2 Timothy · chapter 3 · verse 7
2 Timothy 3:7 in Hindi
और सदा सीखती तो रहती हैं पर सत्य की पहिचान तक कभी नहीं पहुंचतीं।
Aur sadaa seekhatee to rahatee haim par saty kee pahichaan tak kabhee naheem pahunchateen.
2 Timothy 3:7 in English
- King James Version (KJV)
- Ever learning, and never able to come to the knowledge of the truth.
- World English Bible (WEB)
- always learning and never able to come to the knowledge of the truth.
- American Standard Version (ASV)
- ever learning, and never able to come to the knowledge of the truth.
- Bible in Basic English (BBE)
- Ever learning, and never coming to the knowledge of what is true.
- Darby Translation (DBY)
- always learning, and never able to come to [the] knowledge of [the] truth.
- Webster's Bible (WBS)
- Ever learning, and never able to come to the knowledge of the truth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- always learning, and never to a knowledge of truth able to come,
Read in context
- 5वे भक्ति का भेष तो धरेंगे, पर उस की शक्ति को न मानेंगे; ऐसों से परे रहता।
- 6इन्हीं में से वे लोग हैं, जो घरों में दबे पांव घुस आते हैं और छिछौरी स्त्रियों को वश में कर लेते हैं, जो पापों से दबी और हर प्रकार की अभिलाषाओं के वश में हैं।
- 7और सदा सीखती तो रहती हैं पर सत्य की पहिचान तक कभी नहीं पहुंचतीं।
- 8और जैसे यन्नेस और यम्ब्रेस ने मूसा का विरोध किया था वैसे ही ये भी सत्य का विरोध करते हैं: ये तो ऐसे मनुष्य हैं, जिन की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है और वे विश्वास के विषय में निकम्मे हैं।
- 9पर वे इस से आगे नहीं बढ़ सकते, क्योंकि जैसे उन की अज्ञानता सब मनुष्यों पर प्रगट हो गई थी, वैसे ही इन की भी हो जाएगी।
Cross references
- 2 Timothy 4:3–4 2 तीमुथियुस 4:3–4क्योंकि ऐसा समय आएगा, कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुतेरे उपदेशक बटोर लेंगे। और अपने कान सत्य से फेरकर कथा- कहानियों पर लगाएंगे।
- Ephesians 4:14 इफिसियों 4:14ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग- विद्या और चतुराई से उन के भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक बयार से उछाले, और इधर- उधर घुमाए जाते हों।
- 1 Timothy 2:4 1 तीमुथियुस 2:4वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें।
- John 5:44 यूहन्ना 5:44तुम जो एक दूसरे से आदर चाहते हो और वह आदर जो अद्वैत परमेश्वर की ओर से है, नहीं चाहते, किसी प्रकार विश्वास कर सकते हो?
- Proverbs 14:6 नीतिवचन 14:6ठट्ठा करनेवाला बुद्धि को ढूंढ़ता, परन्तु नहीं पाता, परन्तु समझवाले को ज्ञान सहज से मिलता है।
- 2 Timothy 2:25 2 तीमुथियुस 2:25और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
- Hebrews 5:11 इब्रानियों 5:11इस के विषय में हमें बहुत सी बातें कहनी हैं, जिन का समझना भी कठिन है; इसलिये कि तुम ऊंचा सुनने लगे हो।
- 1 Corinthians 3:1–4 1 कुरिन्थियों 3:1–4हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से; परन्तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं। में ने तुम्हें दूध पिलाया, अन्न न खिलाया; क्योंकि तुम उस को न खा सकते थे; बारन अब तक भी नहीं खा सकते हो। क्योंकि अब तक शारीरिक हो, इसलिये, कि जब तुम में डाह और झगड़ा है, तो क्या तुम शारीरिक नहीं? और मनुष्य की रीति पर नहीं चलते? इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्या तुम मनुष्य नहीं?
- John 3:20–21 यूहन्ना 3:20–21क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए। परन्तु जो सच्चाई पर चलता हैख् वह ज्योति के निकट आता है, ताकि उसके काम प्रगट हों, कि वह परमेश्वर की ओर से किए गए हैं।
- Isaiah 30:10–11 यशायाह 30:10–11वे दर्शियों से कहते हैं, दर्शी मत बनो; और नबियों से कहते हैं, हमारे लिये ठीक नबूवत मत करो; हम से चिकनी चुपड़ी बातें बोलो, धोखा देनेवाली नबूवत करो। मार्ग से मुड़ो, पथ से हटो, और इस्राएल के पवित्रा को हमारे साम्हने से दूर करो।
- Matthew 13:11 मत्ती 13:11उस ने उत्तर दिया, कि तुम को स्वर्ग के राज्य के भेदों की समझ दी गई है, पर उन को नहीं।
- Deuteronomy 29:4 व्यवस्थाविवरण 29:4परन्तु यहोवा ने आज तक तुम को न तो समझने की बुद्धि, और न देखने की आंखें, और न सुनने के कान दिए हैं।