1 Timothy · chapter 6 · verse 5
1 Timothy 6:5 in Hindi
और उन मनुष्यों में व्यर्थ रगड़े झगड़े उत्पन्न होते हैं, जिन की बुद्धि बिगड़ गई है और वे सत्य से विहीन हो गए हैं, जो समझते हैं कि भक्ति कमाई का द्वार है।
Aur un manushyom mem vyarth ragade jhagade utpann hote haim, jin kee buddhi bigad gaee hai aur ve saty se viheen ho gae haim, jo samajhate haim ki bhakti kamaaee kaa dvaar hai.
1 Timothy 6:5 in English
- King James Version (KJV)
- Perverse disputings of men of corrupt minds, and destitute of the truth, supposing that gain is godliness: from such withdraw thyself.
- World English Bible (WEB)
- constant friction of people of corrupt minds and destitute of the truth, who suppose that godliness is a means of gain. Withdraw yourself from such.
- American Standard Version (ASV)
- wranglings of men corrupted in mind and bereft of the truth, supposing that godliness is a way of gain.
- Bible in Basic English (BBE)
- Bitter talk of men who, being evil in mind and dead to what is true, take the faith to be a way of making profit.
- Darby Translation (DBY)
- constant quarrellings of men corrupted in mind and destitute of the truth, holding gain to be [the end of] piety.
- Webster's Bible (WBS)
- Perverse disputings of men of corrupt minds, and destitute of the truth, supposing gain to be godliness: from such withdraw thyself.
- Young's Literal Translation (YLT)
- wranglings of men wholly corrupted in mind, and destitute of the truth, supposing the piety to be gain; depart from such;
Read in context
- 3यदि कोई और ही प्रकार का उपदेश देना है; और खरी बातों को, अर्थात् हमारे प्रभु यीशु मसीह की बातों को और उस उपदेश को नहीं मानता, जो भक्ति के अनुसार है।
- 4तो वह अभिमानी हो गया, और कुछ नहीं जानता, बरन उसे विवाद और शब्दों पर तर्क करने का रोग है, जिन से डाह, और झगड़े, और निन्दा की बातें, और बुरे बुरे सन्देह।
- 5और उन मनुष्यों में व्यर्थ रगड़े झगड़े उत्पन्न होते हैं, जिन की बुद्धि बिगड़ गई है और वे सत्य से विहीन हो गए हैं, जो समझते हैं कि भक्ति कमाई का द्वार है।
- 6पर सन्तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है।
- 7क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं।
Cross references
- 2 Peter 2:3 2 पतरस 2:3और वे लोभ के लिये बातें गढ़कर तुम्हें अपने लाभ का कारण बनाएंगे, और जो दण्ड की आज्ञा उन पर पहिले से हो चुकी है, उसके आने में कुछ भी देर नहीं, और उन का विनाश ऊंघता नहीं।
- 2 Timothy 3:5 2 तीमुथियुस 3:5वे भक्ति का भेष तो धरेंगे, पर उस की शक्ति को न मानेंगे; ऐसों से परे रहता।
- Titus 1:11 तीतुस 1:11इन का मुंह बन्द करना चाहिए: ये लोग नीच कमाई के लिये अनुचित बातें सिखाकर घर के घर बिगाड़ देते हैं।
- Titus 1:15–16 तीतुस 1:15–16शुद्ध लोगों के लिये सब वस्तु शुद्ध हैं, पर अशुद्ध और अविश्वासियों के लिये कुछ भी शुद्ध नहीं: बरन उन की बुद्धि और विवेक दोनों अशुद्ध हैं। वे कहते हैं, कि हम परमेश्वर को जानते हैं: पर अपने कामों से उसका इन्कार करते हैं, क्योंकि वे घृणित और आज्ञा न माननेवाले हैं: और किसी अच्छे काम के योग्य नहीं।।
- 2 Timothy 3:8 2 तीमुथियुस 3:8और जैसे यन्नेस और यम्ब्रेस ने मूसा का विरोध किया था वैसे ही ये भी सत्य का विरोध करते हैं: ये तो ऐसे मनुष्य हैं, जिन की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है और वे विश्वास के विषय में निकम्मे हैं।
- 1 Timothy 6:6 1 तीमुथियुस 6:6पर सन्तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है।
- Romans 16:17–18 रोमियों 16:17–18अब हे भाइयो, मैं तुम से बिनती करता हूं, कि जो लोग उस शिक्षा के विपरीत जो तुम ने पाई है, फूट पड़ने, और ठोकर खाने के कारण होते हैं, उन्हें ताड़ लिया करो; और उन से दूर रहो। क्योंकि ऐसे लोग हमारे प्रभु मसीह की नहीं, परन्तु अपने पेट की सेवा करते है; और चिकनी चुमड़ी बातों से सीधे सादे मन के लोगों को बहका देते हैं।
- Matthew 23:13 मत्ती 23:13हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों तुम पर हाय! तुम मनुष्यों के विरोध में स्वर्ग के राज्य का द्वार बन्द करते हो, न तो आप ही उस में प्रवेश करते हो और न उस में प्रवेश करनेवालों को प्रवेश करने देते हो।।
- Matthew 12:33 मत्ती 12:33यदि पेड़ को अच्छा कहो, तो उसके फल को भी अच्छा कहो; या पेड़ को निकम्मा कहो; क्योंकि पेड़ फल ही से पहचाना जाता है।
- 1 Timothy 3:3 1 तीमुथियुस 3:3पियक्कड़ या मारपीट करनेवाला न हो; बरन कोमल हो, और न झगड़ालू, और न लोभी हो।
- 2 John 1:8–10 2 यूहन्ना 1:8–10अपने विषय में चौकस रहो; कि जो परिश्रम हम ने किया है, उस को तुम न बिगाड़ो: बरन उसका पूरा प्रतिफल पाओ। जो कोई आगे बढ़ जाता है, और मसीह की शिक्षा में बना नहीं रहता, उसके पास परमेश्वर नहीं: जो कोई उस की शिक्षा में स्थिर रहता है, उसके पास पिता भी है, और पुत्रा भी। यदि कोई तुम्हारे पास आए, और यही शिक्षा न दे, उसे न तो घर मे आने दो, और न नमस्कार करो।
- 1 Timothy 1:6 1 तीमुथियुस 1:6इन को छोड़कर कितने लोग फिरकर बकवाद की ओर भटक गए हैं।
Original words (Greek)
- disputings · G3859παραδιατριβή paradiatribḗ
- men · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- corrupt · G1311διαφθείρω diaphtheírō
- minds · G3563νοῦς noûs
- and · G2532καί kaí
- destitute · G650ἀποστερέω aposteréō
- truth · G225ἀλήθεια alḗtheia
- that · G3543νομίζω nomízō
- gain · G4200πορισμός porismós
- is · G1511εἶναι eînai
- godliness · G2150εὐσέβεια eusébeia
- from · G575ἀπό apó
- such · G5108τοιοῦτος toioûtos
- thyself · G868ἀφίστημι aphístēmi