2 Chronicles · chapter 36 · verse 5
2 Chronicles 36:5 in Hindi
जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पचीस वर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उस ने वह काम किया, जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में बुरा है।
Jab yahoyaakeem raajy karane lagaa, tab vah pachees varsh kaa thaa, aur gyaarah varsh tak yarooshalem mem raajy karataa rahaa. Aur us ne vah kaam kiyaa, jo usake parameshvar yahovaa kee drushti mem buraa hai.
2 Chronicles 36:5 in English
- King James Version (KJV)
- Jehoiakim [was] twenty and five years old when he began to reign, and he reigned eleven years in Jerusalem: and he did [that which was] evil in the sight of the LORD his God.
- World English Bible (WEB)
- Jehoiakim was twenty-five years old when he began to reign, and he reigned eleven years in Jerusalem. He did that which was evil in the LORD his God’s sight.
- American Standard Version (ASV)
- Jehoiakim was twenty and five years old when he began to reign; and he reigned eleven years in Jerusalem: and he did that which was evil in the sight of Jehovah his God.
- Bible in Basic English (BBE)
- Jehoiakim was twenty-five years old when he became king; he was ruling in Jerusalem for eleven years, and he did evil in the eyes of the Lord his God.
- Darby Translation (DBY)
- Jehoiakim was twenty-five years old when he began to reign; and he reigned eleven years in Jerusalem; and he did evil in the sight of Jehovah his God.
- Webster's Bible (WBS)
- Jehoiakim [was] twenty and five years old when he began to reign, and he reigned eleven years in Jerusalem: and he did [that which was] evil in the sight of the LORD his God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A son of twenty and five years [is] Jehoiakim in his reigning, and eleven years he hath reigned in Jerusalem, and he doth the evil thing in the eyes of Jehovah his God;
Read in context
- 3तब मिस्र के राजा ने उसको यरूशलेम में राजगद्दी से उनार दिया, और देश पर सौ किक्कार चान्दी और किक्कार भर लोना जुरमाने में दणड लगाया।
- 4तब मिस्र के राजा ने उसके भाई एल्याकीम को यहूदा और यरूशलेम का राजा बनाया और उसका नाम बदलकर यहोयाकीम रखा। और नको उसके भाई यहोआहाज को मिस्र में ले गया।
- 5जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पचीस वर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उस ने वह काम किया, जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में बुरा है।
- 6उस पर बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने चढ़ाई की, और बाबेल ले जाने के लिये उसको बेड़ियां पहना दीं।
- 7फिर नबूकदनेस्सर ने यहोवा के भवन के कुछ पात्रा बाबेल ले जाकर, अपने मन्दिर में जो बाबेल में था, रख दिए।
Cross references
- 2 Kings 23:36–37 2 राजा 23:36–37जब सहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पचीस पर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम जबीदा था जो रूमावासी अदायाह की बेटी थी। उस ने ठीक अपने पुरखाओं की नाई वह किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है।
