1 Kings · chapter 3 · verse 1
1 Kings 3:1 in Hindi
फिर राजा सुलैमान मिस्र के राजा फ़िरौन की बेटी को ब्याह कर उसका दामाद बन गया, और उसको दाऊदपुर में लाकर जब नक अपना भवन और यहोवा का भवन और यरूशलेम के चारों ओर की शहरपनाह न बनवा चुका, तब तक उसको वहीं रखा।
Phir raajaa sulaimaan misr ke raajaa phiraun kee betee ko byaah kar usakaa daamaad ban gayaa, aur usako daaoodapur mem laakar jab nak apanaa bhavan aur yahovaa kaa bhavan aur yarooshalem ke chaarom or kee shaharapanaah na banavaa chukaa, tab tak usako vaheem rakhaa.
1 Kings 3:1 in English
- King James Version (KJV)
- And Solomon made affinity with Pharaoh king of Egypt, and took Pharaoh’s daughter, and brought her into the city of David, until he had made an end of building his own house, and the house of the LORD, and the wall of Jerusalem round about.
- World English Bible (WEB)
- Solomon made a marriage alliance with Pharaoh king of Egypt. He took Pharaoh’s daughter and brought her into David’s city until he had finished building his own house, the LORD’s house, and the wall around Jerusalem.
- American Standard Version (ASV)
- And Solomon made affinity with Pharaoh king of Egypt, and took Pharaoh’s daughter, and brought her into the city of David, until he had made an end of building his own house, and the house of Jehovah, and the wall of Jerusalem round about.
- Bible in Basic English (BBE)
- Solomon became the son-in-law of Pharaoh, king of Egypt, and took Pharaoh's daughter as his wife, keeping her in the town of David, till the house he was building for himself, and the house of the Lord and the wall round Jerusalem, were complete.
- Darby Translation (DBY)
- And Solomon allied himself by marriage with Pharaoh king of Egypt, and took Pharaoh's daughter, and brought her into the city of David, until he had ended building his own house, and the house of Jehovah, and the wall of Jerusalem round about.
- Webster's Bible (WBS)
- And Solomon made affinity with Pharaoh king of Egypt, and took Pharaoh's daughter, and brought her into the city of David, until he had made an end of building his own house, and the house of the LORD, and the wall of Jerusalem on every side.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Solomon joineth in marriage with Pharaoh king of Egypt, and taketh the daughter of Pharaoh, and bringeth her in unto the city of David, till he completeth to build his own house, and the house of Jehovah, and the wall of Jerusalem round about.
Read in context
- 1फिर राजा सुलैमान मिस्र के राजा फ़िरौन की बेटी को ब्याह कर उसका दामाद बन गया, और उसको दाऊदपुर में लाकर जब नक अपना भवन और यहोवा का भवन और यरूशलेम के चारों ओर की शहरपनाह न बनवा चुका, तब तक उसको वहीं रखा।
