1 Kings · chapter 21 · verse 10
1 Kings 21:10 in Hindi
तब दो नीच जनों को उसके साम्हने बैठाना जो साक्षी देकर उस से कहें, तू ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। नब नुम लोग उसे बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह करना, कि वह मर जाए।
Tab do neech janom ko usake saamhane baithaanaa jo saakshee dekar us se kahem, too ne parameshvar aur raajaa donom kee nindaa kee. Nab num log use baahar le jaakar usako pattharavaah karanaa, ki vah mar jaae.
1 Kings 21:10 in English
- King James Version (KJV)
- And set two men, sons of Belial, before him, to bear witness against him, saying, Thou didst blaspheme God and the king. And [then] carry him out, and stone him, that he may die.
- World English Bible (WEB)
- Set two men, wicked fellows, before him, and let them testify against him, saying, ‘You cursed God and the king!’ Then carry him out, and stone him to death.”
- American Standard Version (ASV)
- and set two men, base fellows, before him, and let them bear witness against him, saying, Thou didst curse God and the king. And then carry him out, and stone him to death.
- Bible in Basic English (BBE)
- And get two good-for-nothing persons to come before him and give witness that he has been cursing God and the king. Then take him out and have him stoned to death.
- Darby Translation (DBY)
- and set two men, sons of Belial, before him, and they shall bear witness against him saying, Thou didst curse God and the king; and carry him out, and stone him, that he may die.
- Webster's Bible (WBS)
- And set two men, sons of Belial, before him, to bear witness against him, saying, Thou didst blaspheme God and the king. And [then] carry him out, and stone him, that he may die.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and cause two men — sons of worthlessness — to sit over-against him, and they testify of him, saying, Thou hast blessed God and Melech; and they have brought him out, and stoned him, and he dieth.'
Read in context
- 8तब उस ने अहाब के नाम से चिट्ठी लिखकर उसकी अंगूठी की छाप लगाकर, उन पुरनियों और रईसों के पास भेज दी जो उसी नगर में नाबोत के पड़ोस में रहते थे।
- 9उस चिट्ठी में उस ने यों लिखा, कि उपवास का प्रचार करो, और नाबोत को लोगों के साम्हने ऊंचे स्थान पर बैठाना।
- 10तब दो नीच जनों को उसके साम्हने बैठाना जो साक्षी देकर उस से कहें, तू ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। नब नुम लोग उसे बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह करना, कि वह मर जाए।
- 11ईज़ेबेल की चिट्ठी में की आज्ञा के अनुसार नगर में रहनेवाले पुरनियों और रईसों ने उपवास का प्रचार किया,
- 12और नाबोत को लोगों के साम्हने ऊंचे स्थान पर बैठाया।
Cross references
- Exodus 22:28 निर्गमन 22:28परमेश्वर को श्राप न देना, और न अपने लोगों के प्रधान को श्राप देना।
- Acts 6:11 प्रेरितों के काम 6:11इस पर उन्हो ने कई लोगों को उभारा जो कहने लगे, कि हम ने इस मूसा और परमेश्वर के विरोध में निन्दा की बातें कहते सुना है।
- Leviticus 24:15–16 लैव्यव्यवस्था 24:15–16और तू इस्त्राएलियों से कह, कि कोई क्यों न हो जो अपने परमेश्वर को शाप दे उसे अपने पाप का भार उठाना पड़ेगा। यहोवा के नाम की निन्दा करनेवाला निश्चय मार डाला जाए; सारी मण्डली के लोग निश्चय उसको पत्थरवाह करें; चाहे देशी हो चाहे परदेशी, यदि कोई उस नाम की निन्दा करें तो वह मार डाला जाए।
- Deuteronomy 19:15 व्यवस्थाविवरण 19:15किसी मनुष्य के विरुद्ध किसी प्रकार के अधर्म वा पाप के विषय में, चाहे उसका पाप कैसा ही क्यों न हो, एक ही जन की साक्षी न सुनना, परन्तु दो वा तीन साक्षीयों के कहने से बात पक्की ठहरे।
- Deuteronomy 13:13 व्यवस्थाविवरण 13:13कि कितने अधम पुरूषों ने तेरे ही बीच में से निकलकर अपने नगर के निवासियों को यह कहकर बहका दिया है, कि आओ हम और देवताओं की जिन से अब तक अनजान रहे उपासना करें,
- Matthew 26:59–66 मत्ती 26:59–66महायाजक और सारी महासभा यीशु को मार डालने के लिये उसके विरोध में झूठी गवाही की खोज में थे। परन्तु बहुत से झूठे गवाहों के आने पर भी न पाई। अन्त में दो जनों ने आकर कहा, कि उस ने कहा है; कि मैं परमेश्वर के मन्दिर को ढा सकता हूं और उसे तीन दिन में बना सकता हूं। तब महायाजक ने खड़े होकर उस से कहा, क्या तू कोई उत्तर नहीं देता? ये लोग तेरे विरोध में क्या गवाही देते हैं? परन्तु यीशु चुप रहा: महायाजक ने उस से कहा। मैं तुझे जीवते परमेश्वर की शपथ देता हूं, कि यदि तू परमेश्वर का पुत्रा मसीह है, तो हम से कह दे। यीशु ने उस से कहा; तू ने आप ही कह दिया: बरन मैं तुम से यह भी कहता हूं, कि अब से तुम मनुष्य के पुत्रा को सर्वशक्तिमान की दहिनी ओर बैठे, और आकाश के बादलों पर आते देखोगे। तब महायाजक ने अपने वस्त्रा फाड़कर कहा, इस ने परमेश्वर की निन्दा की है, अब हमें गवाहों का क्या प्रयोजन? देखो, तुम ने अभी यह निन्दा सुनी है! तुम क्या समझते हो? उन्हों ने उत्तर दिया, यह वध होने के योग्य है।
- John 10:33 यूहन्ना 10:33यहूदियों ने उस को उत्तर दिया, कि भले काम के लिये हम तुझे पत्थरवाह नहीं करते, परन्तु परमेश्वर की निन्दा के कारण और इसलिये कि तू मनुष्य होकर अपने आप को परमेश्वर बनाता है।
- Acts 6:13 प्रेरितों के काम 6:13और झूठे गवाह खड़े किए, जिन्हों ने कहा कि यह मनुष्य इस पवित्रा स्थान और व्यवस्था के विरोध में बोलना नहीं छोड़ता।
- Judges 19:22 न्यायियों 19:22वे आनन्द कर रहे थे, कि नगर के लुच्चों ने घर को घेर लिया, और द्वार को खटखटा- खटखटाकर घर के उस बूढ़े स्वामी से कहने लगे, जो पुरूष तेरे घर में आया, उसे बाहर ले आ, कि हम उस से भोग करें।
Original words (Hebrew)
- set · H3427יָשַׁב yâshab
- two · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- men · H582אֱנוֹשׁ ʼĕnôwsh
- sons · H1121בֵּן bên
- Belial · H1100בְּלִיַּעַל bᵉlîyaʻal
- witness · H5749עוּד ʻûwd
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- blaspheme · H1288בָרַךְ bârak
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- out · H3318יָצָא yâtsâʼ
- stone · H5619סָקַל çâqal
- die · H4191מוּת mûwth