1 Kings · chapter 4 · verse 25
1 Kings 4:25 in Hindi
और दान से बेशर्बा तक के सब यहूदी और इस्राएली अपनी अपनी दाखलता और अंजीर के वृक्ष तले सुलैमान के जीवन भर निडर रहते थे।
Aur daan se besharbaa tak ke sab yahoodee aur israaelee apanee apanee daakhalataa aur anjeer ke vruksh tale sulaimaan ke jeevan bhar nidar rahate the.
1 Kings 4:25 in English
- King James Version (KJV)
- And Judah and Israel dwelt safely, every man under his vine and under his fig tree, from Dan even to Beer-sheba, all the days of Solomon.
- World English Bible (WEB)
- Judah and Israel lived safely, every man under his vine and under his fig tree, from Dan even to Beersheba, all the days of Solomon.
- American Standard Version (ASV)
- And Judah and Israel dwelt safely, every man under his vine and under his fig-tree, from Dan even to Beer-sheba, all the days of Solomon.
- Bible in Basic English (BBE)
- So Judah and Israel were living safely, every man under his vine and his fig-tree, from Dan as far as Beer-sheba, all the days of Solomon.
- Darby Translation (DBY)
- And Judah and Israel dwelt safely, every man under his vine and under his fig-tree, from Dan even to Beer-sheba, all the days of Solomon.
- Webster's Bible (WBS)
- And Judah and Israel dwelt safely, every man under his vine and under his fig-tree, from Dan even to Beer-sheba, all the days of Solomon.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Judah dwelleth — and Israel — in confidence, each under his vine, and under his fig-tree, from Dan even unto Beer-Sheba, all the days of Solomon.
Read in context
- 23साठ कोर आटा, दस तैयार किए हुए बैल और चराइयों में से बीस बैल और सौ भेड़-बकरी और इन को छोड़
- 24हरिन, चिकारे, यखमूर और तैयार किए हुए पक्षी क्योंकि महानद के इस पार के समस्त देश पर अर्थात तिप्सह से ले कर अज्जा तक जितने राजा थे, उन सभों पर सुलैमान प्रभुता करता, और अपने चारों ओर के सब रहने वालों से मेल रखता था।
- 25और दान से बेशर्बा तक के सब यहूदी और इस्राएली अपनी अपनी दाखलता और अंजीर के वृक्ष तले सुलैमान के जीवन भर निडर रहते थे।
- 26फिर उसके रथ के घोड़ों के लिये सुलैमान के चालीस हज़ार थान थे, और उसके बारह हज़ार सवार थे।
- 27और वे भणडारी अपने अपने महीने में राजा सुलैमान के लिये और जितने उसकी मेज़ पर आते थे, उन सभों के लिये भोजन का प्रबन्ध करते थे, किसी वस्तु की घटी होने नहीं पाती थी।
Cross references
- Micah 4:4 मीका 4:4और लोग आगे को युद्ध विद्या न सीखेंगे। परन्तु वे अपनी अपनी दाखलता और अंजीर के वृक्ष तले बैठा करेंगे, और कोई उनको न डराएगा; सेनाओं के यहोवा ने यही वचन दिया है।।
- Zechariah 3:10 जकर्याह 3:10उसी दिन तुम अपने अपने भाईबन्धुओं को दाखलता और अंजीर के वृक्ष के नीचे आने के लिये बुलाओगे, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।।
- Jeremiah 33:15–16 यिर्मयाह 33:15–16उन दिनों में और उन समयों में मैं दाऊद के वंश में धर्म की एक डाल उगाऊंगा; और वह इस देश में न्याय और धर्म के काम करेगा। उन दिनों में यहूदा बचा रहेगा और यरूशलेम निडर बसा रहेगा; और उसका नाम यह रखा जाएगा अय्रात् यहोवा हमारी धामिर्कता।
- Judges 20:1 न्यायियों 20:1तब दान से लेकर बर्शेबा तक के सब इस्राएली और गिलाद के लोग भी निकले, और उनकी मण्डली एक मत होकर मिस्पा में यहोवा के पास इकट्ठी हुई।
- Jeremiah 23:5–6 यिर्मयाह 23:5–6यहोवा की यह भी वाणी है, देख ऐसे दिन आते हैं जब मैं दाऊद के कुल में एक धम अंकुर उगाऊंगा, और वह राजा बनकर बुध्दि से राज्य करेगा, और अपने देश में न्याय और धर्म से प्रभुता करेगा। उसके दिनों में यहूदी लोग बचे रहेंगे, और इस्राएली लोग निडर बसे रहेंगे: और यहोवा उसका नाम यहोवा "हमारी धार्मिकता" रखेगा।
- 2 Kings 18:31 2 राजा 18:31हिजकिरयाह की मत सुनो। अश्शूर का राजा कहता है कि भेंट भेजकर मुझे प्रसन्न करो और मेरे पास निकल आओ, और प्रत्येक अपनी अपनी दाखलता और अंजीर के वृक्ष के फल खाता और अपने अपने कुण्ड का पानी पीता रहे।
- 2 Samuel 24:15 2 शमूएल 24:15तब यहोवा इस्राएलियों में बिहान से ले ठहराए हुए समय तक मरी फैलाए रहा; और दान से लेकर बेश् बा तक रहनेवाली प्रजा में से सत्तर हज़ार पुरूष मर गए।
- Ezekiel 38:11 यहेजकेल 38:11और तू कहेगा कि मैं बिन शहरपनाह के गांवों के देश पर चढ़ाई करूंगा; मैं उन लोगों के पास जाऊंगा जो चैन से निडर रहते हैं; जो सब के सब बिना शहरपनाह ओर बिना बेड़ों और पल्लों के बसे हुए हैं;
- 2 Samuel 17:11 2 शमूएल 17:11इसलिये मेरी सम्मति यह है कि दान से लेकर बेर्शेबा तक रहनेवाले समस्त इस्राएली तेरे पास समुद्रतीर की बालू के किनकों के समान अकट्ठे किए जाए, और तू आप ही युठ्ठ को जाए।
- Isaiah 60:18 यशायाह 60:18तेरे देश में फिर कभी उपद्रव और तेरे सिवानों के भीतर उत्पात वा अन्धेर की चर्चा न सुनाई पड़ेगी; परन्तु तू अपनी शहरपनाह का नाम उद्धार और अपने फाटकों का नाम यश रखेगी।
Original words (Hebrew)
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- dwelt · H3427יָשַׁב yâshab
- safely · H983בֶּטַח beṭach
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- vine · H1612גֶּפֶן gephen
- tree · H8384תְּאֵן tᵉʼên
- Dan · H1835דָּן Dân
- Beer-sheba · H884בְּאֵר שֶׁבַע Bᵉʼêr Shebaʻ
- days · H3117יוֹם yôwm
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh