2 Kings · chapter 2 · verse 11
2 Kings 2:11 in Hindi
वे चलते चलते बातें कर रहे थे, कि अचानक एक अग्नि मय रथ और अग्निमय धोड़ों ने उनको अलग अलग किया, और एलिरयाह बवंडर में होकर स्वर्ग पर चढ़ गया।
Ve chalate chalate baatem kar rahe the, ki achaanak ek agni may rath aur agnimay dhodom ne unako alag alag kiyaa, aur elirayaah bavandar mem hokar svarg par chadh gayaa.
2 Kings 2:11 in English
- King James Version (KJV)
- And it came to pass, as they still went on, and talked, that, behold, [there appeared] a chariot of fire, and horses of fire, and parted them both asunder; and Elijah went up by a whirlwind into heaven.
- World English Bible (WEB)
- As they continued on and talked, behold, a chariot of fire and horses of fire separated them; and Elijah went up by a whirlwind into heaven.
- American Standard Version (ASV)
- And it came to pass, as they still went on, and talked, that, behold, [there appeared] a chariot of fire, and horses of fire, which parted them both asunder; and Elijah went up by a whirlwind into heaven.
- Bible in Basic English (BBE)
- And while they went on their way, going on talking together, suddenly there were carriages and horses of fire separating them from one another and Elijah went up to heaven in a great wind.
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass as they went on, and talked, that behold, a chariot of fire and horses of fire; and they parted them both asunder; and Elijah went up by a whirlwind into the heavens.
- Webster's Bible (WBS)
- And it came to pass, as they still went on, and talked, that behold, [there appeared] a chariot of fire, and horses of fire, and parted them both asunder; and Elijah went up by a whirlwind into heaven.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it cometh to pass, they are going, going on and speaking, and lo, a chariot of fire, and horses of fire, and they separate between them both, and Elijah goeth up in a whirlwind, to the heavens.
Read in context
- 9उनके पार पहुंचने पर एलिरयाह ने एलीशा से कहा, उस से पहिले कि मैं तेरे पास से उठा लिये जाऊं जो कुछ तू चाहे कि मैं तेरे लिये करूं वह मांग; एलीशा ने कहा, तुझ में जो आत्मा है, उसका दूना भाग मुझे मिल जाए।
- 10एलिरयाह ने कहा, तू ने कठिन बात मांगी है, तौभी यदि तू मुझे उठा लिये जाने के बाद देखने पाए तो तेरे लिये ऐसा ही होगा; नहीं तो न होगा।
- 11वे चलते चलते बातें कर रहे थे, कि अचानक एक अग्नि मय रथ और अग्निमय धोड़ों ने उनको अलग अलग किया, और एलिरयाह बवंडर में होकर स्वर्ग पर चढ़ गया।
- 12और उसे एलीशा देखता और मुकारता रहा, हंाय मेरे पिता! हाय मेरे पिता! हाय इस्राएल के रथ और सवारो! जब वह उसको फिर देख न पड़ा, तब उस ने अपते वस्त्रा पाड़े और फाड़कर दो भाग कर दिए।
- 13फिर उस ने एलिरयाह की च र उठाई जो उस पर से गिरी थी, और वह लौट गया, और यरदन के तीर पर खड़ा हुआ।
Cross references
- 2 Kings 6:17 2 राजा 6:17तब एलीशा ने यह प्रार्थना की, हे यहोवा, इसकी आंखें खोल दे कि यह देख सके। तब यहोवा ने सेवक की आंखें खोल दीं, और जब वह देख सका, तब क्या देखा, कि एलीशा के चारों ओर का पहाड़ अग्निमय घोड़ों और रथों से भरा हुआ है।
- Psalm 104:3–4 भजन संहिता 104:3–4जो अपनी अटारियों की कड़ियां जल में धरता है, और मेघों को अपना रथ बनाता है, और पवन के पंखों पर चलता है, जो पवनों को अपने दूत, और धधकती आग को अपने टहलुए बनाता है।।
- Psalm 68:17 भजन संहिता 68:17परमेश्वर के रथ बीस हजार, वरन हजारों हजार हैं; प्रभु उनके बीच में है, जैसे वह सीनै पवित्रास्थान में है।
- Hebrews 1:14 इब्रानियों 1:14क्या वे सब सेवा टहल करनेवाली आत्माएं नहीं; जो उद्धार पानेवालों के लिये सेवा करने को भेजी जाती हैं?
