1 Samuel · chapter 25 · verse 17
1 Samuel 25:17 in Hindi
इसलिये अब सोच विचार कर कि क्या करना चाहिए; क्योंकि उन्हों ने हमारे स्वामी की ओर उसके समस्त घराने की हानि ठानी होगी, वह तो ऐसा दुष्ट है कि उस से कोई बोल भी नहीं सकता।
Isaliye ab soch vichaar kar ki kyaa karanaa chaahie; kyonki unhom ne hamaare svaamee kee or usake samast gharaane kee haani thaanee hogee, vah to aisaa dusht hai ki us se koee bol bhee naheem sakataa.
1 Samuel 25:17 in English
- King James Version (KJV)
- Now therefore know and consider what thou wilt do; for evil is determined against our master, and against all his household: for he [is such] a son of Belial, that [a man] cannot speak to him.
- World English Bible (WEB)
- Now therefore know and consider what you will do; for evil is determined against our master and against all his house, for he is such a worthless fellow that one can’t speak to him.”
- American Standard Version (ASV)
- Now therefore know and consider what thou wilt do; for evil is determined against our master, and against all his house: for he is such a worthless fellow, that one cannot speak to him.
- Bible in Basic English (BBE)
- So now, give thought to what you are going to do; for evil is in store for our master and all his house: for he is such a good-for-nothing person that it is not possible to say anything to him.
- Darby Translation (DBY)
- And now know and consider what thou wilt do, for evil is determined against our master, and against all his household; and he is such a son of Belial, that one cannot speak to him.
- Webster's Bible (WBS)
- Now therefore know and consider what thou wilt do: for evil is determined against our master, and against all his household: for he [is such] a son of Belial, that [a man] cannot speak to him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And, now, know and consider what thou dost; for evil hath been determined against our lord, and against all his house, and he [is] too much a son of worthlessness to be spoken to.'
Read in context
- 15परन्तु वे मनुष्य हम से बहुत अच्छा बर्ताव रखते थे, और जब तक हम मैदान में रहते हुए उनके पास आया जाया करते थे, तब तक न तो हमारी कुछ हानि हुई, और न हमारा कुछ खोया गया;
- 16जब तक हम उन के साथ भेड़- बकरियां चराते रहे, तब तक वे रात दिन हमारी आड़ बने रहे।
- 17इसलिये अब सोच विचार कर कि क्या करना चाहिए; क्योंकि उन्हों ने हमारे स्वामी की ओर उसके समस्त घराने की हानि ठानी होगी, वह तो ऐसा दुष्ट है कि उस से कोई बोल भी नहीं सकता।
- 18अब अबीगैल ने फुर्ती से दो सौ रोटी, और दो कुप्पी दाखमधु, और पांच भेड़ियों का मांस, और पांच सआ भूना हुआ अनाज, और एक सौ गुच्छे किशमिश, और अंजीरों की दो सौ टिकियां लेकर गदहों पर लदवाई।
- 19और उस ने अपने जवानों से कहा, तुम मेरे आगे आगे चलो, मैं तुम्हारे पीछे पीछे आती हूं; परनतु उस ने अपने पति नाबाल से कुछ न कहा।
Cross references
- 1 Samuel 20:7 1 शमूएल 20:7यदि वह यों कहे, कि अच्छा! तब तो तेरे दास के लिये कुशल होगा; परन्तु यदि उसका कोप बहुत भड़क उठे, तो जान लेना कि उसने बुराई ठानी है।
- Deuteronomy 13:13 व्यवस्थाविवरण 13:13कि कितने अधम पुरूषों ने तेरे ही बीच में से निकलकर अपने नगर के निवासियों को यह कहकर बहका दिया है, कि आओ हम और देवताओं की जिन से अब तक अनजान रहे उपासना करें,
- 2 Chronicles 13:7 2 इतिहास 13:7और उसके पास हलके और ओछे मनुष्य इकट्ठा हो गए हैं और जब सुलैमान का पुत्रा रहूबियाम लड़का और अल्हड़ मन का था और उनका साम्हना न कर सकता था, तब वे उसके विरूद्ध सामथ हो गए।
- 1 Samuel 20:32–33 1 शमूएल 20:32–33योनातन ने अपने पिता शाऊल को उत्तर देकर उस से कहा, वह क्यों मारा जाए? उसने क्या किया है? तब शाऊल ने उसको मारने के लिये उस पर भाला चलाया; इससे योनातन ने जान लिया, कि मेरे पिता ने दाऊद को मार डालना ठान लिया है।
- 2 Kings 5:13–14 2 राजा 5:13–14तब उसके सेवक पास आकर कहने लगे, हे हमारे पिता यदि भविष्यद्वक्ता तुझे कोई भारी काम करने की आज्ञा देता, तो क्या तू उसे न करता? फिर जब वह कहता है, कि स्नान करके शुठ्ठ हो जा, तो कितना अधिक इसे मानना चाहिये। तब उस ने परमेश्वर के भक्त के वचन के अनुसार यरदन को जाकर उस में सात बार डुबकी मारी, और उसका शरीर छोटे लड़के का सा हो गया; और वह शुठ्ठ हो गया।
- Esther 7:7 एस्तेर 7:7राजा तो जलजलाहट में आ, मधु पीने से उठकर, राजभवन की बारी में निकल गया; और हामान यह देखकर कि राजा ने मेरी हानि ठानी होगी, एस्तेर रानी से प्राणदान मांगने को खड़ा हुआ।
- 2 Chronicles 25:16 2 इतिहास 25:16वह उस से कह ही रहा था कि उस ने उस से पूछा, क्या हम ने तुझे राजमन्त्री ठहरा दिया है? चुप रह! क्या तू मार खाना चाहता है? तब वह नबी यह कहकर चुप हो गया, कि मुझे मालूम है कि परमेश्वर ने तुझे नाश करने को ठाना है, क्योंकि तू ने ऐसा किया है और मेरी सम्मति नहीं मानी।
- 1 Samuel 25:25 1 शमूएल 25:25मेरा प्रभु उस दुष्ट नाबाल पर चित्त न लगाए; क्योंकि जैसा उसका नाम है वैसा ही वह आप है; उसका नाम तो नाबाल है, और सचमुच उस में मूढ़ता पाई जाती है; परन्तु मुझ तेरी दासी ने अपने प्रभु के जवानों को जिन्हें तू ने भेजा था न देखा था।
- 2 Samuel 23:6–7 2 शमूएल 23:6–7परन्तु ओछे लोग सब के सब निकम्मी झाड़ियों के समान हैं जो हाथ से पकड़ी नहीं जातीं; और जो पुरूष उनको छूए उसे लोहे और भाले की छड़ से सुसज्जित होना चाहिये। इसलिये वे अपने ही स्थान में आग से भस्म कर दिए जाएंगे।
- 1 Samuel 20:9 1 शमूएल 20:9योनातन ने कहा, ऐसी बात कभी न होगी! यदि मैं निश्चय जानता कि मेरे पिता ने तुझ से बुराई करनी ठानी है, तो क्या मैं तुझ को न बताता?
- 1 Kings 21:13 1 राजा 21:13तब दो नीच जन आकर उसके सम्मुख बैठ गए; और उन नीच जनों ने लोगों लोगों के साम्हने नाबोत के विम्ठ्ठ यह साक्षी दी, कि नाबोत ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। इस पर उन्हों ने उसे नगर से बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह किया, और वह मर गया।
- 1 Samuel 2:12 1 शमूएल 2:12एली के पुत्रा तो लुच्चे थे; उन्हों ने यहोवा को न पहिचाना।