1 Samuel · chapter 20 · verse 27
1 Samuel 20:27 in Hindi
फिर नये चाँद के दूसरे दिन को दाऊद का स्थान खाली रहा। और शाऊल ने अपने पुत्र योनातन से पूछा, क्या कारण है कि यिशै का पुत्र न तो कल भोजन पर आया था, और न आज ही आया है?
Phir naye chaand ke doosare din ko daaood kaa sthaan khaalee rahaa. Aur shaaool ne apane putr yonaatan se poochhaa, kyaa kaaran hai ki yishai kaa putr na to kal bhojan par aayaa thaa, aur na aaj hee aayaa hai?
1 Samuel 20:27 in English
- King James Version (KJV)
- And it came to pass on the morrow, [which was] the second [day] of the month, that David’s place was empty: and Saul said unto Jonathan his son, Wherefore cometh not the son of Jesse to meat, neither yesterday, nor to day?
- World English Bible (WEB)
- On the next day after the new moon, the second day, David’s place was empty. Saul said to Jonathan his son, “Why didn’t the son of Jesse come to eat, either yesterday, or today?”
- American Standard Version (ASV)
- And it came to pass on the morrow after the new moon, [which was] the second [day], that David’s place was empty: and Saul said unto Jonathan his son, Wherefore cometh not the son of Jesse to meat, neither yesterday, nor to-day?
- Bible in Basic English (BBE)
- And on the day after the new moon, that is, the second day, there was still no one in David's seat: and Saul said to his son Jonathan, Why has the son of Jesse not come to the feast yesterday or today?
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass the next day after the new moon, the second [day of the month], as David's place was empty, that Saul said to Jonathan his son, Why has not the son of Jesse come to table, neither yesterday nor to-day?
- Webster's Bible (WBS)
- And it came to pass on the morrow, [which was] the second [day] of the month, that David's place was empty: and Saul said to Jonathan his son, Why cometh not the son of Jesse to eat, neither yesterday, nor to-day?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it cometh to pass on the second morrow of the new moon, that David's place is looked after, and Saul saith unto Jonathan his son, 'Wherefore hath the son of Jesse not come in, either yesterday or to-day, unto the food?'
Read in context
- 25राजा तो पहिले की नाईं अपने उस आसन पर बैठा जो भीत के पास था; और योनातन खड़ा हुआ, और अब्नेर शाऊल के निकट बैठा, परन्तु दाऊद का स्थान खाली रहा।
- 26उस दिन तो शाऊल यह सोचकर चुप रहा, कि इसका कोई न कोई कारण होगा; वह अशुद्ध होगा, नि:सन्देह शुद्ध न होगा।
- 27फिर नये चाँद के दूसरे दिन को दाऊद का स्थान खाली रहा। और शाऊल ने अपने पुत्र योनातन से पूछा, क्या कारण है कि यिशै का पुत्र न तो कल भोजन पर आया था, और न आज ही आया है?
- 28योनातन ने शाऊल से कहा, दाऊद ने बेतलेहेम जाने के लिये मुझ से बिनती करके छुट्टी मांगी;
- 29और कहा, मुझे जाने दे; क्योंकि उस नगर में हमारे कुल का यज्ञ है, और मेरे भाई ने मुझ को वहां उपस्थित होने की आज्ञा दी है। और अब यदि मुझ पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि हो, तो मुझे जाने दे कि मैं अपने भाइयों से भेंट कर आऊं। इसी कारण वह राजा की मेज पर नहीं आया।
Cross references
- 1 Samuel 19:15 1 शमूएल 19:15तब शाऊल ने दूतों को दाऊद के देखने के लिये भेजा, और कहा, उसे चारपाई समेत मेरे पास लाओ कि मैं उसे मार डालूं।
- 1 Samuel 22:7–9 1 शमूएल 22:7–9तब शाऊल अपने कर्मचारियों से जो उसके आसपास खड़े थे कहने लगा, हे बिन्यामीनियों, सुनो; क्या यिशै का पुत्रा तुम सभों को खेत और दाख की बारियां देगा? क्या वह तुम सभों को सह पति और शतपति करेगा? तुम सभों ने मेरे विरूद्ध क्यों राजद्रोह की गोष्ठी की है? और जब मेरे पुत्रा ने यिशै के पुत्रा से वाचा बान्धी, तब किसी ने मुझ पर प्रगट नहीं किया; और तुम में से किसी ने मेरे लिये शोकित होकर मुझ पर प्रगट नहीं किया, कि मेरे पुत्रा ने मेरे कर्मचारी को मेरे विरूद्ध ऐसा घात लगाने को उभारा है, जैसा आज के दिन है। तब एदोमी दोएग ने, जो शाऊल के सेवकों के ऊपर ठहराया गया था, उत्तर देकर कहा, मैं ने तो यिशै के पुत्रा को नोब में अहीतूब के पुत्रा अहीमेलेक के पास आते देखा,
- Matthew 13:55 मत्ती 13:55क्या यह बढ़ई का बेटा नहीं? और क्या इस की माता का नाम मरियम और इस के भाइयों के नाम याकूब और यूसुफ और शमौन और यहूदा नहीं?
