1 Samuel · chapter 26 · verse 18
1 Samuel 26:18 in Hindi
फिर उस ने कहा, मेरा प्रभु अपने दास का पीछा क्यों करता है? मैं ने क्या किया है? और मुझ से कौन सी बुराई हुई है?
Phir us ne kahaa, meraa prabhu apane daas kaa peechhaa kyom karataa hai? Maim ne kyaa kiyaa hai? Aur mujh se kaun see buraaee huee hai?
1 Samuel 26:18 in English
- King James Version (KJV)
- And he said, Wherefore doth my lord thus pursue after his servant? for what have I done? or what evil [is] in mine hand?
- World English Bible (WEB)
- He said, “Why does my lord pursue his servant? For what have I done? What evil is in my hand?
- American Standard Version (ASV)
- And he said, Wherefore doth my lord pursue after his servant? for what have I done? or what evil is in my hand?
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said, Why does my lord go armed against his servant? what have I done? or what evil is there in me?
- Darby Translation (DBY)
- And he said, Why does my lord thus pursue after his servant? for what have I done? or what evil is in my hand?
- Webster's Bible (WBS)
- And he said, Why doth my lord thus pursue his servant? for what have I done? or what evil [is] in my hand?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he saith, 'Why [is] this — my lord is pursuing after his servant? for what have I done, and what [is] in my hand evil?
Read in context
- 16जो काम तू ने किया है वह अच्छा नहीं। यहोवा के जीवन की शपथ तुम लोग मारे जाने के योग्य हो, क्योंकि तुम ने अपने स्वामी, यहोवा के अभिषिक्त की चौकसी नहीं की। और अब देख, राजा का भाला और पानी की घरी जो उसके सिरहान थी वे कहां हैं,
- 17तब शाऊल ने दाऊद का बोल पहिचानकर कहा, हे मेरे बेटे दाऊद, क्या यह तेरा बोल है, दाऊद ने कहा, हां, मेरे प्रभु राजा, मेरा ही बोल है।
- 18फिर उस ने कहा, मेरा प्रभु अपने दास का पीछा क्यों करता है? मैं ने क्या किया है? और मुझ से कौन सी बुराई हुई है?
- 19अब मेरा प्रभु राजा, अपने दास की बातें सुन ले। यदि यहोवा नेतुझे मेरे विरूद्ध उसकाया हो, तब तो वह भेंट ग्रहण करे; परन्तु यदि आदमियों ने ऐसा किया हो, तो वे यहोवा की ओर से शापित हों, क्योंकि उन्हों ने अब मुझे निकाल दिया हैकि मैं यहोवा के निज भाग में न रहूं, और उन्हों ने कहा है, कि जा पराए देवताओं की उपासना कर।
- 20इसलिये अब मेरा लोहू यहोवा की आखों की ओट में भूमि पर न बहने पाए; इस्राएल का राजा तो एक पिस्सू ढूंढ़ने आया है, जैसा कि कोई पहाड़ों पर तीतर का अहेर करे।
Cross references
- 1 Samuel 24:9 1 शमूएल 24:9और दाऊद ने शाऊल से कहा, जो मनुष्य कहते हैं, कि दाऊद तेरी हानि चाहता है उनकी तू क्यों सुनता है?
- 1 Samuel 24:11–14 1 शमूएल 24:11–14फिर, हे मेरे पिता, देख, अपने बागे की छोर मेरे हाथ में देख; मैं ने तेरे बागे की छोर तो काट ली, परन्तु तुझे घात न किया; इस से निश्चय करके जान ले, कि मेरे मन में कोई बुराई वा अपराध का सोच नहीं है। और मैं ने तेरा कुछ अपराध नहीं किया, परन्तु तू मेरे प्राण लेने को मानो उसका अहेर करता रहता है। यहोवा मेरा और तेरा न्याय करे, और यहोवा तुझ से मेरा पलटा ले; परन्तु मेरा हाथ तुझ पर न उठेगा। प्राचीनों के नीति वचन के अनुसार दुष्टता दुष्टों से होती है; परन्तु मेरा हाथ तुझ पर न उठेगा। इस्राएल का राजा किस का पीछा करने को निकला है? और किस के पीछे पड़ा है? एक मरे कुत्ते के पीछे! एक पिस्सू के पीछे!
- Psalm 69:4 भजन संहिता 69:4जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे गिनती में मेरे सिर के बालों से अधिक हैं; मेरे विनाश करनेवाले जो व्यर्थ मेरे शत्रु हैं, वे सामर्थीं हैं, इसलिये जो मैं ने लूटा नहीं वह भी मुझ को देना पड़ा है।
- John 10:32 यूहन्ना 10:32इस पर यीशु ने उन से कहा, कि मैं ने तुम्हें अपने पिता की ओर से बहुत से भले काम दिखाए हैं, उन में से किस काम के लिये तुम मुझे पत्थरवाह करते हो?
- Psalm 7:3–5 भजन संहिता 7:3–5हे मेरे परमेश्वर यहोवा, यदि मैं ने यह किया हो, यदि मेरे हाथों से कुटिल काम हुआ हो, यदि मैं ने अपने मेल रखनेवालों से भलाई के बदले बुराई की हो, (वरन मैं ने उसको जो अकारण मेरा बैरी था बचाया है) तो शत्रु मेरे प्राण का पीछा करके मुझे आ पकड़े, वरन मेरे प्राण को भूमि पर रौंदे, और मेरी महिमा को मिट्टी में मिला दे।।
- Psalm 35:7 भजन संहिता 35:7क्योंकि अकारण उन्हों ने मेरे लिये अपना जाल गड़हे में बिछाया; अकारण ही उन्हों ने मेरा प्राण लेने के लिये गड़हा खोदा है।
- John 18:23 यूहन्ना 18:23यीशु ने उसे उत्तर दिया, यदि मैं ने बुरा कहा, तो उस बुराई पर गवाही दे; परन्तु यदि भला कहा, तो मुझे क्यों मारता है?
- John 8:46 यूहन्ना 8:46तुम में से कौन मुझे पापी ठहराता है? और यदि मैं सच बोलता हूं, तो तुम मेरी प्रतीति क्यों नहीं करते?
- 1 Samuel 17:29 1 शमूएल 17:29दाऊद ने कहा, मैं ने अब क्या किया है, वह तो निरी बात थी?