- Jeremiah 22:13–19 यिर्मयाह 22:13–19उस पर हाय जो अपने घर को अधर्म से और अपनी उपरौठी कोठरियों को अन्याय से बनवाता है; जो अपने पड़ोसी से बेगारी में काम कराता है और उसकी मज़दूरी नहीं देता। वह कहता है, मैं अपने लिये लम्बा- चौड़ा घर और हवादार कोठा बना लूंगा, और वह खिड़कियां बनाकर उन्हें देवदार की लकड़ी से पाट लेता है, और सिन्दूर से रंग देता है। तू जो देवदार की लकड़ी का अभिलाषी है, क्या इस रीति से तेरा राज्य स्थिर रहेगा। देख, तेरा पिता न्याय और धर्म के काम करता था, और वह खाता पीता और सुख से भी रहता था! वह इस कारण सुख से रहता था क्योंकि वह दीन और दरिद्र लोगों का न्याय चुकाता था। क्या यही मेरा ज्ञान रखना नहीं है? यहोवा की यह वाणी है। परन्तु तू केवल अपना ही लाभ देखता है, और निदषों की हत्या करने और अन्धेर और उपद्रव करने में अपना मन और दृष्टि लगाता है। इसलिये योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के विषय में यहोवा यह कहता है, कि जैसे लोग इस रीति से कहकर रोते हैं, हाय मेरे भाई, हाय मेरी बहिन! इस प्रकार कोई हाय मेरे प्रभु वा हाय तेरा विभव कहकर उसके लिये विलाप न करेगा। वरन उसको गदहे की नाई मिट्टी दी जाएगी, वह घसीटकर यरूशलेम के फाटकों के बाहर फेंक दिया जाएगा।
- Jeremiah 26:1 यिर्मयाह 26:1योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राजय के आरम्भ में, यहोवा की ओर से यह वचन पहुंचा, यहोवा यों कहता है,
- Jeremiah 26:21–23 यिर्मयाह 26:21–23और जब यहोयाकीम राजा और उसके सब वीरों और सब हाकिमों ने उसके वचन सुने, तब राजा ने उसे मरवा डालने का यत्न किया; और ऊरिरयाह यह सुनकर डर के मारे मिस्र को भाग गया। तब यहोयाकीम राजा ने मिस्र को लोग भेजे अर्थात् अकबोर के पुत्रा एलनातान को कितने और पुरूषों के साथ मिस्र को भेजा। और वे ऊरिरयाह को मिस्र से निकालकर यहोयाकीम राजा के पास ले आए; और उस ने उसे तलवार से मरवाकर उसकी लोथ को साधारण लोगों की कबरों में फिंकवा दिया।
- Jeremiah 36:1 यिर्मयाह 36:1फिर योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे बरस में यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा,
- Jeremiah 36:27–32 यिर्मयाह 36:27–32जब राजा ने उन वचनों की पुस्तक को जो बारूक ने यिर्मयाह के मुख से सुन सुनकर लिखी थी, जला दिया, तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा कि फिर एक और पुस्तक लेकर उस में यहूदा के राजा यहोयाकीम की जलाई हई पहिली पुस्तक के सब वचन लिख दे। और यहूदा के राजा यहोयाकीम के विषय में कह कि यहोवा यों कहता है, तू ने उस पुस्तक को यह कहकर जला दिया है कि तू ने उस में यह क्यों लिखा है कि बाबुल का राजा निश्चय आकर इस देश को नाश करेगा, और उस में न तो मनुष्य को छोड़ेगा और न पशु को। इसलिये यहोवा यहूदा के राजा यहोयाकीम के विषय में यों कहता है, कि उसका कोई दाऊद की गद्दी पर विराजमान न रहेगा; और उसकी लोथ ऐसी फेंक दी जाएगी कि दिन को धाम में ओर रात को पाले में पड़ी रहेगी। और मैं उसको और उसके वंश और कर्मचारियों को उनके अधर्म का दण्ड दूंगा; और जितनी विपत्ति मैं ने उन पर और यरूशलेम के निवासियों और यहूदा के सब लोगों पर डालने को कहा है, और जिसको उन्हों ने सच नहीं माना, उन सब को मैं उन पर डालूंगा। तब यिर्मयाह ने दूसरी पुस्तक लेकर नेरिरयाह के पुत्रा बारूक लेखक को दी, और जो पुस्तक यहूदा के राजा यहोयाकीम ने आग में जला दी थी, उस में के सब वचनों को बारूक ने यिर्मयाह के मुख से सुन सुनकर उस में लिख दिए; और उन वचनों में उनके समान और भी बहुत सी बातें बढ़ा दी गई।
- Jeremiah 35:1 यिर्मयाह 35:1योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य में यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा२
Original words (Hebrew)
- Jehoiakim · H3079יְהוֹיָקִים Yᵉhôwyâqîym
- twenty · H6242עֶשְׂרִים ʻesrîym
- five · H2568חָמֵשׁ châmêsh
- years · H8141שָׁנֶה shâneh
- old · H1121בֵּן bên
- reign · H4427מָלַךְ mâlak
- reigned · H4427מָלַךְ mâlak
- eleven · H259אֶחָד ʼechâd
- years · H8141שָׁנֶה shâneh
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- did · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- evil · H7451רַע raʻ
- sight · H5869עַיִן ʻayin
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym