1 Samuel · chapter 21 · verse 13
1 Samuel 21:13 in Hindi
तब वह उनके साम्हने दूसरी चाल चली, और उनके हाथ में पड़कर बौड़हा, अर्थात पागल बन गया; और फाटक के किवाडों पर लकीरें खींचते, और अपनी लार अपनी दाढ़ी पर बहाने लगा।
Tab vah unake saamhane doosaree chaal chalee, aur unake haath mem padakar baudahaa, arthaat paagal ban gayaa; aur phaatak ke kivaadom par lakeerem kheenchate, aur apanee laar apanee daadhee par bahaane lagaa.
1 Samuel 21:13 in English
- King James Version (KJV)
- And he changed his behaviour before them, and feigned himself mad in their hands, and scrabbled on the doors of the gate, and let his spittle fall down upon his beard.
- World English Bible (WEB)
- He changed his behavior before them and pretended to be insane in their hands, and scribbled on the doors of the gate, and let his spittle fall down on his beard.
- American Standard Version (ASV)
- And he changed his behavior before them, and feigned himself mad in their hands, and scrabbled on the doors of the gate, and let his spittle fall down upon his beard.
- Bible in Basic English (BBE)
- So changing his behaviour before them, he made it seem as if he was off his head, hammering on the doors of the town, and letting the water from his mouth go down his chin.
- Darby Translation (DBY)
- And he changed his behaviour before them, and feigned himself mad in their hands, and scratched on the doors of the gate, and let his spittle fall down on his beard.
- Webster's Bible (WBS)
- And he changed his behavior before them, and feigned himself mad in their hands, and scrabbled on the doors of the gate, and let his spittle fall down upon his beard.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and changeth his behaviour before their eyes, and feigneth himself mad in their hand, and scribbleth on the doors of the gate, and letteth down his spittle unto his beard.
Read in context
- 11और आकीश के कर्मचारियों ने आकीश से कहा, क्या वह उस देश का राजा दाऊद नहीं है? क्या लोगों ने उसी के विषय नाचते नाचते एक दूसरे के साथ यह गाना न गया था, कि शाऊल ने हजारों को, और दाऊद ने लाखों को मारा है?
- 12दाऊद ने ये बातें अपने मन में रखीं, और गत के राजा आकीश से अत्यन्त डर गया।
- 13तब वह उनके साम्हने दूसरी चाल चली, और उनके हाथ में पड़कर बौड़हा, अर्थात पागल बन गया; और फाटक के किवाडों पर लकीरें खींचते, और अपनी लार अपनी दाढ़ी पर बहाने लगा।
- 14तब आकीश ने अपने कर्मचारियों से कहा, देखो, वह जन तो बावला है; तुम उसे मेरे पास क्यों लाए हो?
- 15क्या मेरे पास बावलों की कुछ घटी है, कि तुम उसको मेरे साम्हने बावलापन करने के लिये लाए हो? क्या ऐसा जन मेरे भवन में आने पाएगा?
Cross references
- Proverbs 29:25 नीतिवचन 29:25मनुष्य का भय खाना फन्दा हो जाता है, परन्तु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह ऊंचे स्थान पर चढ़ाया जाता है।
- Ecclesiastes 7:7 सभोपदेशक 7:7निश्चय अन्धेर से बुद्धिमान बावला हो जाता है; और घूस से बुद्धि नाश होती है।
- Psalm 34:1–22 भजन संहिता 34:1–22मैं हर समय यहोवा को धन्य कहा करूंगा; उसकी स्तुति निरन्तर मेरे मुख से होती रहेगी। मैं यहोवा पर घमण्ड करूंगा; नम्र लोग यह सुनकर आनन्दित होंगे। मेरे साथ यहोवा की बड़ाई करो, और आओ हम मिलकर उसके नाम की स्तुति करें। मैं यहोवा के पास गया, तब उस ने मेरी सुन ली, और मुझे पूरी रीति से निर्भय किया। जिन्हों ने उसकी ओर दृष्टि की उन्हों ने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया। इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया।। यहोवा के डरवैयों के चारों ओर उसका दूत छावनी किए हुए उनको बचाता है। परखकर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। ृहे यहोवा के पवित्रा लोगो, उसका भय मानो, क्योंकि उसके डरवैयों को किसी बात की घटी नहीं होती! जवान सिहों को तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं; परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी भली वस्तु की घटी न होवेगी।। हे लड़कों, आओ, मेरी सुनो, मैं तुम को यहोवा का भय मानना सिखाऊंगा। वह कौन मनुष्य है जो जीवन की इच्छा रखता, और दीर्घायु चाहता है ताकि भलाई देखे? अपनी जीभ को बुराई से रोक रख, और अपने मुंह की चौकसी कर कि उस से छल की बात न निकले। बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूंढ और उसी का पीछा कर।। यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं। यहोवा बुराई करनेवालों के विमुख रहता है, ताकि उनका स्मरण पृथ्वी पर से मिटा डाले। धर्मी दोहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उनको सब विपत्तियों से छुड़ाता है। यहोवा टूटे मनवालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्वार करता है।। धर्मी पर बहुत सी विपत्तियां पड़ती तो हैं, परन्त यहोवा उसको उन सब से मुक्त करता है। वह उसकी हड्डी हड्डी की रक्षा करता है; और उन में से एक भी टूटने नहीं पाती। दुष्ट अपनी बुराई के द्वारा मारा जाएगा; और धर्मी के बैरी दोषी ठहरेंगे। यहोवा अपने दासों का प्राण मोल लेकर बचा लेता है; और जितने उसके शरणागत हैं उन में से कोई भी दोषी न ठहरेगा।।