Galatians · chapter 1 · verse 10
Galatians 1:10 in Hindi
यदि मैं अब तक मनुष्यों को प्रसन्न करता रहता, तो मसीह का दास न होता।।
Yadi maim ab tak manushyom ko prasann karataa rahataa, to maseeh kaa daas na hotaa..
Galatians 1:10 in English
- King James Version (KJV)
- For do I now persuade men, or God? or do I seek to please men? for if I yet pleased men, I should not be the servant of Christ.
- World English Bible (WEB)
- For am I now seeking the favor of men, or of God? Or am I striving to please men? For if I were still pleasing men, I wouldn’t be a servant of Christ.
- American Standard Version (ASV)
- For am I now seeking the favor of men, or of God? or am I striving to please men? if I were still pleasing men, I should not be a servant of Christ.
- Bible in Basic English (BBE)
- Am I now using arguments to men, or God? or is it my desire to give men pleasure? if I was still pleasing men, I would not be a servant of Christ.
- Darby Translation (DBY)
- For do I now seek to satisfy men or God? or do I seek to please men? If I were yet pleasing men, I were not Christ's bondman.
- Webster's Bible (WBS)
- For do I now persuade men, or God? or do I seek to please men? for if I yet pleased men, I should not be the servant of Christ.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for now men do I persuade, or God? or do I seek to please men? for if yet men I did please — Christ's servant I should not be.
Read in context
- 8परन्तु यदि हम या स्वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हम ने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो स्त्रामित हो।
- 9जैसा हम पहिले कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर कहता हूं, कि उस सुसमाचार को छोड़ जिसे तुम ने ग्रहण किया है, यदि कोई और सुसमाचार सुनाता है, तो स्त्रापित हो। अब मैं क्या मनुष्यों को मानता हूं या परमेश्वर को? क्या मैं मनुष्यों को प्रसन्न करना चाहता हूं?
- 10यदि मैं अब तक मनुष्यों को प्रसन्न करता रहता, तो मसीह का दास न होता।।
- 11हे भाइयो, मैं तुम्हें जताए देता हूं, कि जो सुसमाचार मैं ने सुनाया है, वह मनुष्य का सा नहीं।
- 12क्योंकि वह मुझै मनुष्य की ओर से नहीं पहुंचा, और न मुझे सिखाया गया, पर यीशु मसीह के प्रकाश से मिला।
Cross references
- 1 Thessalonians 2:4 1 थिस्सलुनीकियों 2:4पर जैसा परमेश्वर ने हमें योग्य ठहराकर सुसमाचार सौंपा, हम वैसा ही वर्णन करते हैं; और इस में मनुष्यों को नहीं, परन्तु परमेश्वर को, जो हमारे मनों को जांचता है, प्रसन्न करते हैं।
- Acts 5:29 प्रेरितों के काम 5:29तक पतरस और, और प्रेरितों ने उत्तर दिया, कि मनुष्यों की आज्ञा से बढ़कर परमेश्वर की आज्ञा का पालन करना ही कर्तव्य कर्म है।
- Ephesians 6:6 इफिसियों 6:6और मनुष्यों को प्रसन्न करनेवालों की नाई दिखाने के लिये सेवा न करो, पर मसीह के दासों की नाई मन से परमेश्वर की इच्छा पर चलो।
- James 4:4 याकूब 4:4हे व्यभिचारिणियों, क्या तुम नहीं जानतीं, कि संसार से मित्राता करनी परमेश्वर से बैर करना है? सो जो कोई संसार का मित्रा होना चाहता है, वह अपने आप को परमेश्वर का बैरी बनाता है।
- Matthew 22:16 मत्ती 22:16सो उन्हों ने अपने चेलों को हेरोदियों के साथ उसके पास यह कहने को भेजा, कि हे गुरू; हम जानते हैं, कि तू सच्चा है; और परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से सिखाता है; और किसी की परवा नहीं करता, क्योंकि तू मनुष्यों का मुंह देखकर बातें नही करता।
- Colossians 3:22 कुलुस्सियों 3:22हे सेवको, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करनेवालों की नाईं दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से।
- 2 Corinthians 5:9–11 2 कुरिन्थियों 5:9–11इस कारण हमारे मन की उमंग यह है, कि चाहे साथ रहें, चाहे अलग रहें पर हम उसे भाते रहें। क्योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उस ने देह के द्वारा किए हों पाए।। सो प्रभु का भय मानकर हम लोगों को समझाते हैं और परमेश्वर पर हमारा हाल प्रगट है; और मेरी आशा यह है, कि तुम्हारे विवेक पर भी प्रगट हुआ होगा।
- Romans 2:29 रोमियों 2:29पर यहूदी वही है, जो मन में है; और खतना वही है, जो हृदय का और आत्मा में है; न कि लेख का: ऐसे की प्रशंसा मनुष्यों की ओर से नहीं, परन्तु परमेश्वर की ओर से होती है।।
- Acts 4:19–20 प्रेरितों के काम 4:19–20परन्तु पतरस और यूहन्ना ने उन को उत्तर दिया, कि तुम ही न्याय करो, कि क्या यह परमेश्वर के निकट भला है, कि हम परमेश्वर की बात से बढ़कर तुम्हारी बात मानें। क्योंकि यह तो हम में हो नहीं सकता, कि जो हम ने देखा और सुना है, वह न कहें।
- 2 Corinthians 12:19 2 कुरिन्थियों 12:19तुम अभी तक समझ रहे होगे कि हम तुम्हारे सामने प्रत्युत्तर दे रहे हैं, हम तो परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं, और हे प्रियों, सब बातें तुम्हारी उन्नति ही के लिये कहते हैं।
- 1 John 3:9 1 यूहन्ना 3:9जो कोई परमेश्वर से जन्मा है वह पाप नहीं करता; क्योंकि उसका बीज उस में बना रहता है: और वह पाप कर ही नहीं सकता, क्योंकि परमेश्वर से जन्मा है।
- 1 Corinthians 10:33 1 कुरिन्थियों 10:33जैसा मैं भी सब बातों में सब को प्रसन्न रखता हूं, और अपना नहीं, परन्तु बहुतों का लाभ ढूंढ़ता हूं, कि वे उद्धार पाएं।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- I · G3982πείθω peíthō
- now · G737ἄρτι árti
- persuade · G3982πείθω peíthō
- men · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- or · G2228ἤ ḗ
- God · G2316θεός theós
- or · G2228ἤ ḗ
- seek · G2212ζητέω zētéō
- please · G700ἀρέσκω aréskō
- men · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- for · G1063γάρ gár
- if · G1487εἰ ei
- I · G700ἀρέσκω aréskō
- yet · G2089ἔτι éti
- pleased · G700ἀρέσκω aréskō
- men · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- should · G2252ἤμην ḗmēn
- not · G3756οὐ ou
- be · G2252ἤμην ḗmēn
- servant · G1401δοῦλος doûlos
- Christ · G5547Χριστός Christós