2 Chronicles · chapter 32 · verse 11
2 Chronicles 32:11 in Hindi
क्या हिजकिरयाह तुम से यह कहकर कि हमारा परमेश्वर यहोवा हम को अश्शूर के राजा के पंजे से बचाएगा तुम्हें नहीं भरमाता है कि तुम को भूखों प्यासों मारे?
Kyaa hijakirayaah tum se yah kahakar ki hamaaraa parameshvar yahovaa ham ko ashshoor ke raajaa ke panje se bachaaegaa tumhem naheem bharamaataa hai ki tum ko bhookhom pyaasom maare?
2 Chronicles 32:11 in English
- King James Version (KJV)
- Doth not Hezekiah persuade you to give over yourselves to die by famine and by thirst, saying, The LORD our God shall deliver us out of the hand of the king of Assyria?
- World English Bible (WEB)
- Doesn’t Hezekiah persuade you to give you over to die by famine and by thirst, saying, ‘The LORD our God will deliver us out of the hand of the king of Assyria’?
- American Standard Version (ASV)
- Doth not Hezekiah persuade you, to give you over to die by famine and by thirst, saying, Jehovah our God will deliver us out of the hand of the king of Assyria?
- Bible in Basic English (BBE)
- Is it not Hezekiah who has got you to do it, causing your death from need of food and water, by saying, The Lord our God will give us salvation out of the hands of the king of Assyria?
- Darby Translation (DBY)
- Does not Hezekiah persuade you, to give yourselves over to die by famine and by thirst, saying, Jehovah our God will deliver us out of the hand of the king of Assyria?
- Webster's Bible (WBS)
- Doth not Hezekiah persuade you to give over yourselves to die by famine and by thirst, saying, The LORD our God will deliver us out of the hand of the king of Assyria?
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Is not Hezekiah persuading you, to give you up to die by famine, and by thirst, saying, Jehovah our God doth deliver us from the hand of the king of Asshur?
Read in context
- 9इसके बाद अश्शूर का राजा सन्हेरीब जो सारी सेना समेत लाकीश के साम्हने पड़ा था, उस ने अपने कर्मचारियों को यरूशलेम में यहूदा के राजा हिजकिरयाह और उन सब यहूदियों से जो यरूशलेम में थे यों कहने के लिये भेजा,
- 10कि अश्शूर का राजा सन्हेरीब कहता है, कि तुम्हें किस का भरोसा है जिससे कि तुम घेरे हुए यरूशलेम में बैठे हो?
- 11क्या हिजकिरयाह तुम से यह कहकर कि हमारा परमेश्वर यहोवा हम को अश्शूर के राजा के पंजे से बचाएगा तुम्हें नहीं भरमाता है कि तुम को भूखों प्यासों मारे?
- 12क्या उसी हिजकिरयाह ने उसके ऊंचे स्थान और वेदियो दूर करके यहूदा और यरूशलेम को आज्ञा नहीं दी, कि तुम एक ही वेदी के साम्हने दणडवत करना और उसी पर धूप जलाना?
- 13क्या तुम को मालूम नहीं, कि मैं ने और मेरे पुरखाओं ने देश देश के सब लोगों से क्या क्या किया है? क्या उन देशें की जातियों के देवता किसी भी उपाय से अपने देश को मेरे हाथ से बचा सके?
Cross references
- Matthew 27:43 मत्ती 27:43उस ने परमेश्वर का भरोसा रखा है, यदि वह इस को चाहता है, तो अब इसे छुड़ा ले, क्योंकि इस ने कहा था, कि "मैं परमेश्वर का पुत्रा हूं"।
- 2 Kings 19:10 2 राजा 19:10तुम यहूदा के राजा हिजकिरयाह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कहकर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
- Psalm 71:11 भजन संहिता 71:11परमेश्वर ने उसको छोड़ दिया है; उसका पीछा करके उसे पकड़ लो, क्योंकि उसका कोई छुड़ानेवाला नहीं।।
- Isaiah 36:12 यशायाह 36:12रबशाके ने कहा, क्या मेरे स्वामी ने मुझे तेरे स्वामी ही के वा तुम्हारे ही पास ये बातें कहने को भेजा है? क्या उस ने मुझे उन लोगों के पास नहीं भेजा जो शहरपनाह पर बैठे हैं जिन्हें तुम्हारे संग अपनी विष्ठा खाना और अपना मूत्रा पीना पड़ेगा?
- Isaiah 36:18 यशायाह 36:18ऐसा न हो कि हिजकिरयाह यह कहकर तुम को बहकाए कि यहोवा हम को बचाएगा। क्या और जातियों के देवताओं ने अपने अपने देश को अश्शूर के राजा के हाथ से बचाया है?
- Psalm 42:10 भजन संहिता 42:10मेरे सतानेवाले जो मेरी निन्दा करते हैं मानो उस में मेरी हडि्डयां चूर चूर होती हैं, मानो कटार से छिदी जाती हैं, क्योंकि वे दिन भर मुझ से कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहां है?
- Psalm 3:2 भजन संहिता 3:2बहुत से मेरे प्राण के विषय में कहते हैं, कि उसका बचाव परमेश्वर की आरे से नहीं हो सकता।
- Psalm 22:8 भजन संहिता 22:8कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है।
- 2 Kings 18:30 2 राजा 18:30और वह तुम से यह कहकर यहोवा पर भरोसा कराने न पाए, कि यहोवा निश्चय हम को बचाएगा और यह नगर अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
- 2 Chronicles 32:15 2 इतिहास 32:15अब हिजकिरयाह तुम को इस रीति भुलाने अथवा बहकाने न पाए, और तुम उसकी प्रतीति न करो, क्योंकि किसी जाति या राज्य का कोई देवता अपनी प्रजा को न तो मेरे हाथ से और न मेरे पुरखाओं के हाथ से बचा सका। यह निश्चय है कि तुम्हारा देवता तुम को मेरे हाथ से नहीं बचा सकेगा।
- 2 Kings 18:27 2 राजा 18:27रबशाके ने उन से कहा, क्या मेरे स्वामी ने मुझे तुम्हारे स्वामी ही के, वा तुम्हारे ही पास ये बातें कहने को भेजा है? क्या उस ने मुझे उन लोगों के पास नहीं भेजा, जो शहरपनाह पर बैठे हैं, ताकि नुम्हारे संग उनको भी अपनी बिष्ठा खाना और अपना मूत्रा पीना पड़े?
- Psalm 11:1–3 भजन संहिता 11:1–3मेरा भरोसा परमेश्वर पर है; तुम क्योंकि मेरे प्राण से कहते हो कि पक्षी की नाई अपने पहाड़ पर उड़ जा? क्योंकि देखो, दुष्ट अपना धनुष चढ़ाते हैं, और अपना तीर धनुष की डोरी पर रखते हैं, कि सीधे मनवालों पर अन्धियारे में तीर चलाएं। यदि नेवें ढ़ा दी जाएं तो धर्मी क्या कर सकता है?
Original words (Hebrew)
- Hezekiah · H3169יְחִזְקִיָּה Yᵉchizqîyâh
- persuade · H5496סוּת çûwth
- give · H5414נָתַן nâthan
- die · H4191מוּת mûwth
- famine · H7458רָעָב râʻâb
- thirst · H6772צָמָא tsâmâʼ
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- deliver · H5337נָצַל nâtsal
- hand · H3709כַּף kaph
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Assyria · H804אַשּׁוּר ʼAshshûwr