1 Peter · chapter 3 · verse 17
1 Peter 3:17 in Hindi
क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।
Kyonki yadi parameshvar kee yahee ichchhaa ho, ki tum bhalaaee karane ke kaaran dukh uthaao, to yah buraaee karane ke kaaran dukh uthaane se uttam hai.
1 Peter 3:17 in English
- King James Version (KJV)
- For [it is] better, if the will of God be so, that ye suffer for well doing, than for evil doing.
- World English Bible (WEB)
- For it is better, if it is God’s will, that you suffer for doing what is right than for doing evil.
- American Standard Version (ASV)
- For it is better, if the will of God should so will, that ye suffer for well-doing than for evil-doing.
- Bible in Basic English (BBE)
- Because if it is God's purpose for you to undergo pain, it is better to do so for well-doing than for evil-doing.
- Darby Translation (DBY)
- For [it is] better, if the will of God should will it, to suffer [as] well-doers than [as] evildoers;
- Webster's Bible (WBS)
- For [it is] better, if the will of God is so, that ye suffer for well-doing, than for evil-doing.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for [it is] better doing good, if the will of God will it, to suffer, than doing evil;
Read in context
- 15पर मसीह को प्रभु जानकर अपने अपने मन में पवित्रा समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
- 16और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में वे जो तुम्हारे मसीही अच्छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्जित हों।
- 17क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।
- 18इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।
- 19उसी में उस ने जाकर कैदी आत्माओं को भी प्रचार किया।
Cross references
- 1 Peter 3:14 1 पतरस 3:14और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।
- 1 Peter 4:19 1 पतरस 4:19इसलिये जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार दुख उठाते हैं, वे भलाई करते हुए, अपने अपने प्राण को विश्वासयोग्य सृजनहार के हाथ में सौंप दें।।
- Matthew 26:39 मत्ती 26:39फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।
- Acts 21:14 प्रेरितों के काम 21:14जब उन से न माना तो हम यह कहकर चुप हो गए; कि प्रभु की इच्छा पूरी हो।।
- Matthew 26:42 मत्ती 26:42फिर उस ने दूसरी बार जाकर यह प्रार्थना की; कि हे मेरे पिता, यदि यह मेरे पीए बिना नहीं हट सकता तो तेरी इच्छा पूरी हो।
- 1 Peter 2:15 1 पतरस 2:15क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम भले काम करने से निर्बुद्धि लोगों की अज्ञानता की बातों को बन्द कर दो।
- 1 Peter 2:20 1 पतरस 2:20क्योंकि यदि तुम ने अपराध करके घूसे खाए और धीरज धरा, तो उस में क्या बड़ाई की बात है? पर यदि भला काम करके दुख उठाते हो और धीरज धरते हो, तो यह परमेश्वर को भाता है।
- 1 Peter 4:15 1 पतरस 4:15तुम में से कोई व्यक्ति हत्यारा या चोर, या कुकर्मी होने, या पराए काम में हाथ डालने के कारण दुख न पाए।