1 Samuel · chapter 4 · verse 15
1 Samuel 4:15 in Hindi
एल तो अट्ठानवे वर्ष का था, और उसकी आंखें धुन्धली पड़ गई थीं, और उसे कुछ सूझता न था।
El to atthaanave varsh kaa thaa, aur usakee aankhem dhundhalee pad gaee theem, aur use kuchh soojhataa na thaa.
1 Samuel 4:15 in English
- King James Version (KJV)
- Now Eli was ninety and eight years old; and his eyes were dim, that he could not see.
- World English Bible (WEB)
- Now Eli was ninety-eight years old. His eyes were set, so that he could not see.
- American Standard Version (ASV)
- Now Eli was ninety and eight years old; and his eyes were set, so that he could not see.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now Eli was ninety-eight years old, and his eyes were fixed so that he was not able to see.
- Darby Translation (DBY)
- Now Eli was ninety-eight years old; and his eyes were set, that he could not see.
- Webster's Bible (WBS)
- Now Eli was ninety and eight years old; and his eyes were dim, that he could not see.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Eli is a son of ninety and eight years, and his eyes have stood, and he hath not been able to see.
Read in context
- 13वह जब पहुंचा उस समय एली, जिसका मन परमेश्वर के सन्दूक की चिन्ता से थरथरा रहा था, वह मार्ग के किनारे कुर्सी पर बैठा बाट जोह रहा था। और ज्योंही उस मनुष्य ने नगर में पहुंचकर वह समाचार दिया त्योंही सारा नगर चिल्ला उठा।
- 14चिल्लाने का शब्द सुनकर एली ने पूछा, ऐसे हुल्लड़ और हाहाकार मचने का क्या कारण है? और उस मनुष्य ने झट जाकर एली को पूरा हाल सुनाया।
- 15एल तो अट्ठानवे वर्ष का था, और उसकी आंखें धुन्धली पड़ गई थीं, और उसे कुछ सूझता न था।
- 16उस मनुष्य ने एली से कहा, मैं वही हूं जो सेना में से आया हूं; और मैं सेना से आज ही भाग आया। वह बोला, हे मेरे बेटे, क्या समाचार है?
- 17उस समाचार देनेवाले ने उत्तर दिया, कि इस्राएली पलिश्तियों के साम्हने से भाग गए हैं, और लोगों का बड़ा भयानक संहार भी हुआ है, और तेरे दोनों पुत्रा होप्नी और पीनहास भी मारे गए, और परमेश्वर का सन्दूक भी छीन लिया गया है।
Cross references
- 1 Samuel 3:2 1 शमूएल 3:2और उस समय ऐसा हुआ कि (एली की आंखे तो धुंघली होने लगी थीं और उसे न सूझ पड़ता था) जब वह अपने स्थान में लेटा हुआ था,
- Psalm 90:10 भजन संहिता 90:10हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।
- Genesis 27:1 उत्पत्ति 27:1जब इसहाक बूढ़ा हो गया, और उसकी आंखें ऐसी धुंधली पड़ गई, कि उसको सूझता न था, तब उस ने अपने जेठे पुत्रा एसाव को बुलाकर कहा, हे मेरे पुत्रा; उस ने कहा, क्या आज्ञा।
- 1 Kings 14:4 1 राजा 14:4यारोबाम की स्त्री ने वैसा ही किया, और चलकर शीलो को पहुंची और अहिय्याह के घर पर आई: अहिय्याह को तो कुछ सूझ न पड़ता था, क्योंकि बुढ़ापे के कारण उसकी आंखें धुन्धली पड़ गई थीं।