1 Samuel · chapter 27 · verse 3
1 Samuel 27:3 in Hindi
और दाऊद और उसके जन अपने अपने परिवार समेत गत में आकीश के पास रहने लगे। दाऊद तो अपनी दो स्त्रियों के साथ, अर्थात् यिज्रेली अहीनोअब, और नाबाल की स्त्री कर्मेली अबीगैल के साथ रहा।
Aur daaood aur usake jan apane apane parivaar samet gat mem aakeesh ke paas rahane lage. Daaood to apanee do striyom ke saath, arthaat yijrelee aheenoab, aur naabaal kee stree karmelee abeegail ke saath rahaa.
1 Samuel 27:3 in English
- King James Version (KJV)
- And David dwelt with Achish at Gath, he and his men, every man with his household, [even] David with his two wives, Ahinoam the Jezreelitess, and Abigail the Carmelitess, Nabal’s wife.
- World English Bible (WEB)
- David lived with Achish at Gath, he and his men, every man with his household, even David with his two wives, Ahinoam the Jezreelitess and Abigail the Carmelitess, Nabal’s wife.
- American Standard Version (ASV)
- And David dwelt with Achish at Gath, he and his men, every man with his household, even David with his two wives, Ahinoam the Jezreelitess, and Abigail the Carmelitess, Nabal’s wife.
- Bible in Basic English (BBE)
- And David and his men were living with Achish at Gath; every man had his family with him, and David had his two wives, Ahinoam of Jezreel, and Abigail of Carmel, who had been the wife of Nabal.
- Darby Translation (DBY)
- And David abode with Achish at Gath, he and his men, every man with his household; David with his two wives, Ahinoam the Jizreelitess, and Abigail the Carmelitess, Nabal's wife.
- Webster's Bible (WBS)
- And David dwelt with Achish at Gath, he and his men, every man with his household, [even] David with his two wives, Ahinoam the Jezreelitess, and Abigail the Carmelitess Nabal's wife.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and David dwelleth with Achish in Gath, he and his men, each one with his household, [even] David and his two wives, Ahinoam the Jezreelitess, and Abigail wife of Nabal the Carmelitess.
Read in context
- 1और दाऊद सोचने लगा, अब मैं किसी न किसी दिन शाऊल के हाथ से नाश हो जाऊंगा; अब मेरे लिये उत्तम यह है कि मैं पलिश्तियों के देश में भाग जाऊं; तब शाऊल मेरे विषय निराश होगा, और मुझे इस्राएल के देश के किसी भाग में फिर न ढूढ़ेगा, यों मैं उसके हाथ से बच निकलूंगा।
- 2तब दाऊद अपने छ: सौ संगी पुरूषों को लेकर चला गया, और गत के राजा माओक के पुत्रा आकीश के पास गया।
- 3और दाऊद और उसके जन अपने अपने परिवार समेत गत में आकीश के पास रहने लगे। दाऊद तो अपनी दो स्त्रियों के साथ, अर्थात् यिज्रेली अहीनोअब, और नाबाल की स्त्री कर्मेली अबीगैल के साथ रहा।
- 4जब शाऊल को यह समाचार मिला कि दाऊद गत को भाग गया है, तब उस ने उसे फिर कभी न ढूंढ़ा
- 5दाऊद ने आकीश से कहा, यदि मुझ पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि हो, तो देश की किसी बस्ती में मुझे स्थान दिला दे जहां मैं रहूं; तेरा दास तेरे साथ राजधनी में क्यों रहे?
Cross references
- 1 Samuel 25:42–43 1 शमूएल 25:42–43तब अबीगैल फुर्ती से उठी, और गदहे पर चढ़ी, और उसकी पांच सहेलियां उसके पीछे पीछे हो ली; और वह दाऊद के दूतों के पीछे पीछे गई; और उसकी पत्नी हो गई। और दाऊद ने चिज्रैल नगर की अहिनोअम को भी ब्याह लिया, तो वे दोनों उसकी पत्नियां हुई।
- 1 Samuel 30:5 1 शमूएल 30:5और दाऊद की दो स्त्रियां, यिज्रेली अहीनोअम, और कर्मैली नाबाल की स्त्री अबीगैल, बन्धुआई में गई थीं।
- 1 Samuel 30:3 1 शमूएल 30:3इसलिये जब दाऊद अपने जनों समेत उस नगर में पहुंचा, तब नगर तो जला पड़ा था, और स्त्रियां और बेटे- बेछियां बन्धुआई में चली गई थीं।