- 2क्योंकि प्रजा के लोग तो ऊंचे स्थानों पर बलि चढ़ाते थे और उन दिनों तक यहोवा के नाम का कोई भपन नहीं बना था।
- 3सुलैमान यहोवा से प्रेम रखता था और अपने पिता दाऊद की विधियों पर चलता तो रहा, परन्तु वह ऊंचे स्थानों पर भी बलि चढ़ाया और धूप जलाया करता था।
Cross references
- 1 Kings 9:24 1 राजा 9:24जब फ़िरौन की बेटी दाऊदपुर में से अपने उस भवन को आ गई, जो उस ने उसके लिये बनाया था तब उस ने मिल्लो को बनाया।
- 1 Kings 11:1 1 राजा 11:1परन्तु राजा सुलैमान फ़िरौन की बेटी, और बहुतेरी और पराये स्त्रियों से, जो मोआबी, अम्मोनी, एदोमी, सीदोती, और हित्ती थीं, प्रीति करने लगा।
- 1 Kings 9:15–19 1 राजा 9:15–19राजा सुलैमान ने लोगों को जो बेगारी में रखा, इसका प्रयोजन यह था, कि यहोवा का और अपना भवन बनाए, और मिल्लो और यरूशलेम की शहरपनाह और हासोर, मगिद्दॊ और गेजेर नगरों को दृढ़ करे। गेजेर पर तो मिस्र के राजा फ़िरौन ने चढ़ाई करके उसे ले लिया और आग लगाकर फूंक दिया, और उस नगर में रहनेवाले कनानियों को मार डालकर, उसे अपनी बेटी सुलैमान की रानी का निज भाग करके दिया था, सो सुलैमान ने गेजेर और नीचेवाले बथोरेन, बालात और तामार को जो जंगल में हैं, दृढ़ किया, ये तो देश में हैं। फिर सुलैमान के जितने भणडार के नगर थे, और उसके रथों और सवारों के नगर, उनको वरन जो कुछ सुलैमान ने यरूशलेम, लबानोन और अपने राज्य के सब देशों में बनाना चाहा, उन सब को उस ने दृढ़ किया।
- 2 Chronicles 2:1–4 2 इतिहास 2:1–4और सुलैमान ने यहोवा के नाम का एक भवन और अपना राजभवन बनाने का विचार किया। इसलिए सुलैमान ने सत्तर हजार बोझिये और अस्सी हजार पहाड़ से पत्थर काटनेवाले और वृक्ष काटनेवाले, और इन पर तीन हजार छे सौ मुखिये गिनती करके ठहराए। तब सुलैमान ने सोर के राजा हूराम के पास कहला भेजा, कि जैसा तू ने मेरे पिता दाऊद से बर्त्ताव किया, अर्थात् उसके रहने का भवन बनाने को देवदार भेजे थे, पैसा ही अब मुझ से भी बर्त्ताव कर। देख, मैं अपने परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनाने पर हूँ, कि उसे उसके लिये पवित्रा करूं और उसके सम्मुख सुगन्धित धूम जलाऊं, और नित्य भेंट की रोटी उस में रखी जाए; और प्रतिदिन सबेरे और सांझ को, और विश्राम और नये चांद के दिनों में और हमारे परमेश्वर यहोवा के सब नियत पब्ब में होमबलि चढ़ाया जाए। इस्राएल के लिये ऐसी ही सदा की विधि है।
- 1 Kings 6:1–15 1 राजा 6:1–15इस्राएलियों के मिस्र देश से निकलने के चार सौ अस्सीवें वर्ष के बाद जो सुलैमान के इस्राएल पर राज्य करने का चौथा वर्ष था, उसके जीव नाम दूसरे महीने में वह यहोवा का भवन बनाने लगा। और जो भवन राजा सुलैमान ने यहोवा के लिये बनाया उसकी लम्बाई साठ हाथ, चौड़ाई बीस हाथ और ऊंचाई तीस हाथ की थी। और भवन के मन्दिर के साम्हने के ओसारे की लम्बाई बीस हाथ की थी, अर्थात् भवन की चौड़ाई के बराबर थी, और ओसारे की चौड़ाई जो भवन के साम्हने थी, वह दस हाथ की थी। फिर उस ने भवन में स्थिर झिलमिलीदार खिड़कियां बनाई। और उस ने भवन के आसपास की भीतों से सटे हुए अर्थात् मन्दिर और दर्शन- स्थान दोनों भीतों के आसपास उस ने मंजिलें और कोठरियां बनाई। सब से नीचेवाली