1 Timothy · chapter 1 · verse 7
1 Timothy 1:7 in Hindi
और व्यवस्थापक तो होना चाहते हैं, पर जो बातें कहते और जिन को दृढ़ता से बोलते हैं, उन को समझते भी नहीं।
Aur vyavasthaapak to honaa chaahate haim, par jo baatem kahate aur jin ko drudhataa se bolate haim, un ko samajhate bhee naheen.
1 Timothy 1:7 in English
- King James Version (KJV)
- Desiring to be teachers of the law; understanding neither what they say, nor whereof they affirm.
- World English Bible (WEB)
- desiring to be teachers of the law, though they understand neither what they say nor about what they strongly affirm.
- American Standard Version (ASV)
- desiring to be teachers of the law, though they understand neither what they say, nor whereof they confidently affirm.
- Bible in Basic English (BBE)
- Desiring to be teachers of the law, though they have no knowledge of what they say or of the statements which they make so certainly.
- Darby Translation (DBY)
- desiring to be law-teachers, not understanding either what they say or concerning what they [so] strenuously affirm.
- Webster's Bible (WBS)
- Desiring to be teachers of the law; understanding neither what they say, nor concerning what they affirm.
- Young's Literal Translation (YLT)
- willing to be teachers of law, not understanding either the things they say, nor concerning what they asseverate,
Read in context
- 5आज्ञा का सारांश यह है, कि शुद्ध मन और अच्छे विवेक, और कपटरहित विश्वास से प्रेम उत्पन्न हो।
- 6इन को छोड़कर कितने लोग फिरकर बकवाद की ओर भटक गए हैं।
- 7और व्यवस्थापक तो होना चाहते हैं, पर जो बातें कहते और जिन को दृढ़ता से बोलते हैं, उन को समझते भी नहीं।
- 8पर हम जानते हैं, कि यदि कोई व्यवस्था को व्यवस्था की रीति पर काम में लाए, तो वह भली है।
- 9यह जानकर कि व्यवस्था धर्मी जन के लिये नहीं, पर अधर्मियों, निरंकुशों, भक्तिहीनों, पापीयों, अपवित्रों और अशुद्धों, मां- बाप के घात करनेवालों, हत्यारों।
Cross references
- Romans 1:22 रोमियों 1:22वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए।
- 2 Peter 2:12 2 पतरस 2:12पर ये लोग निर्बुद्धि पशुओं ही के तुल्य हैं, जो पकड़े जाने और नाश होने के लिये उत्पन्न हुए हैं; और जिन बातों को जानते ही नहीं, उन के विषय में औरों को बुरा भला कहते हैं, वे अपनी सड़ाहट में आप ही सड़ जाएंगे।
- 1 Timothy 6:4 1 तीमुथियुस 6:4तो वह अभिमानी हो गया, और कुछ नहीं जानता, बरन उसे विवाद और शब्दों पर तर्क करने का रोग है, जिन से डाह, और झगड़े, और निन्दा की बातें, और बुरे बुरे सन्देह।
- Galatians 3:5 गलातियों 3:5सो जो तुम्हें आत्मा दान करता और तुम में सामर्थ के काम करता है, वह क्या व्यवस्था के कामों से या विश्वास के सुसमाचार से ऐसा करता है?
- Galatians 5:3–4 गलातियों 5:3–4फिर भी मैं हर एक खतना करानेवाले को जताए देता हूं, कि उसे सारी व्यवस्था माननी पड़ेगी। तुम जो व्यवस्था के द्वारा धर्मी ठहरना चाहते हो, मसीह से अलग और अनुग्रह से गिर गए हो।
- Titus 1:10–11 तीतुस 1:10–11क्योंकि बहुत से लोग निरंकुश बकवादी और धोखा देनेवाले हैं; विशेष करके खतनावालों में से। इन का मुंह बन्द करना चाहिए: ये लोग नीच कमाई के लिये अनुचित बातें सिखाकर घर के घर बिगाड़ देते हैं।
- Romans 2:19–21 रोमियों 2:19–21और अपने पर भरोसा रखता है, कि मैं अन्धों का अगुवा, और अन्धकार में पड़े हुओं की ज्योति। और बुद्धिहीनों का सिखानेवाला, और बालकों का उपदेशक हूं, और ज्ञान, और सत्य का नमूना, जो व्यवस्था में है, मुझे मिला है। सो क्या तू जो औरों को सिखाता है, अपने आप को नहीं सिखाता? क्या तू चोरी न करने का उपदेश देता है, आप ही चोरी करता है?
- 2 Timothy 3:7 2 तीमुथियुस 3:7और सदा सीखती तो रहती हैं पर सत्य की पहिचान तक कभी नहीं पहुंचतीं।
- Matthew 15:14 मत्ती 15:14उन को जाने दो; वे अन्धे मार्ग दिखानेवाले हैं: और अन्धा यदि अन्धे को मार्ग दिखाए, तो दोनों गड़हे में गिर पड़ेंगे।
- Galatians 3:2 गलातियों 3:2मैं तुम से केवल यह जानना चाहता हूं, कि तुम ने आत्मा को, क्या व्यवस्था के कामों से, या विश्वास के समाचार से पाया?
- Galatians 4:21 गलातियों 4:21तुम जो व्यवस्था के आधीन होना चाहते हो, मुझ से कहो, क्या तुम व्यवस्था की नहीं सुनते?
- John 9:40–41 यूहन्ना 9:40–41जो फरीसी उसके साथ थे, उन्हों ने ये बातें सुन कर उस से कहा, क्या हम भी अन्धे हैं? यीशु ने उन से कहा, यदि तुम अन्धे होते तो पापी न ठहरते परन्तु अब कहते हो, कि हम देखते हैं, इसलिये तुम्हारा पाप बना रहता है।।