Acts · chapter 7 · verse 26
Acts 7:26 in Hindi
दूसरे दिन जब वे आपस में लड़ रहे थे, तो वह वहां आ निकला; और यह कहके उन्हें मेल करने के लिये समझाया, कि हे पुरूषो, तुम तो भाई भाई हो, एक दूसरे पर क्यों अन्याय करते हो?
Doosare din jab ve aapas mem lad rahe the, to vah vahaam aa nikalaa; aur yah kahake unhem mel karane ke liye samajhaayaa, ki he puroosho, tum to bhaaee bhaaee ho, ek doosare par kyom anyaay karate ho?
Acts 7:26 in English
- King James Version (KJV)
- And the next day he shewed himself unto them as they strove, and would have set them at one again, saying, Sirs, ye are brethren; why do ye wrong one to another?
- World English Bible (WEB)
- “The day following, he appeared to them as they fought, and urged them to be at peace again, saying, ‘Sirs, you are brothers. Why do you wrong one another?’
- American Standard Version (ASV)
- And the day following he appeared unto them as they strove, and would have set them at one again, saying, Sirs, ye are brethren; why do ye wrong one to another?
- Bible in Basic English (BBE)
- And the day after, he came to them, while they were having a fight, and would have made peace between them, saying, Sirs, you are brothers; why do you do wrong to one another?
- Darby Translation (DBY)
- And on the morrow he shewed himself to them as they were contending, and compelled them to peace, saying, Ye are brethren, why do ye wrong one another?
- Webster's Bible (WBS)
- And the next day he showed himself to them as they were contending, and would have constrained them to be at peace again, saying, Sirs, ye are brethren: why do ye wrong one to another?
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'On the succeeding day, also, he shewed himself to them as they are striving, and urged them to peace, saying, Men, brethren are ye, wherefore do ye injustice to one another?
Read in context
- 24और उस ने एक व्यक्ति पर अन्याय होने देखकर, उसे बचाया, और मिसरी को मारकर सताए हुए का पलटा लिया।
- 25उस ने सोचा, कि मेरे भाई समझेंगे कि परमेश्वर मेरे हाथों से उन का उद्धार करेगा, परन्तु उन्होंने न समझा।
- 26दूसरे दिन जब वे आपस में लड़ रहे थे, तो वह वहां आ निकला; और यह कहके उन्हें मेल करने के लिये समझाया, कि हे पुरूषो, तुम तो भाई भाई हो, एक दूसरे पर क्यों अन्याय करते हो?
- 27परन्तु जो अपने पड़ोसी पर अन्याय कर रहा था, उस ने उसे यह कहकर हटा दिया, कि तुझे किस ने हम पर हाकिम और न्यायी ठहराया है?
- 28क्या जिस रीति से तू ने कल मिसरी को मार डाला मुझे भी मार डालना चाहता है?
Cross references
- Exodus 2:13–15 निर्गमन 2:13–15फिर दूसरे दिन बाहर जाकर उस ने देखा कि दो इब्री पुरूष आपस में मारपीट कर रहे हैं; उस ने अपराधी से कहा, तू अपने भाई को क्यों मारता है? उस ने कहा, किस ने तुझे हम लोगों पर हाकिम और न्यायी ठहराया? जिस भांति तू ने मिद्दी को घात किया क्या उसी भांति तू मुझे भी घात करना चाहता है? तब मूसा यह सोचकर डर गया, कि निश्चय वह बात खुल गई है। जब फिरौन ने यह बात सुनी तब मूसा को घात करने की युक्ति की। तब मूसा फिरौन के साम्हने से भागा, और मिद्यान देश में जाकर रहने लगा; और वह वहां एक कुएं के पास बैठ गया।
- 1 John 3:11–15 1 यूहन्ना 3:11–15क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से बैर रखे। और कैन के समान न बनें, जो उस दुष्ट से था, और जिस ने अपने भाई को घात किया: और उसे किस कारण घात किया? इस कारण कि उसके काम बुरे थे, और उसके भाई के काम धर्म के थे।। हे भाइयों, यदि संसार तुम से बैर करता है तो अचम्भा न करना। हम जानते हैं, कि हम मृत्यु से पार होकर जीवन में पहुंचे हैं; क्योंकि हम भाइयों से प्रेम रखते हैं: जो प्रेम नहीं रखता, वह मृत्यु की दशा में रहता है। जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह हत्यारा है; और तुम जानते हो, कि किसी हत्यारे में अनन्त जीवन नहीं रहता।
- Philippians 2:3 फिलिप्पियों 2:3विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
- Proverbs 18:19 नीतिवचन 18:19चिढ़े हुए भाई को मनाना दृढ़ नगर के ले लेने से कठिन होता है, और झगड़े राजभवन के बेण्डों के समान हैं।
- Psalm 133:1 भजन संहिता 133:1देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें!
- Genesis 13:8 उत्पत्ति 13:8तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं।
- John 15:17–18 यूहन्ना 15:17–18इन बातें की आज्ञा मैं तुम्हें इसलिये देता हूं, कि तुम एक दूसरे से प्रेम रखो। यदि संसार तुम से बैर रखता है, तो तुम जानते हो, कि उस ने तुम से पहिले मुझ से भी बैर रखा।
- Genesis 45:24 उत्पत्ति 45:24और उस ने अपने भाइयों को विदा किया, और वे चल दिए; और उस ने उन से कहा, मार्ग में कहीं झगड़ा न करना।
- 1 Corinthians 6:6–8 1 कुरिन्थियों 6:6–8बरन भाई भाई में मुक मा होता है, और वह भी अविश्वासियों के साम्हने। परन्तु सचमुच तुम में बड़ा दोष तो यह है, कि आपस में मुक मा करते हो: बरन अन्याय क्यों नहीं सहते? अपनी हानि क्यों नहीं सहते? बरन अन्याय करते और हानि पहुंचाते हो, और वह भी भाइयों को।
- Philippians 2:1 फिलिप्पियों 2:1सो यदि मसीह में कुछ शान्ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है।
Original words (Greek)
- And · G5037τέ té
- next · G1966ἐπιοῦσα epioûsa
- day · G2250ἡμέρα hēméra
- himself · G3700ὀπτάνομαι optánomai
- them · G846αὐτός autós
- strove · G3164μάχομαι máchomai
- and · G2532καί kaí
- set · G4900συνελαύνω synelaúnō
- them · G846αὐτός autós
- at · G1519εἰς eis
- one · G1515εἰρήνη eirḗnē
- again · G4900συνελαύνω synelaúnō
- saying · G2036ἔπω épō
- Sirs · G435ἀνήρ anḗr
- ye · G5210ὑμεῖς hymeîs
- are · G2075ἐστέ esté
- brethren · G80ἀδελφός adelphós
- why · G2444ἱνατί hinatí
- wrong · G91ἀδικέω adikéō
- another · G240ἀλλήλων allḗlōn