- Isaiah 11:1–2 यशायाह 11:1–2तब यिशै के ठूंठ में से एक डाली फूट निकलेगी और उसकी जड़ में से एक शाखा निकलकर फलवन्त होगी। और यहोवा की आत्मा, बुद्धि और समझ की आत्मा, युक्ति और पराक्रम की आत्मा, और ज्ञान और यहोवा के भय की आत्मा उस पर ठहरी रहेगी।
- 1 Samuel 25:10 1 शमूएल 25:10नाबाल ने दाऊद के जनों को उत्तर देकर उन से कहा, दाऊद कौन है? यिशै का पुत्रा कौन है? आज कल बहुत से दास अपने अपने स्वामी के पास से भाग जाते हैं।
- 1 Peter 2:4 1 पतरस 2:4उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है।
- 1 Samuel 18:11 1 शमूएल 18:11तब शाऊल ने यह सोचकर, कि मैं ऐसा मारूंगा कि भाला दाऊद को बेधकर भीत में धंस जाए, भाले को चलाया, परन्तु दाऊद उसके साम्हने से दो बार हट गया।
- 1 Samuel 22:13–14 1 शमूएल 22:13–14शाऊल ने उस से पुछा, क्या कारण है कि तू और यिशै के पुत्रा दोनों ने मेरे विरूद्ध राजद्रोह की गोष्ठी की है? तू ने उसे रोटी और तलवार दी, और उसके लिये परमेश्वर से पूछा भी, जिस से वह मेरे विरूद्ध उठे, और ऐसा घात लगाए जैसा आज के दिन है? अहीमेलेक ने राजा को उत्तर देकर कहा, तेरे समस्त कर्मचारियों में दाऊद के तुल्य विश्वासयोग्य कौन है? वह तो राजा का दामाद है, और तेरी राजसभा में उपस्थित हुआ करत, और तेरे परिवार में प्रतिष्ठित है।
- 1 Samuel 19:9–10 1 शमूएल 19:9–10और जब शाऊल हाथ में भाला लिए हुए घर में बैठा था; और दाऊद हाथ से बजा रहा िाा, तब यहोवा की ओर से एक दुष्ट आत्मा शाऊल पर चढ़ा। और शाऊल ने चाहा, कि दाऊद को ऐसा मारे कि भाला उसे बेधते हुए भीत में धंस जाए; परन्तु दाऊद शाऊल के साम्हने से ऐसा हट गया कि भाला जाकर भीत ही में धंस गया। और दाऊद भागा, और उस रात को बच गया।
Original words (Hebrew)
- morrow · H4283מׇחֳרָת mochŏrâth
- second · H8145שֵׁנִי shênîy
- month · H2320חֹדֶשׁ chôdesh
- David’s · H1732דָּוִד Dâvid
- place · H4725מָקוֹם mâqôwm
- empty · H6485פָּקַד pâqad
- Saul · H7586שָׁאוּל Shâʼûwl
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Jonathan · H3083יְהוֹנָתָן Yᵉhôwnâthân
- son · H1121בֵּן bên
- cometh · H935בּוֹא bôwʼ
- son · H1121בֵּן bên
- Jesse · H3448יִשַׁי Yishay
- meat · H3899לֶחֶם lechem
- yesterday · H8543תְּמוֹל tᵉmôwl
- day · H3117יוֹם yôwm