1 Thessalonians · chapter 3 · verse 4
1 Thessalonians 3:4 in Hindi
क्योंकि पहिले भी, जब हम तुम्हारे यहां थे, तो तुम ने कहा करते थे, कि हमें क्लेश उठाने पड़ेंगे, और ऐसा ही हुआ है, और तुम जानते भी हो।
Kyonki pahile bhee, jab ham tumhaare yahaam the, to tum ne kahaa karate the, ki hamem klesh uthaane padenge, aur aisaa hee huaa hai, aur tum jaanate bhee ho.
1 Thessalonians 3:4 in English
- King James Version (KJV)
- For verily, when we were with you, we told you before that we should suffer tribulation; even as it came to pass, and ye know.
- World English Bible (WEB)
- For most certainly, when we were with you, we told you beforehand that we are to suffer affliction, even as it happened, and you know.
- American Standard Version (ASV)
- For verily, when we were with you, we told you beforehand that we are to suffer affliction; even as it came to pass, and ye know.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when we were with you, we said to you that trouble was before us; and so it came about, as you see.
- Darby Translation (DBY)
- for also, when we were with you, we told you beforehand we are about to be in tribulation, even as also it came to pass, and ye know.)
- Webster's Bible (WBS)
- For verily, when we were with you, we told you before that we should suffer tribulation; even as it came to pass, and ye know.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for even when we were with you, we said to you beforehand, that we are about to suffer tribulation, as also it did come to pass, and ye have known [it];
Read in context
- 2और हम ने तीमुथियुस को जो मसीह के सुसमाचार में हमारा भाई, और परमेश्वर का सेवक है, इसलिये भेजा, कि वह तुम्हें स्थिर करे; और तुम्हारे विश्वास के विषय में तुम्हें समझाए।
- 3कि कोई इन क्लेशों के कारण डगमगा न जाए; क्योंकि तुम आप जानते हो, कि हम इन ही के लिये ठहराए गए हैं।
- 4क्योंकि पहिले भी, जब हम तुम्हारे यहां थे, तो तुम ने कहा करते थे, कि हमें क्लेश उठाने पड़ेंगे, और ऐसा ही हुआ है, और तुम जानते भी हो।
- 5इस कारण जब मुझ से और न रहा गया, तो तुम्हारे विश्वास का हाल जानने के लिये भेजा, कि कहीं ऐसा न हो, कि परीक्षा करनेवाले ने तुम्हारी परीक्षा की हो, और हमारा परिश्रम व्यर्थ हो गया हो।
- 6पर अभी तीमुथियुस ने जो तुम्हारे पास से हमारे यहां आकर तुम्हारे विश्वास और प्रेम का सुसमाचार सुनाया और इस बात को भी सुनाया, कि तुम सदा प्रेम के साथ हमें स्मरण करते हो, और हमारे देखने की लालसा रखते हो, जैसा हम भी तुम्हें देखने की।
Cross references
- 1 Thessalonians 2:14 1 थिस्सलुनीकियों 2:14इसलिये कि तुम, हे भाइयो, परमेश्वर की उन कलीसियाओं की सी चाल चलने लगे, जो यहूदिया में मसीह यीशु में हैं, क्योंकि तुम ने भी अपने लोगों से वैसा ही दुख पाया, जैसा उन्हों ने यहूदियों से पाया था।
- 2 Corinthians 8:1–2 2 कुरिन्थियों 8:1–2अब हे भाइयों, हम तुम्हें परमेश्वर के उस अनुग्रह का समाचार देते हैं, जो मकिदुनिया की कलीसियाओं पर हुआ है। कि क्लेश की बड़ी परीक्षा में उन के बड़े आनन्द और भारी कंगालपन के बढ़ जाने से उन की उदारता बहुत बढ़ गई।
- 1 Thessalonians 2:2 1 थिस्सलुनीकियों 2:2बरन तुम आप ही जानते हो, कि पहिले पहिल फिलिप्पी में दुख उठाने और उपद्रव सहने पर भी हमारे परमेश्वर ने हमें ऐसा हियाव दिया, कि हम परमेश्वर का सुसमाचार भारी विरोधों के होते हुए भी तुम्हें सुनाएं।
- Acts 17:13 प्रेरितों के काम 17:13किन्तु जब थिस्सलुनीके के यहूदी जान गए, कि पौलुस बिरीया में भी परमेश्वर का वचन सुनाता है, तो वहां भी आकर लोगों को उसकाने और हलचल मचाने लगे।
- John 16:1–3 यूहन्ना 16:1–3ये बातें मैं ने तुम से इसलिये कहीं कि तुम ठोकर न खाओ। वे तुम्हें आराधनालयों में से निकाल देंगे, वरन वह समय आता है, कि जो कोई तुम्हें मार डालेगा यह समझेगा कि मैं परमेश्वर की सेवा करता हूं। और यह वे इसलिये करेंगे कि उन्हों ने न पिता को जाना है और न मुझे जानते हैं।
- 2 Thessalonians 1:4–6 2 थिस्सलुनीकियों 1:4–6यहां तक कि हम आप परमेश्वर की कलीसिया में तुम्हारे विषय में घमण्ड करते हैं, कि जितने उपद्रव और क्लेश तुम सहते हो, उन सब में तुम्हारा धीरज और विश्वास प्रगट होता है। यह परमेश्वर के सच्चे न्याय का स्पष्ट प्रमाण है; कि तुम परमेश्वर के राज्य के योग्य ठहरो, जिस के लिये तुम दुख भी उठाते हो। क्योंकि परमेश्वर के निकट यह न्याय है, कि जो तुम्हें क्लेश देते हैं, उन्हें बदले में क्लेश दे।
- Acts 20:24 प्रेरितों के काम 20:24परन्तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रिय जानूं, बरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है।
- Acts 17:5–9 प्रेरितों के काम 17:5–9परन्तु यहूदियों ने डाह से भरकर बजारू लोगों में से कई दुष्ट मनुष्यों को अपने साथ में लिया, और भीड़ लगाकर नगर में हुल्लड़ मचाने लगे, और यासोन के घर पर चढ़ाई करके उन्हें लोगों के साम्हने लाना चाहा। और उन्हें न पाकर, वे यह चिल्लाते हुए यासोन और कितने और भाइयों को नगर के हाकिमों के साम्हने खींच लाए, कि ये लोग जिन्हों ने जगल को उलटा पुलटा कर दिया है, यहां भी आए हैं। और यामोन ने उन्हें अपने यहां उतारा है, और ये सब के सब यह कहते हैं कि यीशु राजा है, और कैसर की आज्ञाओं का विरोध करते हैं। उन्हों ने लोगों को और नगर के हाकिमों को यह सुनाकर घबरा दिया। और उन्हों ने यासोन और बाकी लोगों से मुचलका लेकर उन्हें छोड़ दिया।।
- Acts 17:1 प्रेरितों के काम 17:1फिर वे अम्फिपुलिस और अपुल्लोनिया होकर थिस्सलुनीके में आए, जहां यहूदियों का एक आराधनालय था।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- verily · G2532καί kaí
- when · G3753ὅτε hóte
- were · G1510εἰμί eimí
- with · G4314πρός prós
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- told · G4302προλέγω prolégō
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- before · G4302προλέγω prolégō
- that · G3754ὅτι hóti
- should · G3195μέλλω méllō
- tribulation · G2346θλίβω thlíbō
- even · G2532καί kaí
- as · G2531καθώς kathṓs
- pass · G1096γίνομαι gínomai
- and · G2532καί kaí
- know · G1492εἴδω eídō