। पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं। क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच करके मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है। परन्तु शरीर में रहना तुम्हारे कारण और भी आवश्यक है।
- 1 Kings 19:3 1 राजा 19:3यह देख एलिरयाह अपना प्राण लेकर भागा, और यहूदा के बेश् बा को पहुंचकर अपने सेवक को वहीं छोड़ दिया।
- Job 3:20–22 अय्यूब 3:20–22दु:खियों को उजियाला, और उदास मनवालों को जीवन क्यों दिया जाता है? वे मृत्यु की बाट जोहते हैं पर वह आती नहीं; और गड़े हुए धन से अधिक उसकी खोज करते हैं; वे क़ब्र को पहुंचकर आनन्दित और अत्यन्त मगन होते हैं।
- Romans 3:9 रोमियों 3:9तो फिर क्या हुआ? क्या हम उन से अच्छे हैं? कभी नही; क्योंकि हम यहूदियों और यूनानियों दोनों पर यह दोष लगा चुके हैं कि वे सब के सब पाप के वश में हैं।
- 2 Kings 2:11 2 राजा 2:11वे चलते चलते बातें कर रहे थे, कि अचानक एक अग्नि मय रथ और अग्निमय धोड़ों ने उनको अलग अलग किया, और एलिरयाह बवंडर में होकर स्वर्ग पर चढ़ गया।
- Genesis 21:15–16 उत्पत्ति 21:15–16जब थैली का जल चुक गया, तब उस ने लड़के को एक झाड़ी के नीचे छोड़ दिया। और आप उस से तीर भर के टप्पे पर दूर जाकर उसके साम्हने यह सोचकर बैठ गई, कि मुझ को लड़के की मृत्यु देखनी न पड़े। तब वह उसके साम्हने बैठी हुई चिल्ला चिल्ला के रोने लगी।
- Amos 6:2 आमोस 6:2कलने नगर को जाकर देखो, और वहां से हमात नाम बड़े नगर को जाओ; फिर पलिश्तियों के गत नगर को जाओ। क्या वे इन राज्यों से उत्तम हैं? क्या उनका देश तुम्हारे देश से कुछ बड़ा है?
- Matthew 6:26 मत्ती 6:26आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते।
Original words (Hebrew)
- went · H1980הָלַךְ hâlak
- day’s · H3117יוֹם yôwm
- journey · H1870דֶּרֶךְ derek
- wilderness · H4057מִדְבָּר midbâr
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- down · H3427יָשַׁב yâshab
- a · H259אֶחָד ʼechâd
- tree · H7574רֶתֶם rethem
- requested · H7592שָׁאַל shâʼal
- himself · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- die · H4191מוּת mûwth
- said · H559אָמַר ʼâmar
- enough · H7227רַב rab
- away · H3947לָקַח lâqach
- life · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- better · H2896טוֹב ṭôwb
- fathers · H1אָב ʼâb