1 Timothy · chapter 3 · verse 6
1 Timothy 3:6 in Hindi
फिर यह कि नया चेला न हो, ऐसा न हो, कि अभिमान करके शैतान का सा दण्ड पाए।
Phir yah ki nayaa chelaa na ho, aisaa na ho, ki abhimaan karake shaitaan kaa saa dand paae.
1 Timothy 3:6 in English
- King James Version (KJV)
- Not a novice, lest being lifted up with pride he fall into the condemnation of the devil.
- World English Bible (WEB)
- not a new convert, lest being puffed up he fall into the same condemnation as the devil.
- American Standard Version (ASV)
- not a novice, lest being puffed up he fall into the condemnation of the devil.
- Bible in Basic English (BBE)
- Not one newly taken into the church, for fear that, through his high opinion of himself, he may come into the same sin as the Evil One.
- Darby Translation (DBY)
- not a novice, that he may not, being inflated, fall into [the] fault of the devil.
- Webster's Bible (WBS)
- Not a novice, lest being lifted up with pride he fall into the condemnation of the devil.
- Young's Literal Translation (YLT)
- not a new convert, lest having been puffed up he may fall to a judgment of the devil;
Read in context
- 4अपने घर का अच्छा प्रबन्ध करता हो, और लड़के- बालों को सारी गम्भीरता से आधीन रखता हो।
- 5(जब कोई अपने घर ही का प्रबन्ध करना न जानता हो, तो परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली क्योंकर करेगा)।
- 6फिर यह कि नया चेला न हो, ऐसा न हो, कि अभिमान करके शैतान का सा दण्ड पाए।
- 7और बाहरवालों में भी उसका सुनाम हो ऐसा न हो कि निन्दित होकर शैतान के फंदे में फंस जाए।
- 8वैसे ही सेवकों को भी गम्भीर होना चाहिए, दो रंगी, पियक्कड़, और नीच कमाई के लोभी न हों।
Cross references
- 1 Timothy 6:4 1 तीमुथियुस 6:4तो वह अभिमानी हो गया, और कुछ नहीं जानता, बरन उसे विवाद और शब्दों पर तर्क करने का रोग है, जिन से डाह, और झगड़े, और निन्दा की बातें, और बुरे बुरे सन्देह।
- Hebrews 5:12–13 इब्रानियों 5:12–13समय के विचार से तो तुम्हें गुरू हो जाना चाहिए था, तौभी क्या यह आवश्यक है, कि कोई तुम्हें परमेश्वर के वचनों की आदि शिक्षा फिर से सिखाए? ओर ऐसे हो गए हो, कि तुम्हें अन्न के बदले अब तक दूध ही चाहिए। क्योंकि दूध पीनेवाले बच्चे को तो धर्म के वचन की पहिचान नहीं होती, क्योंकि वह बालक है।
- 1 Peter 5:5 1 पतरस 5:5हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, बरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है।
- 1 Peter 2:2 1 पतरस 2:2नये जन्में हुए बच्चों की नाई निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ।
- Isaiah 2:12 यशायाह 2:12क्योंकि सेनाओं के यहोवा का दिन सब घमण्डियों और ऊंची गर्दनवालों पर और उन्नति से फूलनेवालोंपर आएगा; और वे झुकाए जाएंगे;
- Isaiah 14:12–14 यशायाह 14:12–14हे भोर के चमकनेवाले तारे तू क्योंकर आकाश से गिर पड़ा है? तू जो जाति जाति को हरा देता था, तू अब कैसे काटकर भूमि पर गिराया गया है? तू मन में कहता तो था कि मैं स्वर्ग पर चढूंगा; मैं अपने सिंहासन को ईश्वर के तारागण से अधिक ऊंचा करूंगा; और उत्तर दिशा की छोर पर सभा के पर्वत पर बिराजूंगा; मैं मेघों से भी ऊंचे ऊंचे स्थानों के ऊपर चढूंगा, मैं परमप्रधान के तुल्य हो जाऊंगा।
- 1 Corinthians 4:6–8 1 कुरिन्थियों 4:6–8हे भाइयों, मैं ने इन बातों में तुम्हारे लिये अपनी और अपुल्लोस की चर्चा, दृष्टान्त की रीति पर की है, इसलिये कि तुम हमारे द्वारा यह सीखो, कि लिखे हुए से आगे न बढ़ना, और एक के पक्ष में और दूसरे के विरोध में गर्व न करना। क्योंकि तुझ में और दूसरे में कौन भेद करता है? और तेरे पास क्या है जो तू ने (दूसरे से) नहीं पाया: और जब कि तु ने (दूसरे से) पाया है, तो ऐसा घमण्ड क्यों करता है, कि मानों नही पाया? तुम तो तृप्त हो चुके; तुम धनी हो चुके, तुम ने हमारे बिना राज्य किया; परन्तु भला होता कि तुम राज्य करते कि हम भी तुम्हारे साथ राज्य करते।
- 1 Corinthians 8:1 1 कुरिन्थियों 8:1अब मूरतों के साम्हने बलि की हुई वस्तुओं के विषय में हम जानते हैं, कि हम सब को ज्ञान है: ज्ञान घमण्ड उत्पन्न करता है, परन्तु प्रेम से उन्नति होती है।
- 1 Corinthians 3:1 1 कुरिन्थियों 3:1हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से; परन्तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं।
- 2 Corinthians 12:7 2 कुरिन्थियों 12:7और इसलिये कि मैं प्रकाशों की बहुतायत से फूल न जाऊं, मेरे शरीर में एक कांटा चुभाया गया अर्थात् शैतान का एक दूत कि मुझे घूसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊं।
- Proverbs 29:23 नीतिवचन 29:23मनुष्य गर्व के कारण नीचा खाता है, परन्तु नम्र आत्मावाला महिमा का अधिकारी होता है।
- Proverbs 16:18–19 नीतिवचन 16:18–19विनाश से पहिले गर्व, और ठोकर खाने से पहिले घमण्ड होता है। घमण्डियों के संग लूट बांट लने से, दीन लोगों के संग नम्र भाव से रहना उत्तम है।