Psalms · chapter 1 · verse 2
Psalm 1:2 in Hindi
परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है।
Parantu vah to yahovaa kee vyavasthaa se prasann rahataa; aur usakee vyavasthaa par raat din dhyaan karataa rahataa hai.
Psalm 1:2 in English
- King James Version (KJV)
- But his delight [is] in the law of the LORD; and in his law doth he meditate day and night.
- World English Bible (WEB)
- but his delight is in the LORD’s law. On his law he meditates day and night.
- American Standard Version (ASV)
- But his delight is in the law of Jehovah; And on his law doth he meditate day and night.
- Bible in Basic English (BBE)
- But whose delight is in the law of the Lord, and whose mind is on his law day and night.
- Darby Translation (DBY)
- But his delight is in Jehovah's law, and in his law doth he meditate day and night.
- Webster's Bible (WBS)
- But his delight [is] in the law of the LORD; and in his law doth he meditate day and night.
- Young's Literal Translation (YLT)
- But — in the law of Jehovah [is] his delight, And in His law he doth meditate by day and by night:
Read in context
- 1क्या ही धन्य है वह पुरूष जो दुष्टों की युक्ति पर नहीं चलता, और न पापियों के मार्ग में खड़ा होता; और न ठट्ठा करनेवालों की मण्डली में बैठता है!
- 2परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है।
- 3वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती नालियों के किनारे लगाया गया है। और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। इसलिये जो कुछ वह पुरूष करे वह सफल होता है।।
- 4दुष्ट लोग ऐसे नहीं होते, वे उस भूसी के समान होते हैं, जो पवन से उड़ाई जाती है।
Cross references
- Joshua 1:8 यहोशू 1:8व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सुफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा।
- Psalm 119:92 भजन संहिता 119:92यदि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी न होता, तो मैं दु:ख के समय नाश हो जाता।
- Psalm 119:11 भजन संहिता 119:11मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरूद्ध पाप न करूं।
- Romans 7:22 रोमियों 7:22क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं।
- Psalm 119:97–99 भजन संहिता 119:97–99अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है। तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है, क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं। मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूं, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है।
- Psalm 119:15–16 भजन संहिता 119:15–16मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा। मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा।।
- Jeremiah 15:16 यिर्मयाह 15:16जब तेरे वचन मेरे पास पहुंचे, तब मैं ने उन्हें मानो खा लिया, और तेरे वचन मेरे मन के हर्ष और आनन्द का कारण हुए; क्योंकि, हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, मैं तेरा कहलाता हूँ।
- Psalm 119:35 भजन संहिता 119:35अपनी आज्ञाओं के पथ में मुझ को चला, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूं।
- Psalm 104:34 भजन संहिता 104:34मेरा ध्यान करना, उसको प्रिय लगे, क्योंकि मैं तो याहेवा के कारण आनन्दित रहूंगा।
- Psalm 112:1 भजन संहिता 112:1याह की स्तुति करो। क्या ही धन्य है वह पुरूष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!
- Psalm 40:8 भजन संहिता 40:8हे मेरे परमेश्वर मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूं; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्त:करण में बनी है।।
- Psalm 119:1 भजन संहिता 119:1क्या ही धन्य हैं वे जो चाल के खरे हैं, और यहोवा की व्यवस्था पर चलते हैं!