1 Samuel · chapter 22 · verse 3
1 Samuel 22:3 in Hindi
वहां से दाऊद ने मोआब के मिसपे को जाकर मोआब के राजा से कहा, मेरे पिता को अपने पास तब तक आकर रहने दो, जब तक कि मैं न जानूं कि परमेश्वर मेरे लिये क्या करेगा।
Vahaam se daaood ne moaab ke misape ko jaakar moaab ke raajaa se kahaa, mere pitaa ko apane paas tab tak aakar rahane do, jab tak ki maim na jaanoom ki parameshvar mere liye kyaa karegaa.
1 Samuel 22:3 in English
- King James Version (KJV)
- And David went thence to Mizpeh of Moab: and he said unto the king of Moab, Let my father and my mother, I pray thee, come forth, [and be] with you, till I know what God will do for me.
- World English Bible (WEB)
- David went from there to Mizpeh of Moab; and he said to the king of Moab, “Please let my father and my mother come out to you, until I know what God will do for me.”
- American Standard Version (ASV)
- And David went thence to Mizpeh of Moab: and he said unto the king of Moab, Let my father and my mother, I pray thee, come forth, [and be] with you, till I know what God will do for me.
- Bible in Basic English (BBE)
- And from there David went to Mizpeh in the land of Moab: and he said to the king of Moab, Let my father and mother come and make their living-place with you till it is clear to me what God will do for me.
- Darby Translation (DBY)
- And David went thence to Mizpeh in Moab, and said to the king of Moab, Let my father and my mother, I pray thee, come forth amongst you, till I know what God will do for me.
- Webster's Bible (WBS)
- And David went thence to Mizpeh of Moab: and he said to the king of Moab, Let my father and my mother, I pray thee, come forth, [and be] with you, till I know what God will do for me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And David goeth thence to Mizpeh of Moab, and saith unto the king of Moab, 'Let, I pray thee, my father and my mother go out with you, till that I know what God doth for me;'
Read in context
- 1और दाऊद वहां से चला, और अदुल्लाम की गुफा में पहुंचकर बच गया; और यह सुनकर उसके भाईं, वरन उसके पिता का समस्त घराना वहां उसके पास गया।
- 2और जितने संकट में पड़े थे, और जितने ऋणी थे, और जितने उदास थे, वे एक उसके पास इकट्ठे हुए; और हव उनका प्रधान हुआ। और कोई चार सौ पुरूष उसके साथ हो गए।।
- 3वहां से दाऊद ने मोआब के मिसपे को जाकर मोआब के राजा से कहा, मेरे पिता को अपने पास तब तक आकर रहने दो, जब तक कि मैं न जानूं कि परमेश्वर मेरे लिये क्या करेगा।
- 4और वह उनको मोआब के राजा के सम्मुख ले गया, और जब तक दाऊद उस गढ़ में रहा, तब तक वे उसके पास रहे।
- 5फिर गाद नाम एक नबी ने दाऊद से कहा, इस गढ़ में मत रह; चल, यहूदा के देश में जा। और दाऊद चलकर हेरेत के बन में गया।।
Cross references
- Judges 11:29 न्यायियों 11:29तब यहोवा का आत्मा यिप्तह में समा गया, और वह गिलाद और मनश्शे से होकर गिलाद के मिस्पे में आया, और गिलाद के मिस्पे से होकर अम्मोनियों की ओर चला।
- Matthew 15:4–6 मत्ती 15:4–6क्योंकि परमेश्वर ने कहा था, कि अपने पिता और अपनी माता का आदर करना: और जो कोई पिता या माता को बुरा कहे, वह मार डाला जाए। पर तुम कहते हो, कि यदि कोई अपने पिता या माता से कहे, कि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह परमेश्वर को भेंट चढ़ाई जा चुकी। तो वह अपने पिता का आदर न करे, सो तुम ने अपनी रीतों के कारण परमेश्वर का वचन टाल दिया।
