2 Chronicles · chapter 30 · verse 11
2 Chronicles 30:11 in Hindi
तौभी आशेर, मनश्शे और जबूलून में से कुछ लोग दीन होकर यरूशलेम को आए।
Taubhee aasher, manashshe aur jabooloon mem se kuchh log deen hokar yarooshalem ko aae.
2 Chronicles 30:11 in English
- King James Version (KJV)
- Nevertheless divers of Asher and Manasseh and of Zebulun humbled themselves, and came to Jerusalem.
- World English Bible (WEB)
- Nevertheless some men of Asher, Manasseh, and Zebulun humbled themselves and came to Jerusalem.
- American Standard Version (ASV)
- Nevertheless certain men of Asher and Manasseh and of Zebulun humbled themselves, and came to Jerusalem.
- Bible in Basic English (BBE)
- However, some of Asher and Manasseh and Zebulun put away their pride and came to Jerusalem.
- Darby Translation (DBY)
- Nevertheless certain of Asher and Manasseh and of Zebulun humbled themselves and came to Jerusalem.
- Webster's Bible (WBS)
- Nevertheless, divers of Asher and Manasseh and of Zebulun humbled themselves, and came to Jerusalem.
- Young's Literal Translation (YLT)
- only, certain from Asher, and Manasseh, and from Zebulun, have been humbled, and come in to Jerusalem.
Read in context
- 9यदि तुम यहोवा की ओर फिरोगे तो जो तुम्हारे भाइयों और लड़केबालों को बन्धुआ बनाके ले गए हैं, वे उन पर दया करेंगे, और वे इस देश में लौट सकेंगे क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु है, और यदि तुम उसकी ओर फिरोगे तो वह अपना मुंह तुम से न मोड़ेगा।
- 10इस प्रकार हरकारे एप्रैम और मनश्शे के देशें में नगर नगर होते हुए जबूलून तक गए; परन्तु उन्हों ने उनकी हंसी की, और उन्हें ठट्ठों में उड़ाया।
- 11तौभी आशेर, मनश्शे और जबूलून में से कुछ लोग दीन होकर यरूशलेम को आए।
- 12और यहूदा में भी परमेश्वर की ऐसी शक्ति हुई, कि वे एक मन होकर, जो आज्ञा राजा और हाकिमों ने यहोवा के वचन के अनुसार दी थी, उसे मानने को तैयार हुए।
- 13इस प्रकार अधिक लोग यरूशलेम में इसलिये इकट्ठे हुए, कि दूसरे महीने में अखमीरी रोटी का पर्व्व मानें। और बहुत बड़ी सभा इकट्ठी हो गई।
Cross references
- 2 Chronicles 30:21 2 इतिहास 30:21और जो इस्राएली यरूशलेम में उपस्थित थे, वे सात दिन तक अखमीरी रोटी का पर्व्व बड़े आनन्द से मनाते रहे; और प्रतिदिन लेवीय और याजक ऊंचे शब्द के बाजे यहोवा के लिये बजाकर यहोवा की स्तुति करते रहे।
- 2 Chronicles 30:18 2 इतिहास 30:18बहुत से लोगों ने अर्थात् एप्रैम, मनश्शे, इस्साकार और जबूलून में से बहुतों ने अपने को शुठ्ठ नहीं किया था, तौभी वे फसह के पशु का मांस लिखी हुई विधि के विरूद्ध खाते थे। क्योंकी हिजकिरयाह ने उनके लिये यह प्रार्थना की थी, कि यहोवा जो भला है, वह उन सभों के पाप ढांप दे;
- 2 Chronicles 30:25 2 इतिहास 30:25तब याजकों और लेवियों समेत यहूदा की सारी सभा, और इस्राएल से आए हुओं की सभा, और इस्राएल के देश से आए हुए, और यहूदा में रहनेवाले परदेशी, इन सभों ने आनन्द किया।
- 2 Chronicles 12:6–7 2 इतिहास 12:6–7तब इस्राएल के हाकिम और राजा दीन हो गए, और कहा, यहोवा धम है। जब यहोवा ने देखा कि वे दीन हुए हैं, तब यहोवा का यह वचन शमायाह के पास पहुंचा कि वे दीन हो गए हैं, मैं उनको नष्ट न करूंगा; मैं उनका कुछ बचाव करूंगा, और मेरी जलजलाहट शीशक के द्वारा यरूशलेम पर न भड़केगी।
- 2 Chronicles 33:19 2 इतिहास 33:19और उसकी प्रार्थना और वह कैसे सुनी गई, और उसका सारा पाप और विश्वासघात और उस ने दीन होने से पहिले कहां कहां ऊंचे स्थान बनवाए, और अशेरा नाम और खुदी हुई मूर्त्तियां खड़ी कराई, यह सब होशे के वचनों में जिखा है।
- 2 Chronicles 11:16 2 इतिहास 11:16और लेवियों के बाद इस्राएल के सब गोत्रों में से जितने मन लगा कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के खोजी थे वे अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा को बलि चढ़ाने के लिये यरूशलेम को आए।
- 2 Chronicles 12:12 2 इतिहास 12:12जब रहूबियाम दीन हुआ, तब यहोवा का क्रोध उस पर से उतर गया, और उस ने उसका पूरा विनाश न किया; और यहूदा में अच्छे गुण भी थे।
- Luke 14:11 लूका 14:11और जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो कोई अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।।
- 2 Chronicles 33:12 2 इतिहास 33:12तब संकट में पड़कर वह अपने परमेश्वर यहोवा को मानने लगा, और अपने पूर्वजों के परमेश्वर के साम्हने बहुत दीन हुआ, और उस से प्रार्थना की।
- Acts 17:34 प्रेरितों के काम 17:34परन्तु कई एक मनुष्य उसके साथ मिल गए, और विश्वास किया, जिन में दियुनुसियुस अरियुपगी था, और दमरिस नाम एक स्त्री थी, और उन के साथ और भी कितने लोग थे।।
- 1 Peter 5:6 1 पतरस 5:6इसलिये परमेश्वर के बलवन्त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए।
- 2 Chronicles 34:27 2 इतिहास 34:27कि इसलिये कि तू वे बातें सुनकर दीन हुआ, और परमेश्वर के साम्हने अपना सिर नवाया, और उसकी बातें सुनकर जो उसने इस स्थान और इस के निवासियों के विरूद्ध कहीं, तू ने मेरे साम्हने अपना सिर नवाया, और वस्त्रा फाड़कर मेरे साम्हने रोया है, इस कारण मैं ने तेरी सुनी है; यहोवा की यही बाणी है।