- Ezekiel 1:4–28 यहेजकेल 1:4–28जब मैं देखने लगा, तो क्या देखता हूँ कि उत्तर दिशा से बड़ी घटा, और लहराती हुई आग सहित बड़ी आंधी आ रही है; और घटा के चारों ओर प्रकाश और आग के बीचों- बीच से झलकाया हुआ पीतल सा कुछ दिखाई देता है। फिर उसके बीच से चार जीवधारियों के समान कुछ निकले। और उनका रूप मनुष्य के समान था, परन्तु उन में से हर एक के चार चार मुख और चार चार पंख थे। उनके पांव सीधे थे, और उनके पांवों के तलुए बछड़ों के खुरों के से थे; और वे झलकाए हुए पीतल की नाई चमकते थे। उनकी चारों अलंग पर पंखों के नीचे मनुष्य के से हाथ थे। और उन चारों के मुख और पंख इस प्रकार के थे उनके पंख एक दूसरे से परस्पर मिले हुए थे; वे अपने अपने साम्हने सीधे ही चलते हुए मुड़ते नहीं थे। उनके साम्हने के मुखों का रूप मनुष्य का सा था; और उन चारों के दहिनी ओर के मुख सिंह के से, बाई ओर के मुख बैल के से थे, और चारों के पीछे के मुख उकाब पक्षी के से थे। उनके चेहरे ऐसे थे। और उनके मुख और पंख ऊपर की ओर अलग अलग थे; हर एक जीवधारी के दो दो पंख थे, जो एक दूसरे के पंखों से मिले हुए थे, और दो दो पंखों से उनका शरीर ढंपा हुआ था। और वे सीधे अपने अपने साम्हने ही चलते थे; जिध्र आत्मा जाना चाहता था, वे उधर ही जाते थे, और चलते समय मुड़ते नहीं थे। और जीबधारियों के रूप अंगारों और जलते हुए पलीतों के समान दिखाई देते थे, और वह आग जीवधारियों के बीच इधर उध्र चलती फिरती हुई बड़ा प्रकाश देती रही; और उस आग से बिजली निकलती थी। और जीवधारियों का चलना- फिरना बिजली का सा था। जब मैं जीवधारियों को देख ही रहा था, तो क्या देखा कि भूमि पर उनके पास चारों मुखें की गिनती के अनुसार, एक एक पहिया था। पहियों का रूप और बनावट फीरोजे की सी थी, और चारों का एक ही रूप था; और उनका रूप और बनावट ऐसी थी जैसे एक पहिये के बीच दूसरा पहिया हो। चलते समय वे अपनी चारों अलंगों की ओर चल सकते थे, और चलने में मुड़ते नहीं थे। और उन चारों पहियों के घेरे बहुत बड़े और डरावने थे, और उनके घेरों में चारों ओर आंखें ही आंखें भरी हुई थीं। और जब जीवधारी चलते थे, तब पहिये भी उनके साथ चलते थे; और जब जीवधारी भूमि पर से उठते थे, तब पहिये भी उठते थे। जिधर आत्मा जाना चाहती थी, उधर ही वे जाते, और और पहिये जीवधारियों के साथ उठते थे; क्योंकि उनकी आत्मा पहियों में थी। जब वे चलते थे तब ये भी चलते थे; और जब जब वे खड़े होते थे तब ये भी खड़े होते थे; और जब वे भूमि पर से उठते थे तब पहिये भी उनके साथ उठते थे; क्योंकि जीवधारियों की आत्मा पहियों में थी। जीवधारियों के सिरों के ऊपर आकाश्मण्डल सा कुछ था जो बर्फ की नाई भयानक रीति से चमक्ता था, और वह उनके सिरों के ऊपर फैला हुआ था। और आकाशमण्डल के नीचे, उनके पंख एक दूसरे की ओर सीधे फैले हुए थे; और हर एक