मंजिल की चौड़ाई पांच हाथ, और बीचवाली की छ: हाथ, और ऊपरवाली की सात हाथ की थी, क्योंकि उस ने भवन के आसपास भीत को बाहर की ओर कुस दार बनाया था इसलिये कि कड़ियां भवन की भीतों को पकड़े हुए न हों। और बनते समय भपन ऐसे पत्थरों का बनाया गया, जो वहां ले आने से पहिले गढ़कर ठीक किए गए थे, और भवन के बनते समय हथैड़े वसूली वा और किसी प्रकार के लोहे के औजार का शब्द कभी सुनाई नहीं पड़ा। बाहर की बीचवाली कोठरियों का द्वार भवन की दाहिनी अलंग में था, और लोग चक्करदार सीढ़ियों पर होकर बीचवाली कोठरियों में जाते, और उन से ऊपरवाली कोठरियों पर जाया करते थे। उस ने भवन को बनाकर पूरा किया, और उसकी छत देवदारू की कड़ियों और तख्तों से बनी थी। और पूरे भवन से लगी हुई जो मंज़िलें उस ने बनाई वह पांच हाथ ऊंची थीं, और वे देवदारू की कड़िय़ों के द्वारा भवन से मिलाई गई थीं। तब यहोवा का यह वचन सुलैमान के पास पहुंचा, कि यह भवन जो नू बना रहा है, यदि तू मेरी विधियों पर चलेगा, और मेरे नियमों को मानेगा, और मेरी सब आज्ञाओं पर चलता हुआ उनका पालन करता रहेगा, तो जो वचन मैं ने तेरे विषय में तेरे पिता दाऊद को दिया था उसको मैं पूरा करूंगा। और मैं इस्राएलियों के मध्य में निवास करूंगा, और अपनी इस्राएली प्रजा को न तजूंगा। सो सुलैमान ने भवन को बनाकर पूरा किया। और उस ने भवन की भीतों पर भीतरवार देवदारू की तख्ताबंदी की; और भवन के फ़र्श से छत तक भीतों में भीतरवार लकड़ी की तख्ताबंदी की, और भवन के फ़र्श को उस ने सनोवर के तख्तों से बनाया।
- 2 Chronicles 8:11 2 इतिहास 8:11फिर सुलैमान फ़िरौन की बेटी को दाऊदपुर में से उस भवन में ले आया जो उस ने उसके लिये बनाया था, क्योंकि उस ने कहा, कि जिस जिस स्थान में यहोवा का सन्दूक आया है, वह पवित्रा है, इसलिये मेरी रानी इस्राएल के राजा दाऊद के भवन में न रहने पाएगी।
- 2 Samuel 5:7 2 शमूएल 5:7तौभी दाऊद ने सिरयोन नाम गढ़ को ले लिया, वही दाऊदपुर भी कहलाता है।
- 2 Chronicles 18:1 2 इतिहास 18:1यहोशपात बड़ा धनवान और ऐश्वर्यवान हो गया; और उसने अहाब के साथ समधियाना किया।
- 1 Chronicles 11:7 1 इतिहास 11:7और दाऊद उस गढ़ में रहने लगा, इसलिये उसका नाम दाऊदपुर पड़ा।
- Ezra 5:11 एज्रा 5:11और उन्हों ने हमें यों उत्तर दिया, कि हम तो शकाश और पृथ्वी के परमेश्वर के दास हैं, और जिस भवन को बहुत वर्ष हुए इस्राएलियों के एक बड़े राजा ने बनाकर तैयार किया था, उसी को हम बना रहे हैं।
Original words (Hebrew)
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- affinity · H2859חָתַן châthan
- Pharaoh · H6547פַּרְעֹה Parʻôh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- took · H3947לָקַח lâqach
- Pharaoh’s · H6547פַּרְעֹה Parʻôh
- daughter · H1323בַּת bath
- brought · H935בּוֹא bôwʼ
- city · H5892עִיר ʻîyr
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- end · H3615כָּלָה kâlâh
- building · H1129בָּנָה bânâh
- house · H1004בַּיִת bayith
- house · H1004בַּיִת bayith
- wall · H2346חוֹמָה chôwmâh
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- about · H5439סָבִיב çâbîyb