2 Chronicles · chapter 11 · verse 4
2 Chronicles 11:4 in Hindi
यहोवा यों कहता है, कि अपने भाइयों पर चढ़ाई कर के युद्ध न करो। तुम अपने अपने घर लौट जाओ, क्योंकि यह बात मेरी ही ओर से हुई है। यहोवा के ये वचन मान कर, वे यारोबाम पर बिना चढ़ाई किए लौट गए।
Yahovaa yom kahataa hai, ki apane bhaaiyom par chadhaaee kar ke yuddh na karo. Tum apane apane ghar laut jaao, kyonki yah baat meree hee or se huee hai. Yahovaa ke ye vachan maan kar, ve yaarobaam par binaa chadhaaee kie laut gae.
2 Chronicles 11:4 in English
- King James Version (KJV)
- Thus saith the LORD, Ye shall not go up, nor fight against your brethren: return every man to his house: for this thing is done of me. And they obeyed the words of the LORD, and returned from going against Jeroboam.
- World English Bible (WEB)
- ‘The LORD says, “You shall not go up, nor fight against your brothers! Every man return to his house; for this thing is of me.”’” So they listened to the LORD’s words, and returned from going against Jeroboam.
- American Standard Version (ASV)
- Thus saith Jehovah, Ye shall not go up, nor fight against your brethren: return every man to his house; for this thing is of me. So they hearkened unto the words of Jehovah, and returned from going against Jeroboam.
- Bible in Basic English (BBE)
- The Lord has said, You are not to go to war against your brothers: let every man go back to his house, for this thing is my purpose. So they gave ear to the words of the Lord and were turned back from fighting against Jeroboam.
- Darby Translation (DBY)
- Thus saith Jehovah: Go not up, nor fight with your brethren; return every man to his house; for this thing is from me. And they hearkened to the words of Jehovah, and returned from going against Jeroboam.
- Webster's Bible (WBS)
- Thus saith the LORD, Ye shall not go up, nor fight against your brethren: return every man to his house: for this thing is done by me. And they obeyed the words of the LORD, and returned from going against Jeroboam.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thus said Jehovah, Ye do not go up nor fight with your brethren, turn back each to his house, for from Me hath this thing been;' and they hear the words of Jehovah, and turn back from going against Jeroboam.
Read in context
- 2तब यहोवा का यह वचन परमेश्वर के भक्त शमायाह के पास पहुंचा,
- 3कि यहूदा के राजा सुलैमान के पुत्र रहूबियाम से और यहूदा और बिन्यामीन के सब इस्राएलियों से कह,
- 4यहोवा यों कहता है, कि अपने भाइयों पर चढ़ाई कर के युद्ध न करो। तुम अपने अपने घर लौट जाओ, क्योंकि यह बात मेरी ही ओर से हुई है। यहोवा के ये वचन मान कर, वे यारोबाम पर बिना चढ़ाई किए लौट गए।
- 5सो रहूबियाम यरूशलेम में रहने लगा, और यहूदा में बचाव के लिये ये नगर दृढ़ किए,
- 6अर्थात बेतलेहेम, एताम, तकोआ,
Cross references
- Genesis 50:20 उत्पत्ति 50:20यद्यपि तुम लोगों ने मेरे लिये बुराई का विचार किया था; परन्तु परमेश्वर ने उसी बात में भलाई का विचार किया, जिस से वह ऐसा करे, जैसा आज के दिन प्रगट है, कि बहुत से लोगों के प्राण बचे हैं।