जीवधारी के दो दो और पंख थे जिन से उनके शरीर ढंपे हुए थे। और उनके चलते समय उनके पंखों की फड़फड़ाहट की आहट मुझे बहुत से जल, वा सर्पशक्तिमान की वाणी, वा सेना के हलचल की सी सुनाई पड़ती थी; और जब वे खड़े होते थे, तब अपने पंख लटका लेते थे। फिर उनके सिरों के ऊपर जो आकाशमण्डल था, उसके ऊपर से एक शब्द सुनाई पड़ता था; और जब वे खड़े होते थे, तब अपने पंख लटका लेते थे। और जो आकाशमण्डल उनके सिरों के ऊपर था, उसके ऊपर मानो कुछ नीलम का बना हुआ सिंहासन था; इस सिंहासन के ऊपर मनुष्य के समान कोई दिखाई देता था। और उसकी मानो कमर से लेकर ऊपर की ओर मुझे झलकाया हुआ पीतल सा दिखाई पड़ा, और उसके भीतर और चारों ओर आग सी दिखाई पड़ती थी; फिर उस मनुष्य की कमर से लेकर नीचे की ओर भी मुझे कुछ आग सी दिखाई पड़ती थी; और उसके चारों ओर प्रकाश था। जैसे वर्षा के दिन बादल में धनुष दिखाई पड़ता है, वैसे ही चारों ओर का प्रकाश दिखाई देता था। यहोवा के तेज का रूप ऐसा ही था। और उसे देखकर, मैं मुंह के बल गिरा, तब मैं ने एक शब्द सुना जैसे कोई बातें करता है।
- Ezekiel 10:9–22 यहेजकेल 10:9–22तब मैं ने देखा, कि करूबें के पास चार पहिये हैं; अर्थात् एक एक करूब के पास एक एक पहिया है, और पहियों का रूप फीरोज़ा का सा है। और उनका ऐसा रूप है, कि चारों एक से दिखाई देते हैं, जैसे एक पहिये के बीच दूसरा पहिया हो। चलने के समय वे अपनी चारों अलंगों के बल से चलते हैं; और चलते समय मुड़ते नहीं, वरन जिधर उनका सिर रहता है वे उधर ही उसके पीछे चलते हैं और चलते समय वे मुड़ते नहीं। और पीठ हाथ और पंखों समेत करूबों का सारा शरीर और जो पहिये उनके हैं, वे भी सब के सब चारों ओर आंखों से भरे हुए हैं। मेरे सुनते हुए इन पहियों को चक्कर कहा गया, अर्थात् घूमनेवाले पहिये। और एक एक के चार चार मुख थे; एक मुख तो करूब का सा, दूसरा पनुष्य का सा, तीसरा सिंह का सा, और चौथा उकाब पक्षी का सा। और करूब भूमि पर से उठ गए। ये वे ही जीवधारी हैं, जो मैं ने कबार नदी के पास देखे थे। और जब जब वे करूब चलते थे तब तब वे पहिये उनके पास पास चलते थे; और जब जब करूब पृथ्वी पर से उठने के लिये अपने पंख उठाते तब तब पहिये उनके पास से नहीं मुड़ते थे। जब वे खड़े होते तब ये भी खड़े होते थे; और जब वे उठते तब ये भी उनके संग उठते थे; क्योंकि जीवधारियों की आत्मा इन में भी रहती थी। यहोवा का तेज भवन की डेवढ़ी पर से उठकर करूबों के ऊपर ठहर गया। और करूब अपने पंख उठाकर मेरे देखते देखते पृथ्वी पर से उठकर निकल गए; और पहिये भी उनके संग संग गए, और वे सब यहोवा के भवन के पूव फाटक में खड़े हो गए; और इस्राएल के परमेश्वर का तेज उनके ऊपर ठहरा रहा। ये वे ही जीवधारी हैं जो मैं ने कबार नदी के पास इस्राएल के परमेश्वर के नीचे देखे थे; और मैं ने जान लिया कि वे भी करूब हैं हर एक के चार मुख और चार पंख और पंखों के नीचे मनुष्य के से हाथ भी थे। और उनके मुखों का रूप वही है जो मैं ने कबार नदी के तीर पर देखा था। और उनके मुख ही क्या वरन उनकी सारी देह भी वैसी ही थी। वे सीधे अपने अपने साम्हने ही चलते थे।
