1 Peter · chapter 3 · verse 20
1 Peter 3:20 in Hindi
जिन्हों ने उस बीते समय में आज्ञा न माना जब परमेश्वर नूह के दिनों में धीरज धरकर ठहरा रहा, और वह जहाज बन रहा था, जिस में बैठकर थोड़े लोग अर्थात् आठ प्राणी पानी के द्वारा बच गए।
Jinhom ne us beete samay mem aajnyaa na maanaa jab parameshvar nooh ke dinom mem dheeraj dharakar thaharaa rahaa, aur vah jahaaj ban rahaa thaa, jis mem baithakar thode log arthaat aath praanee paanee ke dvaaraa bach gae.
1 Peter 3:20 in English
- King James Version (KJV)
- Which sometime were disobedient, when once the longsuffering of God waited in the days of Noah, while the ark was a preparing, wherein few, that is, eight souls were saved by water.
- World English Bible (WEB)
- who before were disobedient when God waited patiently in the days of Noah while the ship was being built. In it, few, that is, eight souls, were saved through water.
- American Standard Version (ASV)
- that aforetime were disobedient, when the longsuffering of God waited in the days of Noah, while the ark was a preparing, wherein few, that is, eight souls, were saved through water:
- Bible in Basic English (BBE)
- Who, in the days of Noah, went against God's orders; but God in his mercy kept back the punishment, while Noah got ready the ark, in which a small number, that is to say eight persons, got salvation through water:
- Darby Translation (DBY)
- heretofore disobedient, when the longsuffering of God waited in [the] days of Noah while the ark was preparing, into which few, that is, eight souls, were saved through water:
- Webster's Bible (WBS)
- Who formerly were disobedient, when once the long-suffering of God waited in the days of Noah, while the ark was preparing, in which few, that is, eight souls, were saved by water.
- Young's Literal Translation (YLT)
- who sometime disbelieved, when once the long-suffering of God did wait, in days of Noah — an ark being preparing — in which few, that is, eight souls, were saved through water;
Read in context
- 18इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।
- 19उसी में उस ने जाकर कैदी आत्माओं को भी प्रचार किया।
- 20जिन्हों ने उस बीते समय में आज्ञा न माना जब परमेश्वर नूह के दिनों में धीरज धरकर ठहरा रहा, और वह जहाज बन रहा था, जिस में बैठकर थोड़े लोग अर्थात् आठ प्राणी पानी के द्वारा बच गए।
- 21और उसी पानी का दृष्टान्त भी, अर्थात् बपतिस्मा, यीशु मसीह के जी उठने के द्वारा, अब तुम्हें बचाता है; ( उस से शरीर के मैल को दूर करने का अर्थ नहीं है, परन्तु शुद्ध विवेक से परमेश्वर के वश में हो जाने का अर्थ है )।
- 22वह स्वर्ग पर जाकर परमेश्वर के दहिनी ओर बैठ गया; और स्वर्गदूत और अधिकारी और सामर्थी उसके आधीन किए गए हैं।।
Cross references
- Hebrews 11:7 इब्रानियों 11:7विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
- 2 Peter 2:5 2 पतरस 2:5और प्रथम युग के संसार को भी न छोड़ा, बरन भक्तिहीन संसार पर महा जल- प्रलय भेजकर धर्म के प्रचारक नूह समेत आठ व्यक्तियों को बचा लिया।
- Genesis 6:3 उत्पत्ति 6:3और यहोवा ने कहा, मेरा आत्मा मनुष्य से सदा लों विवाद करता न रहेगा, क्योंकि मनुष्य भी शरीर ही है: उसकी आयु एक सौ बीस वर्ष की होगी।
- Genesis 6:5 उत्पत्ति 6:5और यहोवा ने देखा, कि मनुष्यों की बुराई पृथ्वी पर बढ़ गई है, और उनके मन के विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है सो निरन्तर बुरा ही होता है।
- Genesis 8:18 उत्पत्ति 8:18तब नूह, और उसके पुत्रा, और पत्नी, और बहुएं, निकल आईं:
- Romans 2:4–5 रोमियों 2:4–5क्या तू उस की कृपा, और सहनशीलता, और धीरजरूपी धन को तुच्छ जानता है? और कया यह नहीं समझता, कि परमेश्वर की कृपा तुझे मन फिराव को सिखाती है? पर अपनी कठोरता और हठीले मन के अनुसार उसके क्रोध के दिन के लिये, जिस में परमेश्वर का सच्चा न्याय प्रगट होगा, अपने निमित्त क्रोध कमा रहा है।
- Genesis 7:13 उत्पत्ति 7:13ठीक उसी दिन नूह अपने पुत्रा शेम, हाम, और येपेत, और अपनी पत्नी, और तीनों बहुओं समेत,
- Matthew 24:37–39 मत्ती 24:37–39जैसे नूह के दिन थे, वैसा ही मनुष्य के पुत्र का आना भी होगा। क्योंकि जैसे जल-प्रलय से पहिले के दिनों में, जिस दिन तक कि नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते-पीते थे, और उन में ब्याह शादी होती थी। और जब तक जल-प्रलय आकर उन सब को बहा न ले गया, तब तक उन को कुछ भी मालूम न पड़ा; वैसे ही मनुष्य के पुत्र का आना भी होगा।
- Matthew 7:14 मत्ती 7:14क्योंकि सकेत है वह फाटक और सकरा है वह मार्ग जो जीवन को पहुंचाता है, और थोड़े हैं जो उसे पाते हैं।
- Isaiah 30:18 यशायाह 30:18तौभी यहोवा इसलिये विलम्ब करता है कि तुम पर अनुग्रह करे, और इसलिये ऊंचे उठेगा कि तुम पर दया करे। क्योंकि यहोवा न्यायी परमेश्वर है; क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं।।
- Luke 13:24–25 लूका 13:24–25उस ने उन से कहा; सकेत द्वार से प्रवेश करने का यत्न करो, क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि बहुतेरे प्रवेश करना चाहेंगे, और न कर सकेंगे। जब घर का स्वामी उठकर द्वार बन्द कर चुका हो, और तुम बाहर खड़े हुए द्वार खटखटाकर कहने लगो, हे प्रभु, हमारे लिये खोल दे, और वह उत्तर दे कि मैं तुम्हें नहीं जानता, तुम कहां के हो?
Original words (Greek)
- sometime · G4218ποτέ poté
- disobedient · G544ἀπειθέω apeithéō
- when · G3753ὅτε hóte
- once · G530ἅπαξ hápax
- longsuffering · G3115μακροθυμία makrothymía
- God · G2316θεός theós
- waited · G1551ἐκδέχομαι ekdéchomai
- in · G1722ἐν en
- days · G2250ἡμέρα hēméra
- Noah · G3575Νῶε Nōe
- ark · G2787κιβωτός kibōtós
- preparing · G2680κατασκευάζω kataskeuázō
- wherein · G1519εἰς eis
- few · G3641ὀλίγος olígos
- that · G5124τοῦτο toûto
- is · G2076ἐστί estí
- eight · G3638ὀκτώ oktṓ
- souls · G5590ψυχή psychḗ
- saved · G1295διασώζω diasṓzō
- by · G1223διά diá
- water · G5204ὕδωρ hýdōr