1 Samuel · chapter 15 · verse 29
1 Samuel 15:29 in Hindi
और जो इस्राएल का बलमूल है वह न तो झूठ बोलता और न पछताता है; क्योंकि वह मनुष्य नहीं है, कि पछताए।
Aur jo israael kaa balamool hai vah na to jhooth bolataa aur na pachhataataa hai; kyonki vah manushy naheem hai, ki pachhataae.
1 Samuel 15:29 in English
- King James Version (KJV)
- And also the Strength of Israel will not lie nor repent: for he [is] not a man, that he should repent.
- World English Bible (WEB)
- Also the Strength of Israel will not lie nor repent; for he is not a man, that he should repent.”
- American Standard Version (ASV)
- And also the Strength of Israel will not lie nor repent; for he is not a man, that he should repent.
- Bible in Basic English (BBE)
- And further, the Glory of Israel will not say what is false, and his purpose may not be changed: for he is not a man, whose purpose may be changed.
- Darby Translation (DBY)
- And also the Hope of Israel will not lie nor repent; for he is not a man, that he should repent.
- Webster's Bible (WBS)
- And also the Strength of Israel will not lie nor repent: for he [is] not a man, that he should repent.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and also, the Pre-eminence of Israel doth not lie nor repent, for He [is] not a man to be penitent.'
Read in context
- 27तब शमूएल जाने के लिये घूमा, और शाऊल ने उसके बागे की छोर को पकड़ा, और वह फट गया।
- 28तब शमूएल ने उस से कहा आज यहोवा ने इस्राएल के राज्य को फाड़कर तुझ से छीन लिया, और तेरे एक पड़ोसी को जो तुझ से अच्छा है दे दिया है।
- 29और जो इस्राएल का बलमूल है वह न तो झूठ बोलता और न पछताता है; क्योंकि वह मनुष्य नहीं है, कि पछताए।
- 30उस ने कहा, मैं ने पाप तो किया है; तौभी मेरी प्रजा के पुरनियों और इस्राएल के साम्हने मेरा आदर कर, और मेरे साथ लौट, कि मैं तेरे परमेश्वर यहोवा को दण्डवत करूं।
- 31तब शमूएल लौटकर शाऊल के पीछे गया; और शाऊल ने यहोवा का दण्डवत् की।
Cross references
- Numbers 23:19 गिनती 23:19ईश्वर मनुष्य नहीं, कि झूठ बोले, और न वह आदमी है, कि अपनी इच्छा बदले। क्या जो कुछ उस ने कहा उसे न करे? क्या वह वचन देकर उस पूरा न करे?
- Ezekiel 24:14 यहेजकेल 24:14मुझ यहोवा ही ने यह कहा है; और वह हो जाएगा, मैं ऐसा ही करूंगा, मैं तुझे न छोड़ूंगा, न तुझ पर तरस खऊंगा न पछताऊंगा; तेरे चालचलन और कामों ही के अनुसार तेरा न्याय किया जाएगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।
- Titus 1:2 तीतुस 1:2उस अनन्त जीवन की आशा पर, जिस की प्रतिज्ञा परमेश्वर ने जो झूठ बोल नहीं सकता सनातन से की है।
- Hebrews 6:18 इब्रानियों 6:18ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें।
- 2 Timothy 2:13 2 तीमुथियुस 2:13यदि हम अविश्वासी भी हों तौभी वह विश्वासयोग्य बना रहता है, क्योंकि वह आप अपना इन्कार नहीं कर सकता।।
- Psalm 95:11 भजन संहिता 95:11इस कारण मैं ने क्रोध में आकर शपथ खाई कि ये मेरे विश्रामस्थान में कभी प्रवेश न करने पाएंगे।।
- Joel 3:16 योएल 3:16और यहोवा सिरयोन से गरजेगा, और यरूशलेम से बड़ा शब्द सुनाएगा; और आकाश और पृथ्वी थरथराएंगे। परन्तु यहोवा अपनी प्रजा के लिये शरणस्थान और इस्राएलियों के लिये गढ़ ठहरेगा।।
- 2 Corinthians 12:9 2 कुरिन्थियों 12:9और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।
- Isaiah 45:24 यशायाह 45:24लोग मेरे विषय में कहेंगे, केवल यहोवा ही में धर्म और शक्ति है। उसी के पास लोग आएंगे। और जो उस से रूठे रहेंगे, उन्हें लज्जित होना पड़ेगा।
- Psalm 68:35 भजन संहिता 68:35हे परमेश्वर, तू अपने पवित्रास्थानों में भययोग्य है, इस्राएल का ईश्वर ही अपनी प्रजा को सामर्थ्य और शक्ति का देनेवाला है। परमेश्वर धन्य है।।
- Deuteronomy 33:27 व्यवस्थाविवरण 33:27अनादि परमेश्वर तेरा गृहधाम है, और नीचे सनातन भुजाएं हैं। वह शत्रुओं को तेरे साम्हने से निकाल देता, और कहता है, उनको सत्यानाश कर दे।।
- Philippians 4:13 फिलिप्पियों 4:13जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।