- 1 Samuel 25:18–35 1 शमूएल 25:18–35अब अबीगैल ने फुर्ती से दो सौ रोटी, और दो कुप्पी दाखमधु, और पांच भेड़ियों का मांस, और पांच सआ भूना हुआ अनाज, और एक सौ गुच्छे किशमिश, और अंजीरों की दो सौ टिकियां लेकर गदहों पर लदवाई। और उस ने अपने जवानों से कहा, तुम मेरे आगे आगे चलो, मैं तुम्हारे पीछे पीछे आती हूं; परनतु उस ने अपने पति नाबाल से कुछ न कहा। वह गदहे पर चढ़ी हुई पहाड़ की आड़ में उतरी जाती थी, और दाऊद अपने जनों समेत उसके सामहने उतरा आता था; और वह उनको मिली। दाऊद ने तो सोचा था, कि मैं ने जो जंगल में उसके सब माल की ऐसी रक्षा की कि उसका कुछ भी न खोया, यह नि:सन्देह व्यर्थ हुआ; क्योंकि उस ने भलाई के बदले मुझ से बुराई ही की है। यदि बिहान को उजियाला होने तक उस जन के समस्त लोगों में से एक लड़के को भी मैं जीवित छोड़ूं, तो परमेश्वर मेरे सब शत्रुओं से ऐसा ही, वरन इस से भी अधिक करे। दाऊद को देख अबीगैल फुर्ती करके गदहे पर से उतर पड़ी, और दाऊद के सम्मुख मुंह के बल भूमि पर गिरकर दण्डवत् की। फिर वह उसके पांव पर गिरके कहने लगी, हे मेरे प्रभु, यह अपराण मेरे ही सिर पर हो; तेरी दासी तुझ से कुछ कहना चाहती है, और तू अपनी दासी की बातों को सुन ले। मेरा प्रभु उस दुष्ट नाबाल पर चित्त न लगाए; क्योंकि जैसा उसका नाम है वैसा ही वह आप है; उसका नाम तो नाबाल है, और सचमुच उस में मूढ़ता पाई जाती है; परन्तु मुझ तेरी दासी ने अपने प्रभु के जवानों को जिन्हें तू ने भेजा था न देखा था। और अब, हे मेरे प्रभु, यहोवा के जीवन की शपथ और तेरे जीवन की शपथ, कि यहोवा ने जो तुझे खून से और अपने हाथ के द्वारा अपना पलटा लेने से रोक रखा है, इसलिये अब तेरे शत्रु और मेरे प्रभु की हाति के चाहनेवाले नाबाल ही के समान ठहरें। और अब यह भेंट जो तेरी दासी अपने प्रभु के पास लाई है, उन जवानों को दी जाए जो मेरे प्रभु के साथ चालते हैं। अपनी दासी का अपराध क्षमा कर; क्योंकि यहोवा निश्चय मेरे प्रभु का घर बसाएगा और स्थिर करेगा, इसलिये कि मेरा प्रभु यहोवा की ओर से लड़ता है; और जन्म भर तुझ में कोई बुराई नहीं पाई जाएगी। और यद्यपि एक मनुष्य तेरा पीछा करनेऔर तेरे प्राण का ग्राहक होने को उठा है, तौभी मेरे प्रभु का प्राण तेरे परमेश्वर यहोवा की जीवनरूपी गठरी में बन्धा रहेगा, और तेरे शत्रुओं के प्राणों को वह मानो गोफन में रखकर फेंक देगा। इसलिये जब यहोवा मेरे प्रभु के लिये यह समस्त भलाई करेगा जो उस ने तेरे विषय में कही है, और तुझे इस्राएल पर प्रधान करके ठहराएगा, तब तुझे इस कारण पछताना न होगा, वा मेरे प्रभु का हृदय पीड़ित न होगा कि तू ने अकारण खून किया, और मेरे प्रभु ने अपना पलटा आप लिया है। फिर जब यहोवा मेरे प्रभु से भलाई करे तब अपनी दासी को स्मरण करना। दाऊद ने अबीगैल से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा धन्य है, जिस ने आज के दिन मुझ से भेंट करने केलिये तुझे भेजा है। और तेरा विवेक धन्य है, और तू आप भी धन्य है, कि तू ने मुझे आज के दिन खून करने और अपना पलटा आप लेने से रोक लिया है। क्योंकि सचमुच इस्राएल का परमेश्वर यहोवा, जिस ने मुझे तेरी हानि करने से रोका है, उसके जीवन की शपथ, यदि तू फुर्ती करके मुंझ से भेंट करने को न आती, तो नि:सन्देह बिहान को उजियाला होने तक नाबाल का कोई लड़का भी न बचता। तब दाऊद ने उसे ग्रहण किया जो वह उसके लिये लाई थी; फिर उस से उस ने कहा, अपने घर कुशल से जा; सुन, मैं ने तेरी बात मानी है और तेरी बिनती ग्रहण कर ली है।
- 1 Samuel 25:3 1 शमूएल 25:3उस पुरूष का नाम नाबाल, और उसकी पत्नी का नाम अबीगैल था। स्त्री तो बुद्धिमान और रूपवती थी, परन्तु पुरूष कठोर, और बुरे बुरे काम करनेवाला था; वह तो कालेबवंशी था।
Original words (Hebrew)
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- dwelt · H3427יָשַׁב yâshab
- Achish · H397אֲכִישׁ ʼĂkîysh
- Gath · H1661גַּת Gath
- men · H582אֱנוֹשׁ ʼĕnôwsh
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- household · H1004בַּיִת bayith
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- two · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- wives · H802אִשָּׁה ʼishshâh
- Ahinoam · H293אֲחִינֹעַם ʼĂchîynôʻam
- Jezreelitess · H3159יִזְרְעֵאלִית Yizrᵉʻêʼlîyth
- Abigail · H26אֲבִיגַיִל ʼĂbîygayil
- Carmelitess · H3762כַּרְמְלִית Karmᵉlîyth
- Nabal’s · H5037נָבָל Nâbâl
- wife · H802אִשָּׁה ʼishshâh