- 1 Kings 11:29–38 1 राजा 11:29–38उन्हीं दिनों में यारोबाम यरूशलेम से निकलकर जा रहा था, कि शीलोबासी अहिरयाह नबी, नई च र ओढ़े हुए मार्ग पर उस से मिला; और केवल वे ही दोनों मैदान में थे। अपैर अहिरयाह ने अपनी उस नई च र को ले लिया, और उसे फाड़कर बारह टुकड़े कर दिए। तब उस ने यारोबाम से कहा, दस टुकड़े ले ले; क्योंकि, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि सुन, मैं राज्य को सुलैमान के हाथ से छीन कर दस गोत्रा तेरे हाथ में कर दूंगा। परन्तु मेरे दास दाऊद के कारण और यरूशलेम के कारण जो मैं ने इस्राएल के सब गोत्रों में से चुना है, उसका एक गोत्रा बना रहेगा। इसका कारण यह है कि उन्हों ने मुझे त्याग कर सीदोनियों की देवी अश्तोरेत और मोआबियों के देवता कमोश, और अम्मोनियों के देवता मिल्कोम को दणडवत की, और मेरे माग पर नहीं चले: और जो मेरी दृष्टि में ठीक है, वह नहीं किया, और मेरी वेधियों और नियमों को नहीं माना जैसा कि उसके पिता दाऊद ने किया। तौभी मैं उसके हाथ से पूर्ण राज्य न ले लूंगा, परन्तु मेरा चुना हुआ दास दाऊद जो मेरी आज्ञाएं और विधियां मानता रहा, उसके कारण मैं उसको जीवन भर प्रधान ठहराए रखूंगा। परन्तु उसके पुत्रा के हाथ से मैं राज्य अर्थात् दस गोत्रा लेकर तुझे दे दूंगा। और उसके पुत्रा को मैं एक गोत्रा दूंगा, इसलिये कि यरूश्सलेम अर्थात् उस नगर में जिसे अपना नाम रखने को मैं ने चुना है, मेरे दास दाऊद का दीपक मेरे साम्हने सदैव बना रहे। परन्तु तुझे मैं ठहरा लूंगा, और तू अपनी इच्छा भर इस्राएल पर राज्य करेगा। और यदि तू मेरे दास दाऊद की नाई मेरी सब आज्ञाएं, और मेरे माग पर चले, और जो काम मेरी दृष्टि में ठीक है, वही करे, और मेरी विधियां और आाएं मानता रहे, तो मैं तेरे संग रहूंगा, और जिस तनह मैं ने दाऊद का घराना बनाए रखा है, वैसे ही तेरा भी घराना बनाए रखूंगा, और तेरे हाथ इस्राएल को दूंगा।
- 2 Chronicles 28:8–15 2 इतिहास 28:8–15और इस्राएली अपने भाइयों में से त्रियों, बेटों और बेटियों को मिलाकर दो लाख लोगों को बन्धुआ बनाके, और उनकी बहुत लूट भी छीनकर शोमरोन की ओर ले चले। परन्तु वहां ओदेद नामक यहोवा का एक नबी था; वह शोमरोन को आनेवाली सेना से मिलकर उन से कहने लगा, सुनो, तुम्हारे पितरों के परमेश्वर यहोवा ने यहूदियों पर झुंझलाकर उनको तुम्हारे हाथ कर दिया है, और तुम ने उनको ऐसा क्रोध करके घात किया जिसकी चिल्लाहट स्वर्ग को पहुंच गई है। और अब तुम ने ठाना है कि यहूदियों और यरूशलेमियों को अपने दास- दासी बनाकर दबाए रखो। क्या तुम भी अपने परमेश्वर यहोवा के यहां दाषी नहीं हो? इसलिये अब मेरी सुनो और इन बन्धुओं को जिन्हें तुम अपने भाइयों में से बन्धुआ बनाके ले आए हो, लौटा दो, यहोवा का क्रोध तो तुम पर भड़का है। तब एप्रैमियों के कितने मुख्य पुरूष अर्थात् योहानान का पुत्रा अजर्याह, मशिल्लेमोत का पुत्रा बेरेक्याह, शल्लूम का पुत्रा यहिजकिरयाह, और हदलै का पुत्रा अमासा, लड़ाई से आनेवालों का साम्हना करके, उन से कहने लगे। तुम इन बन्धुओं को यहां मत लाओ; क्योंकि तुम ने वह बात ठानी है जिसके कारण हम यहोवा के यहां दोषी हो जाएंगे, और उस से हमारा पाप और दोष बढ़ जाएगा, हमारा दोष तो बड़ा है और इस्राएल पर बहुत क्रोध भड़का है। तब उन हथियार बन्धों ने बन्धुओं और लूट को हाकिमों और सारी सभा के साम्हने छोड़ दिया। तब जिन पुरूषों के नाम ऊपर लिखे हैं, उन्हों ने उठकर बन्धुओं को ले लिया, और लूट में से सब नंगे लोगों को कपड़े, और जूतियां पहिनाई; और खाना खिलाया, और पानी पिलाया, और तेल मला; और तब निर्बल लोगों को गदहों पर चढ़ाकर, यरीहो को जो खजूर का नगर कहलाता है, उनके भाइयों के पास पहुंचा दिया। तब वे शोमरोन को लौट आए।