- Ruth 1:1–4 रूत 1:1–4जिन दिनों में न्यायी लोग न्याय करते थे उन दिनों में देश में अकाल पड़ा, तब यहूदा के बेतलेहेम का एक पुरूष अपनी स्त्री और दोनो पुत्रों को संग लेकर मोआब के देश में परदेशी होकर रहने के लिये चला। उस पुरूष का नाम एलीमेलेक, और उसकी पत्नि का नाम नाओमी, और उसके दो बेटों के नाम महलोन और किल्योन थे; ये एप्राती अर्थात् यहूदा के बेतलेहेम के रहनेवाले थे। और मोआब के देश में आकर वहां रहे। और नाओमी का पति एलीमेलेक मर गया, और नाओमी और उसके दोनो पुत्रा रह गए। और इन्हों ने एक एक मोआबिन ब्याह ली; एक स्त्री का नाम ओर्पा और दूसरी का नाम रूत था। फिर वे वहां कोई दस वर्ष रहे।
- Ruth 4:10 रूत 4:10फिर महलोन की स्त्री रूत मोआबिन को भी मैं अपनी पत्नी करने के लिये इस मनसा से मोल लेता हूं, कि मरे हुए का नाम उसके निज भाग पर स्थिर करूं, कहीं ऐसा न हो कि मरे हुए का नाम उसके भाइयों में से और उसके स्थान के फाटक से मिट जाए; तुम लोग आज साक्षी ठहरे हो।
- Genesis 47:11 उत्पत्ति 47:11तब यूसुफ ने अपने पिता और भाइयों को बसा दिया, और फिरौन की आज्ञा के अनुसार मि देश के अच्छे से अच्छे भाग में, अर्थात् रामसेस नाम देश में, भूमि देकर उनको सौंप दिया।
- 1 Samuel 14:47 1 शमूएल 14:47जब शाऊल इस्राएलियों के राज्य में स्थिर हो गया, तब वह मोआबी, अम्मोनी, एदोमी, और पलिश्ती, अपने चारों ओर के सब शत्रुओं से, और सोबा के राजाओं से लड़ा; और जहां जहां वह जाता वहां जय पाता था।
- Exodus 20:12 निर्गमन 20:12तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिस से जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में तू बहुत दिन तक रहने पाए।।
- 2 Samuel 15:25–26 2 शमूएल 15:25–26तब राजा ने सादोक से कहा, परमेश्वर के सन्दूक को नगर में लौटा ले जा। यदि यहोवा के अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर हो, तो वह मुझे लौटाकर उसको और अपने वासस्थान को भी दिखाएगा; परन्तु यदि वह मुझ से ऐसा कहे, कि मैं तुझ से प्रसन्न नहीं, तौभी मैं हाजिर हूं, जैसा उसको भाए वैसा ही वह मेरे साथ बर्त्ताव करे।
- Ruth 4:17 रूत 4:17और उसकी पड़ोसिनों ने यह कहकर, कि नाओमी के एक बेटा उत्पन्न हुआ है, लड़के का नाम ओबेद रखा। यिशै का पिता और दाऊद का दादा वही हुआ।।
- 1 Samuel 3:18 1 शमूएल 3:18तब शमूएल ने उसको रत्ती रत्ती बातें कह सुनाईं, और कुछ भी न छिपा रखा। वह बोला, वह तो यहोवा है; जो कुछ वह भला जाने वही करें।
- Philippians 2:23–24 फिलिप्पियों 2:23–24सो मुझे आशा है, कि ज्योंही मुझे जान पड़ेगा कि मेरी क्या दशा होगी, त्योंही मैं उसे तुरन्त भेज दूंगा। और मुझे प्रभु में भरोसा है, कि मैं आप भी शीघ्र आऊंगा।
- 1 Timothy 5:4 1 तीमुथियुस 5:4और यदि किसी विधवा के लड़केबाले या नातीपोते हों, तो वे पहिले अपने ही घराने के साथ भक्ति का बर्ताव करना, और अपने माता- पिता आदि को उन का हक देना सीखें, क्योंकि यह परमेश्वर को भाता है।
Original words (Hebrew)
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- went · H3212יָלַךְ yâlak
- Mizpeh · H4708מִצְפֶּה Mitspeh
- Moab · H4124מוֹאָב Môwʼâb
- said · H559אָמַר ʼâmar
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Moab · H4124מוֹאָב Môwʼâb
- father · H1אָב ʼâb
- mother · H517אֵם ʼêm
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- know · H3045יָדַע yâdaʻ
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- do · H6213עָשָׂה ʻâsâh