Acts · chapter 17 · verse 34
Acts 17:34 in Hindi
परन्तु कई एक मनुष्य उसके साथ मिल गए, और विश्वास किया, जिन में दियुनुसियुस अरियुपगी था, और दमरिस नाम एक स्त्री थी, और उन के साथ और भी कितने लोग थे।।
Parantu kaee ek manushy usake saath mil gae, aur vishvaas kiyaa, jin mem diyunusiyus ariyupagee thaa, aur damaris naam ek stree thee, aur un ke saath aur bhee kitane log the..
Acts 17:34 in English
- King James Version (KJV)
- Howbeit certain men clave unto him, and believed: among the which [was] Dionysius the Areopagite, and a woman named Damaris, and others with them.
- World English Bible (WEB)
- But certain men joined with him and believed, including Dionysius the Areopagite, and a woman named Damaris, and others with them.
- American Standard Version (ASV)
- But certain men clave unto him, and believed: among whom also was Dionysius the Areopagite, and a woman named Damaris, and others with them.
- Bible in Basic English (BBE)
- But some men gave him their support: among whom was Dionysius the Areopagite, and a woman named Damaris, and others with them.
- Darby Translation (DBY)
- But some men joining themselves to him believed; among whom also was Dionysius the Areopagite, and a woman by name Damaris, and others with them.
- Webster's Bible (WBS)
- But certain men adhered to him, and believed: among whom [was] Dionysius the Areopagite, and a woman named Damaris, and others with them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and certain men having cleaved to him, did believe, among whom [is] also Dionysius the Areopagite, and a woman, by name Damaris, and others with them.
Read in context
- 32मरे हुओं के पुनरूत्थान की बात सुनकर कितने तो ठट्ठा करने लगे, और कितनों ने कहा, यह बात हम तुझ से फिर कभी सुनेंगे।
- 33इस पर पौलुस उन के बीच में से निकल गया।
- 34परन्तु कई एक मनुष्य उसके साथ मिल गए, और विश्वास किया, जिन में दियुनुसियुस अरियुपगी था, और दमरिस नाम एक स्त्री थी, और उन के साथ और भी कितने लोग थे।।
Cross references
- Acts 17:19 प्रेरितों के काम 17:19तब वे उसे अपने साथ अरियुपगुस पर ले गए और पूछा, क्या हम जान सकते हैं, कि यह नया मत जो तू सुनाता है, क्या है?
- Romans 11:5–6 रोमियों 11:5–6सो इसी रीति से इस समय भी, अनुग्रह से चुने हुए कितने लोग बाकी हैं। यदि यह अनुग्रह से हुआ है, तो फिर कर्मों से नहीं, नहीं तो अनुग्रह फिर अनुग्रह नहीं रहा।
- Acts 13:48 प्रेरितों के काम 13:48यह सुनकर अन्यजाति आनन्दित हुए, और परमेश्वर के वचन की बड़ाई करने लगे: और जितने अनन्त जीवन के लिये ठहराए गए थे, उन्हों ने विश्वास किया।
- Acts 17:4 प्रेरितों के काम 17:4उन में से कितनों ने, और भक्त यूनानियों में से बहुतेरों ने और बहुत सी कुलीन सित्रायों ने मान लिया, और पौलुस और सीलास के साथ मिल गए।
- John 7:48–52 यूहन्ना 7:48–52क्या सरदारों या फरीसियों में से किसी ने भी उस पर विश्वास किया है? परन्तु ये लोग जो व्यवस्था नहीं जानते, स्त्रापित हैं। नीकुदेमुस ने, (जो पहिले उसके पास आया था और उन में से एक था), उन से कहा। क्या हमारी व्यवस्था किसी व्यक्ति को जब तक पहिले उस की सुनकर जान न ले, कि वह क्या करता है; दोषी ठहराती है? उन्हों ने उसे उत्तर दिया; क्या तू भी गलील का है ढूंढ़ और देख, कि गलील से कोई भविष्यद्वक्ता प्रगट नहीं होने का।
- Acts 17:22 प्रेरितों के काम 17:22तब पौलुस ने अरियुपगुस के बीच में खड़ा होकर कहा; हे अथेने के लोगों मैं देखता हूं, कि तुम हर बात में देवताओं के बड़े माननेवाले हो।
- John 19:38–42 यूहन्ना 19:38–42इन बातों के बाद अरमतियाह के यूसुफ ने, जो यीशु का चेला था, (परन्तु यहूदियों के डर से इस बात को छिपाए रखता था), पीलातुस से बिनती की, कि मैं यीशु की लोथ को ले जाऊं, और पीलातुस ने उस की बिनती सुनी, और वह आकर उस की लोथ ले गया। निकुदेमुस भी जो पहिले यीशु के पास रात को गया था पचास सेर के लगभग मिला हुआ गन्धरस और एलवा ले आया। तब उन्हों ने यीशु की लोथ को लिया और यहूदियों के गाड़ने की रीति के अनुसार उसे सुगन्ध द्रव्य के साथ कफन में लपेटा। उस स्थान पर जहां यीशु क्रूस पर चढ़ाया गया था, एक बारी थी; और उस बारी में एक नई कब्र थी; जिस में कभी कोई न रखा गया था। सो यहूदियों की तैयारी के दिन के कारण, उन्हों ने यीशु को उसी में रखा, क्योंकि वह कब्र निकट थी।।
- Matthew 20:16 मत्ती 20:16इसी रीति से जो पिछले हैं, वह पहिले होंगे, और जो पहिले हैं, वे पिछले होंगे।।
- Philippians 4:22 फिलिप्पियों 4:22सब पवित्रा लोग, विशेष करके जो कैसर के घराने के हैं तुम को नमस्कार कहते हैं।।
- Isaiah 55:10–11 यशायाह 55:10–11जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोलनेवाले को बीज और खानेवाले को रोटी मिलती है, उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सुफल करेगा।।
Original words (Greek)
- Howbeit · G1161δέ dé
- certain · G5100τὶς tìs
- men · G435ἀνήρ anḗr
- clave · G2853κολλάω kolláō
- him · G846αὐτός autós
- believed · G4100πιστεύω pisteúō
- among · G1722ἐν en
- which · G3739ὅς hós
- Dionysius · G1354Διονύσιος Dionýsios
- Areopagite · G698Ἀρεοπαγίτης Areopagítēs
- and · G2532καί kaí
- woman · G1135γυνή gynḗ
- named · G3686ὄνομα ónoma
- Damaris · G1152Δάμαρις Dámaris
- and · G2532καί kaí
- others · G2087ἕτερος héteros
- with · G4862σύν sýn
- them · G846αὐτός autós