Jonah · chapter 4 · verse 3
Jonah 4:3 in Hindi
सो अब हे यहोवा, मेरा प्राण ले ले; क्योंकि मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही भला है।
So ab he yahovaa, meraa praan le le; kyonki mere liye jeevit rahane se maranaa hee bhalaa hai.
Jonah 4:3 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore now, O LORD, take, I beseech thee, my life from me; for [it is] better for me to die than to live.
- World English Bible (WEB)
- Therefore now, LORD, take, I beg you, my life from me, for it is better for me to die than to live.”
- American Standard Version (ASV)
- Therefore now, O Jehovah, take, I beseech thee, my life from me; for it is better for me to die than to live.
- Bible in Basic English (BBE)
- So now, O Lord, give ear to my prayer and take my life from me; for death is better for me than life.
- Darby Translation (DBY)
- And now, Jehovah, take, I beseech thee, my life from me, for it is better for me to die than to live.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore now, O LORD, take, I beseech thee, my life from me; for [it is] better for me to die than to live.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And now, O Jehovah, take, I pray Thee, my soul from me, for better [is] my death than my life.'
Read in context
- 1यह बात योना को बहुत ही बुरी लगी, और उसका क्रोध भड़का।
- 2और उस ने यहोवा से यह कहकर प्रार्थना की, हे यहोवा जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैं ने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिये फुर्ती की; क्योंकि मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर है, विलम्ब से कोप करनेवाला करूणानिधान है, और दु:ख देने से प्रसन्न नहीं होता।
- 3सो अब हे यहोवा, मेरा प्राण ले ले; क्योंकि मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही भला है।
- 4यहोवा ने कहा, तेरा जो क्रोध भड़का है, क्या वह उचित है?
- 5इस पर योना उस नगर से निकलकर, उसकी पूरब ओर बैठ गया; और वहां एक छप्पर बनाकर उसकी छाया में बैठा हुआ यह देखने लगा कि नगर को क्या होगा?
Cross references
- 1 Kings 19:4 1 राजा 19:4और आप जंगल में एक दिन के मार्ग पर जाकर एक झाऊ के पेड़ के तले बैठ गया, वहां उस ने यह कह कर अपनी मृत्यु मांगी कि हे यहोवा बस है, अब मेरा प्राण ले ले, क्योंकि मैं अपने पुरखाओं से अच्छा नहीं हूँ।
- Ecclesiastes 7:1 सभोपदेशक 7:1अच्छा नाम अनमोल इत्रा से और मृत्यु का दिन जन्म के दिन से उत्तम है।
- Numbers 11:15 गिनती 11:15और जो तुझे मेरे साथ यही व्यवहार करना है, तो मुझ पर तेरा इतना अनुग्रह हो, कि तू मेरे प्राण एकदम ले ले, जिस से मैं अपनी दुर्दशा न देखने पाऊं।।
- Jeremiah 20:14–18 यिर्मयाह 20:14–18स्रापित हो वह दिन जिस में मैं उत्पन्न हुआ! जिस दिन मेरी माता ने मुझ को जन्म दिया वह धन्य न हो! स्रापित हो वह जन जिस ने मेरे पिता को यह समाचार देकर उसको बहुत आनन्दित किया कि तेरे लड़का उत्पन्न हुआ है। उस जन की दशा उन नगरों की सी हो जिन्हें यहोवा ने बिन दया ढा दिया; उसे सवेरे तो चिल्लाहट और दोपहर को युठ्ठ की ललकार सुनाई दिया करे, क्योंकि उस ने मुझे गर्भ ही में न मार डाला कि मेरी माता का गर्भाशय ही मेरी क़ब्र होती, और मैं उसी में सदा पड़ा रहता। मैं क्यों उत्पात और शोक भोगने के लिये जन्मा और कि अपने जीवन में परिश्रम और दुेचा देखूं, और उपने दिन नामधराई में व्यतीत करूं?
- Jonah 4:8 योना 4:8जब सूर्य उगा, तब परमेश्वर ने पुरवाई बहाकर लू चलाई, और घाम योना के सिर पर ऐसा लगा कि वह मूर्च्छा खाने लगा; और उस ने यह कहकर मृत्यु मांगी, मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही अच्छा है।
- Numbers 20:3 गिनती 20:3और लोग यह कहकर मूसा से झगड़ने लगे, कि भला होता कि हम उस समय ही मर गए होते जब हमारे भाई यहोवा के साम्हने मर गए!
- Job 6:8–9 अय्यूब 6:8–9भला होता कि मुझे मुंह मांगा वर मिलता और जिस बात की मैं आशा करता हूँ वह ईश्वर मुझे दे देता! कि ईश्वर प्रसन्न होकर मुझे कुचल डालता, और हाथ बढ़ाकर मुझे काट डालता!
- Job 3:20–21 अय्यूब 3:20–21दु:खियों को उजियाला, और उदास मनवालों को जीवन क्यों दिया जाता है? वे मृत्यु की बाट जोहते हैं पर वह आती नहीं; और गड़े हुए धन से अधिक उसकी खोज करते हैं;
- Job 7:15–16 अय्यूब 7:15–16यहां तक कि मेरा जी फांसी को, और जीवन से मृत्यु को अधिक चाहता है। मुझे अपने जीवन से घृणा आती है; मैं सर्वदा जीवित रहना नहीं चाहता। मेरा जीवनकाल सांस सा है, इसलिये मुझे छोड़ दे।
- 1 Corinthians 9:15 1 कुरिन्थियों 9:15परन्तु मैं इन में से कोई भी बात काम में न लाया, और मैं ने तो ये बातें इसलिये नहीं लिखीं, कि मेरे लिये ऐसा किया जाए, क्योंकि इस से तो मेरा मरना ही भला है; कि कोई मेरा घमण्ड व्यर्थ ठहराए।
- Philippians 1:21–25 फिलिप्पियों 1:21–25क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है। पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं। क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच करके मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है। परन्तु शरीर में रहना तुम्हारे कारण और भी आवश्यक है। और इसलिये कि मुझे इस का भरोसा है सो मैं जानता हूं कि मैं जीवित रहूंगा, बरन तुम सब के साथ रहूंगा जिस से तुम विश्वास में दृढ़ होते जाओ और उस में आनन्दित रहो।