Psalms · chapter 90 · verse 10
Psalm 90:10 in Hindi
हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।
Hamaaree aayu ke varsh sattar to hote haim, aur chaahe bal ke kaaran assee varsh ke bhee ho jaaem, taubhee unakaa ghamand keval nasht aur shok hee shok hai; kyonki vah jaldee kat jaatee hai, aur ham jaate rahate hain.
Psalm 90:10 in English
- King James Version (KJV)
- The days of our years [are] threescore years and ten; and if by reason of strength [they be] fourscore years, yet [is] their strength labour and sorrow; for it is soon cut off, and we fly away.
- World English Bible (WEB)
- The days of our years are seventy, or even by reason of strength eighty years; yet their pride is but labor and sorrow, for it passes quickly, and we fly away.
- American Standard Version (ASV)
- The days of our years are threescore years and ten, Or even by reason of strength fourscore years; Yet is their pride but labor and sorrow; For it is soon gone, and we fly away.
- Bible in Basic English (BBE)
- The measure of our life is seventy years; and if through strength it may be eighty years, its pride is only trouble and sorrow, for it comes to an end and we are quickly gone.
- Darby Translation (DBY)
- The days of our years are threescore years and ten; and if, by reason of strength, they be fourscore years, yet their pride is labour and vanity, for it is soon cut off, and we fly away.
- Webster's Bible (WBS)
- The days of our years [are] seventy years; and if by reason of strength [they are] eighty years, yet [is] their strength labor and sorrow; for it is soon cut off, and we fly away.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Days of our years, in them [are] seventy years, And if, by reason of might, eighty years, Yet [is] their enlargement labour and vanity, For it hath been cut off hastily, and we fly away.
Read in context
- 8तू ने हमारे अधर्म के कामों से अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।।
- 9क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाई बिताते हैं।
- 10हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।
- 11तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य रोष को कौन समझता है?
- 12हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।।
Cross references
- James 4:14 याकूब 4:14और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है।
- Psalm 78:39 भजन संहिता 78:39उसको स्मरण हुआ कि ये नाशमान हैं, ये वायु के समान हैं जो चली जाती और लौट नहीं आती।
- 2 Samuel 19:35 2 शमूएल 19:35आज मैं अस्सी वर्ष का हूँ; क्या मैं भले- बुरे का विवेक कर सकता हूँ? क्या तेरा दास जो कुछ खाता पीता है उसका स्वाद पहिचान सकता है? क्या मुझे गवैरयों वा गायिकाओं का शब्द अब सुन पड़ता है? तेरा दास अब अपने प्रभु राजा के लिये क्यों बोझ का कारण हो?
- Genesis 47:9 उत्पत्ति 47:9याकूब ने फिरौन से कहा, मैं तो एक सौ तीस वर्ष परदेशी होकर अपना जीवन बीता चुका हूं; मेरे जीवन के दिन थोड़े और दु:ख से भरे हुए भी थे, और मेरे बापदादे परदेशी होकर जितने दिन तक जीवित रहे उतने दिन का मैं अभी नहीं हुआ।
- Deuteronomy 34:7 व्यवस्थाविवरण 34:7मूसा अपनी मृत्यु के समय एक सौ बीस वर्ष का था; परन्तु न तो उसकी आंखें धुंधली पड़ीं, और न उसका पौरूष घटा था।
- 1 Kings 1:1 1 राजा 1:1दाऊद राजा बूढ़ा वरन बहुत पुरनिया हुआ; और यद्यपि उसको कपड़े ओढ़ाये जाते थे, तौभी वह गर्म न होता था।
- Job 24:24 अय्यूब 24:24वे बढ़ते हैं, तब थोड़ी बेर में जाते रहते हैं, वे दबाए जाते और सभों की नाई रख लिये जाते हैं, और अनाज की बाल की नाई काटे जाते हैं।
- Job 14:10 अय्यूब 14:10परन्तु पुरूष मर जाता, और पड़ा रहता है; जब उसका प्राण छूट गया, तब वह कहां रहा?
- Ecclesiastes 12:2–7 सभोपदेशक 12:2–7इस से पहिले कि सूर्य और प्रकाश और चन्द्रमा और तारागण अंधेरे हो जाएं, और वर्षा होने के बादल फिर घिर जाएं; उस समय घर के पहरूये कांपेंगे, और बलवन्त झुक जायंगे, और पिसनहारियां थोड़ी रहने के कारण काम छोड़ देंगी, और झरोखों में से देखनेवालियां अन्धी हो जाएगी, और सड़क की ओर के किवाड़ बन्द होंगे, और चक्की पीसने का शब्द धीमा होगा, और तड़के चिड़िया बोलते ही एक उठ जाएगा, और सब गानेवालियों का शब्द धीमा हो जाएगा। फिर जो ऊंचा हो उस से भय खाया जाएगा, और मार्ग में डरावनी वस्तुएं मानी जाएंगी; और बादाम का पेड़ फूलेगा, और टिड्डी भी भारी लगेगी, और भूख बढ़ानेवाला फल फिर काम न देगा; क्योंकि मनुष्य अपने सदा के घर को जायेगा, और रोने पीटनेवाले सड़क सड़क फिरेंगे। उस समय चान्दी का तार दो टूकड़े हो जाएगा और सोने का कटोरा टूटेगा; और सोते के पास घड़ा फूटेगा, और कुण्ड के पास रहट टूट जाएगा, जब मिट्टी ज्यों की त्यों मिट्टी में मिल जाएगी, और आत्मा परमेश्वर के पास जिस ने उसे दिया लौट जाएगी।
- Isaiah 38:12 यशायाह 38:12मेरा घर चरवाहे के तम्बू की नाई उठा लिया गया है; मैं ने जोलाहे की नाईं अपने जीवन को लपेट दिया है; वह मुझे तांत से काट लेगा; एक ही दिन में तू मेरा अन्त कर डालेगा।
- Luke 12:20 लूका 12:20परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा?
Original words (Hebrew)
- days · H3117יוֹם yôwm
- years · H8141שָׁנֶה shâneh
- threescore · H7657שִׁבְעִים shibʻîym
- years · H8141שָׁנֶה shâneh
- ten · H7657שִׁבְעִים shibʻîym
- strength · H1369גְּבוּרָה gᵉbûwrâh
- fourscore · H8084שְׁמֹנִים shᵉmônîym
- years · H8141שָׁנֶה shâneh
- strength · H7296רֹהָב rôhâb
- labour · H5999עָמָל ʻâmâl
- sorrow · H205אָוֶן ʼâven
- soon · H2440חִישׁ chîysh
- off · H1468גּוּז gûwz
- away · H5774עוּף ʻûwph