- Mark 16:19 मरकुस 16:19निदान प्रभु यीशु उन से बातें करने के बाद स्वर्ग पर उठा लिया गया, और परमेश्वर की दाहिनी ओर बैठ गया।
- Habakkuk 3:8 हबक्कूक 3:8हे यहोवा, क्या तू नदियों पर रिसियाया था? क्या तेरा क्रोध नदियों पर भड़का था, अथवा क्या तेरी जलजलाहट समुद्र पर भड़की थी, जब तू अपने घोड़ों पर और उद्धार करनेवाले विजयी रथों पर चढ़कर आ रहा था?
- Zechariah 3:8 जकर्याह 3:8हे यहेाशू महायाजक, तू सुन ले, और तेरे भाईबन्धु जो तेरे साम्हने खड़े हैं वे भी सुनें, क्योंकि वे मनुष्य शुभ शकुन हैं: सुनो, मैं अपने दास शाख को प्रगट करूंगा।
- Genesis 5:24 उत्पत्ति 5:24और हनोक परमेश्वर के साथ साथ चलता था; फिर वह लोप हो गया क्योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया।
- Zechariah 6:1–8 जकर्याह 6:1–8मैं ने फिर आंखें उठाईं, और क्या देखा कि दो पहाड़ों के बीच से चार रथ चले आते हैं; और वे पहाड़ पीतल के हैं। पहिले रथ में लाल घोड़े और दूरे रथ में काले, तीसरे रथ में श्वेत और चौथे रथ में चितकबरे और बादामी घोड़े हैं। तब मैं ने उस दूत से जो मुझ से बातें करता था, पूछा, हे मेरे प्रभु, ये क्या हैं? दूत ने मुझ से कहा, ये आकाश के चारों वायु हैं जो सारी पृथ्वी के प्रभु के पास उपस्थित रहते हैं, परन्तु अब निकल आए हैं। जिस रथ में काले घोड़े हैं, वह उत्तर देश की ओर जाता है, और श्वेत घोडे उनके पीछे पीछे चले जाते हैं, और चितकबरे घोड़े दक्खिन देश की ओर जाते हैं। और बादामी घोड़ों ने निकलकर चाहा कि जाकर पृथ्वी पर फेरा करें। सो दूत ने कहा, जाकर पृथ्वी पर फेरा करो। तब वे पृथ्वी पर फेरा करने लगे। तब उस ने मुझ से पुकारकर कहा, देख, वे जो उत्तर के देश की ओर जाते हैं, उन्हों ने वहां मेरे प्राण को ठण्डा किया हैं।।
- 2 Kings 2:1 2 राजा 2:1जब यहोवा एलिरयाह को बवंडर के द्वारा स्वर्ग में उठा लेने को था, तब एलिरयाह और एलीशा दोनों संग संग गिलगाल से चले।
Original words (Hebrew)
- still · H1980הָלַךְ hâlak
- on · H1980הָלַךְ hâlak
- talked · H1696דָבַר dâbar
- chariot · H7393רֶכֶב rekeb
- fire · H784אֵשׁ ʼêsh
- horses · H5483סוּס çûwç
- fire · H784אֵשׁ ʼêsh
- parted · H6504פָּרַד pârad
- both · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- asunder · H996בֵּין bêyn
- Elijah · H452אֵלִיָּה ʼÊlîyâh
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- whirlwind · H5591סַעַר çaʻar
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim