2 Chronicles · chapter 29 · verse 30
2 Chronicles 29:30 in Hindi
और राजा हिजकिरयाह और हाकिमों ने लेवियों को आज्ञा दी, कि दाऊद और आसाप दश के भजन गाकर यहोवा की स्तुति करें। और उन्हों ने आनन्द के साथ स्तुति की और सिर नवाकर दणडवत किया।
Aur raajaa hijakirayaah aur haakimom ne leviyom ko aajnyaa dee, ki daaood aur aasaap dash ke bhajan gaakar yahovaa kee stuti karen. Aur unhom ne aanand ke saath stuti kee aur sir navaakar danadavat kiyaa.
2 Chronicles 29:30 in English
- King James Version (KJV)
- Moreover Hezekiah the king and the princes commanded the Levites to sing praise unto the LORD with the words of David, and of Asaph the seer. And they sang praises with gladness, and they bowed their heads and worshipped.
- World English Bible (WEB)
- Moreover Hezekiah the king and the princes commanded the Levites to sing praises to the LORD with the words of David, and of Asaph the seer. They sang praises with gladness, and they bowed their heads and worshiped.
- American Standard Version (ASV)
- Moreover Hezekiah the king and the princes commanded the Levites to sing praises unto Jehovah with the words of David, and of Asaph the seer. And they sang praises with gladness, and they bowed their heads and worshipped.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then King Hezekiah and the captains gave orders to the Levites to give praise to God in the words of David and Asaph the seer. And they made songs of praise with joy, and with bent heads gave worship.
- Darby Translation (DBY)
- And king Hezekiah and the princes commanded the Levites to sing praise to Jehovah with the words of David, and of Asaph the seer. And they sang praises with gladness, and bowed their heads and worshipped.
- Webster's Bible (WBS)
- Moreover, Hezekiah the king and the princes commanded the Levites to sing praise to the LORD, with the words of David, and of Asaph the seer. And they sang praises with gladness, and they bowed their heads and worshiped.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Hezekiah the king saith, and the princes, to the Levites to give praise to Jehovah in the words of David, and of Asaph the seer, and they praise — unto joy, and they bow, and do obeisance.
Read in context
- 28और मण्डली के सब लोग दणडवत करते और गानेवाले गाते और तुरही फूंकनेवाले फूंकते रहे; यह सब तब तक होेता रहा, जब तक होमबलि चढ़ न चुकी।
- 29और जब बलि चढ़ चुकी, तब राजा और जितने उसके संग वहां थे, उन सभों ने सिर झुकाकर दणडवत किया।
- 30और राजा हिजकिरयाह और हाकिमों ने लेवियों को आज्ञा दी, कि दाऊद और आसाप दश के भजन गाकर यहोवा की स्तुति करें। और उन्हों ने आनन्द के साथ स्तुति की और सिर नवाकर दणडवत किया।
- 31तब हिजकिरयाह कहने लगा, अब तुम ने यहोवा के निमित्त अपना अर्पण किया है; इसलिये समीप आकर यहोवा के भवन में मेलबलि और धन्यवादबलि पहुंचाओ। तब मण्डली के लोगों ने मेलबलि और धन्यवादबलि पहुंचा दिए, और जितने अपनी इच्छा से देना चाहते थे उन्हों ने भी होमबलि पहुंचाए।
- 32जो होमबलि पशु मण्डली के लाग ले आए, उनकी गिनती यह थी; सत्तर बैल, एक सौ मेढ़े, और दो सौ भेड़ के बच्चे; ये सब यहोवा के निमित्त होमबलि के काम में आए।
Cross references
- Philippians 4:4 फिलिप्पियों 4:4प्रभु में सदा आनन्दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्दित रहो।
- Psalm 95:1–2 भजन संहिता 95:1–2आओ हम यहोवा के लिये ऊंचे स्वर से गाएं, अपने उद्धार की चट्टान का जयजयकार करें! हम धन्यवाद करते हुए उसके सम्मुख आएं, और भजन गाते हुए उसका जयजयकार करें!
- Psalm 100:1–2 भजन संहिता 100:1–2ृहे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो! आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!
