1 Samuel · chapter 17 · verse 29
1 Samuel 17:29 in Hindi
दाऊद ने कहा, मैं ने अब क्या किया है, वह तो निरी बात थी?
Daaood ne kahaa, maim ne ab kyaa kiyaa hai, vah to niree baat thee?
1 Samuel 17:29 in English
- King James Version (KJV)
- And David said, What have I now done? [Is there] not a cause?
- World English Bible (WEB)
- David said, “What have I now done? Is there not a cause?”
- American Standard Version (ASV)
- And David said, What have I now done? Is there not a cause?
- Bible in Basic English (BBE)
- And David said, What have I done now? was it not only a word?
- Darby Translation (DBY)
- And David said, What have I now done? Was it not laid upon me?
- Webster's Bible (WBS)
- And David said, What have I now done? [Is there] not a cause?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And David saith, 'What have I done now? is it not a word?'
Read in context
- 27तब लोगों ने उस से वही बातें कहीं, अर्थात् यह, कि जो कोई उसे मारेगा उस से ऐसा ऐसा किया जाएगा।
- 28जब दाऊद उन मनुष्यों से बातें कर रहा था, तब उसका बड़ा भाई एलीआब सुन रहा था; और एलीआब दाऊद से बहुत क्रोधित होकर कहने लगा, तू यहां क्या आया है? और जंगल में उन थोड़ी सी भेड़ बकरियों को तू किस के पास छोड़ आया है? तेरा अभिमान और तेरे मन की बुराई मुझे मालूम है; तू तो लड़ाई देखने के लिये यहां आया है।
- 29दाऊद ने कहा, मैं ने अब क्या किया है, वह तो निरी बात थी?
- 30तब उस ने उसके पास से मुंह फेरके दूसरे के सम्मुख होकर वैसी ही बात कही; और लोगों ने उसे पहिले की नाई उत्तर दिया।
- 31जब दाऊद की बातों की चर्चा हुई, तब शाऊल को भी सुनाई गई; औश्र उस ने उसे बुलवा भेजा।
Cross references
- 1 Peter 3:9 1 पतरस 3:9बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
- 1 Corinthians 2:15 1 कुरिन्थियों 2:15आत्मिक जन सब कुछ जांचता है, परन्तु वह आप किसी से जांचा नहीं जाता।
- Proverbs 15:1 नीतिवचन 15:1कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध धधक उठता है।
- Acts 11:2–4 प्रेरितों के काम 11:2–4और जब पतरस यरूशलेम में आया, तो खतना किए हुए लोग उस से वाद- विवाद करने लगे। कि तू ने खतनारहित लोगों के यहां जाकर उन से साथ खाया। तब पतरस ने उन्हें आरम्भ से क्रमानुसार कह सुनाया;