- 2 Chronicles 25:7–10 2 इतिहास 25:7–10परन्तु परमेश्वर के एक जन ने उसके पास आकर कहा, हे राजा इस्राएल की सेना तेरे साथ जाने न पाए; क्योंकि यहोवा इस्राएल अर्थात् एप्रैम की कुल सन्तान के संग नहीं रहता। यदि तू जाकर पुरूषार्थ करे; और युठ्ठ के लिये हियाव वान्धे, तौभी परमेश्वर तुझे शत्रुओं के साम्हने गिराएगा, क्योंकि सहायता करने और गिरा देने दोनों में परमेश्वर सामथ है। अमस्याह ने परमेश्वर के भक्त से पूछा, फिर जो सौ किक्कार चान्दी मैं इस्राएली दल को दे चुका हूँ, उसके विषय क्या करूं? परमेश्वर के भक्त ने उत्तर दिया, यहोवा तुझे इस से भी बहुत अधिक दे सकता है। तब अमस्याह ने उन्हें अर्थात् उस दल को जो एप्रैम की ओर से उसके पास आया था, अलग कर दिया, कि वे अपने स्थान को लौट जाएं। तब उनका क्रोध यहूदियो पर बहुत भड़क उठा, और वे अत्यन्त क्रोधित होकर अपने स्थान को लौट गए।
- 2 Chronicles 10:15–16 2 इतिहास 10:15–16इस प्रकार राजा ने प्रजा की बिनती न मानी; इसका कारण यह है, कि जो वचन यहोवा ने शीलोवासी अहिरयाह के द्वारा नबात के पुत्रा यारोबाम से कहा था, उसको पूरा करने के लिये परमेश्वर ने ऐसा ही ठहराया था। जब सब इस्राएलियों ने देखा कि राजा हमारी नहीं सुनता, तब वे बोले कि दाऊद के साथ हमारा क्या अंश? हमारा तो यिशै के पुत्रा में कोई भाग नहीं है। हे इस्राएलियो, अपने अपने डेरे को चले जाओ। अब हे दाऊद, अपने ही घराने की चिन्ता कर।
- 2 Samuel 2:26 2 शमूएल 2:26तब अब्नेर योआब को पुकारके कहने लगा, क्या तलवार सदा मारती रहे? क्या तू नहीं जानता कि इसका फल दु:खदाई होगा? तू कब तक अपने लोगों को आज्ञा न देगा, कि अपने भाइयों का पीछा छोड़कर लौटो?
- Genesis 13:8 उत्पत्ति 13:8तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं।
- 1 Peter 3:8 1 पतरस 3:8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
- Acts 7:26 प्रेरितों के काम 7:26दूसरे दिन जब वे आपस में लड़ रहे थे, तो वह वहां आ निकला; और यह कहके उन्हें मेल करने के लिये समझाया, कि हे पुरूषो, तुम तो भाई भाई हो, एक दूसरे पर क्यों अन्याय करते हो?
- 1 Kings 22:36 1 राजा 22:36सूर्य डूबते हुए सेना में यह पुकार हुई, कि हर एक अपने नगर और अपने देश को लौट जाए।
- Hosea 8:4 होशे 8:4वे राजाओं को ठहराते रहे, परन्तु मेरी इच्छा से नहीं। वे हाकिमों को भी ठहराते रहे, परन्तु मेरे अनजाने में। उन्हों ने अपना सोना- चान्दी लेकर मूरतें बना लीं जिस से वे ही नाश हो जाएं।
- Psalm 33:11 भजन संहिता 33:11यहोवा की युक्ति सर्वदा स्थिर रहेगी, उसके मन की कल्पनाएं पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहेंगी।
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- fight · H3898לָחַם lâcham
- brethren · H251אָח ʼâch
- return · H7725שׁוּב shûwb
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- house · H1004בַּיִת bayith
- thing · H1697דָּבָר dâbâr
- done · H1961הָיָה hâyâh
- obeyed · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- returned · H7725שׁוּב shûwb
- going · H3212יָלַךְ yâlak
- Jeroboam · H3379יָרׇבְעָם Yârobʻâm