- 1 Chronicles 16:7–36 1 इतिहास 16:7–36तब उसी दिन दाऊद ने यहोवा का धन्यवाद करने का काम आसाम और उसके भाइयों को सौंप दिया। यहोवा का धन्यवाद करो, उस से प्रार्थना करो; देश देश में उसके कामों का प्रचार करो। उसका गीत गाओ, उसका भजन करो, उसके सब आश्चर्य- कम का ध्यान करो। उसके पवित्रा नाम पर घपंड करो; यहोवा के खोजियों का हृदय आनन्दित हो। यहोवा और उसकी सामर्थ की खोज करो; उसके दर्शन के लिए लगातार खोज करो। उसेक किए हुए आर्श्ख्यकर्म, उसके चमत्कार और न्यायवचन स्मरण करो। हे उसके दास इस्राएल के वंश, हे याकूब की सन्तान तुम जो उसके चुने हुए हो! वही हमारा परमेश्वर यहोवा है, उसके न्याय के काम पृथ्वी भर में होते हैं। उसकी वाचा को सदा स्मरण रखो, यह वही वचन है जो उस ने हजार पीढ़ियों के लिये ठहरा दिया। वह वाचा उस ने इब्राहीम के साथ बान्धी, और उसी के विषय उस ने इसहाक से शपथ खाई, और उसी को उस ने याकूब के लिये विधि करके और इस्राएल के लिये सदा की वाचा बान्धकर यह कहकर दृढ़ किया, कि मैं कनान देश तुझी को दूंगा, वह बांट में तुम्हारा निज भाग होगा। उस समय तो तुम गिनती में थोड़े थे, वरन बहुत ही थोड़े और उस देश में परदेशी थे। और वे एक जाति से दूसरी जाति में, और एक जाज्य से दूसरे में फिरते तो रहे, परन्तु उस ने किसी पनुष्य को उन पर अन्धेर करने न दिया; और वह राजाओं को उनके निमित्त यह धमकी देता था, कि मेरे अभिषिक्तों को मत छुओ, और न मेरे नबियों की हानि करो। हे समस्त पृथ्वी के लोगो यहोवा का गीत गाओ। प्रतिदिन उसके किए हुए उठ्ठार का शुभ समाचार सुनाते रहो। अन्यजातियों में उसकी महिमा का, और देश देश के लोगों में उसके आश्चर्य- कम का वर्णन करो। क्योंकि यहोवा महान और स्तुति के अति योग्य है, वह तो सब देवताओं से अधिक भययोग्य है। क्योंकि देश देश के सब देवता मूर्तियां ही हैं; परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है। उसके चारों ओर विभव और ऐश्वर्य है; उसके स्थान में सामर्थ और आनन्द है। हे देश देश के कुलो, यहोवा का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ को मानो। यहोवा के नाम की महिमा ऐसी मानो जो उसके नाम के योग्य है। भेंट लेकर उसके सम्मुख आओ, पवित्राता से शोभायमान होकर यहोवा को दणडवत करो। हे सारी पृथ्वी के लोगो उसके साम्हने थरथराओ! जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं। आकाश आनन्द करे और पृथ्वी मगन हो, और जाति जाति में लोग कहें, कि यहोवा राजा हुआ है। समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें, मैदान और जो कुछ उस में है सो प्रफुल्लित हों। उसी समय वन के वृक्ष यहोवा के साम्हने जयजयकार करें, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आनेवाला है। यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; उसकी करूणा सदा की है। और यह कहो, कि हे हमारे उठ्ठार करनेवाले परमेश्वर हमारा उठ्ठार कर, और हम को इकट्ठा करके अन्यजातियों से छुड़ा, कि हम तेरे पवित्रा नाम का धन्यवाद करें, और तेरी स्तुति करते हुए तेरे विषय बड़ाई करें। अनादिकाल से अनन्तकाल तक इस्राएल का परमेश्वर यहोवा धन्य है। तब सब प्रजा ने आमीन कहा: और यहोवा की स्तुति की।
- Psalm 149:2 भजन संहिता 149:2इस्राएल अपने कर्त्ता के कारण आनन्दित को, सिरयोन के निवासी अपने राजा के कारण मगन हों!
- 2 Samuel 23:1–2 2 शमूएल 23:1–2दाऊद के अन्तिम वचन ये हैंे यिशै के पुत्रा की यह वाणी है, उस पुरूष की वाणी है जो ऊंचे पर खड़ा किया गया, और याकूब के परमेश्वर का अभिषिक्त, और इस्राएल का मधुर भजन गानेवाला हैे यहोवा का आत्मा मुझ में होकर बोला, और उसी का वचन मेरे मुंह में आया।
- Psalm 95:6 भजन संहिता 95:6आओ हम झुककर दण्डवत् करें, और अपने कर्ता यहोवा के साम्हने घुटने टेकें!
Original words (Hebrew)
- Hezekiah · H3169יְחִזְקִיָּה Yᵉchizqîyâh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- princes · H8269שַׂר sar
- commanded · H559אָמַר ʼâmar
- Levites · H3881לֵוִיִּי Lêvîyîy
- praise · H1984הָלַל hâlal
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- Asaph · H623אָסָף ʼÂçâph
- seer · H2374חֹזֶה chôzeh
- praises · H1984הָלַל hâlal
- gladness · H8057שִׂמְחָה simchâh
- heads · H6915קָדַד qâdad
- worshipped · H7812שָׁחָה shâchâh