Jeremiah · chapter 22 · verse 13
Jeremiah 22:13 in Hindi
उस पर हाय जो अपने घर को अधर्म से और अपनी उपरौठी कोठरियों को अन्याय से बनवाता है; जो अपने पड़ोसी से बेगारी में काम कराता है और उसकी मज़दूरी नहीं देता।
Us par haay jo apane ghar ko adharm se aur apanee uparauthee kothariyom ko anyaay se banavaataa hai; jo apane padosee se begaaree mem kaam karaataa hai aur usakee majadooree naheem detaa.
Jeremiah 22:13 in English
- King James Version (KJV)
- Woe unto him that buildeth his house by unrighteousness, and his chambers by wrong; [that] useth his neighbour’s service without wages, and giveth him not for his work;
- World English Bible (WEB)
- “Woe to him who builds his house by unrighteousness, and his rooms by injustice; who uses his neighbor’s service without wages, and doesn’t give him his hire;
- American Standard Version (ASV)
- Woe unto him that buildeth his house by unrighteousness, and his chambers by injustice; that useth his neighbor’s service without wages, and giveth him not his hire;
- Bible in Basic English (BBE)
- A curse is on him who is building his house by wrongdoing, and his rooms by doing what is not right; who makes use of his neighbour without payment, and gives him nothing for his work;
- Darby Translation (DBY)
- Woe unto him that buildeth his house by unrighteousness, and his upper chambers by injustice; that taketh his neighbour's service without wages, and giveth him not his earning;
- Webster's Bible (WBS)
- Woe to him that buildeth his house by unrighteousness, and his chambers by wrong; [that] useth his neighbor's service without wages, and giveth him not for his work;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Woe to him who is building his house by unrighteousness, And his upper chambers by injustice, On his neighbour he layeth service for nought, And his wage he doth not give to him.
Read in context
- 11क्योंकि यहूदा के राजा योशिरयाह का पुत्रा शल्लूम, जो अपने पिता योशिरयाह के स्थान पर राजा था और इस स्थान से निकल गया, उसके विषय में यहोवा यों कहता है कि वह फिर यहां लौटकर न आने पाएगा।
- 12वह जिस स्थान में बंधुआ होकर गया है उसी में मर जाएगा, और इस देश को फिर कभी देखने न पाएगा।
- 13उस पर हाय जो अपने घर को अधर्म से और अपनी उपरौठी कोठरियों को अन्याय से बनवाता है; जो अपने पड़ोसी से बेगारी में काम कराता है और उसकी मज़दूरी नहीं देता।
- 14वह कहता है, मैं अपने लिये लम्बा- चौड़ा घर और हवादार कोठा बना लूंगा, और वह खिड़कियां बनाकर उन्हें देवदार की लकड़ी से पाट लेता है, और सिन्दूर से रंग देता है।
- 15तू जो देवदार की लकड़ी का अभिलाषी है, क्या इस रीति से तेरा राज्य स्थिर रहेगा। देख, तेरा पिता न्याय और धर्म के काम करता था, और वह खाता पीता और सुख से भी रहता था!
Cross references
- James 5:4 याकूब 5:4देखो, जिन मजदूरों ने तुम्हारे खेत काटे, उन की वह मजदूरी जो तुम ने धोखा देकर रख ली है चिल्ला रही है, और लवने वालों की दोहाई, सेनाओं के प्रभु के कानों तक पहुंच गई है।
- Leviticus 19:13 लैव्यव्यवस्था 19:13एक दूसरे पर अन्धेर न करना, और न एक दूसरे को लूट लेना। और मजदूर की मजदूरी तेरे पास सारी रात बिहान तक न रहने पाएं।
- Micah 3:10 मीका 3:10तुम सिरयोन को हत्या करके और यरूशलेम को कुटिलता करके दृढ़ करते हो।
- Deuteronomy 24:14–15 व्यवस्थाविवरण 24:14–15कोई मजदूर जो दीन और कंगाल हो, चाहे वह तेरे भाइयों में से हो चाहे तेरे देश के फाटकों के भीतर रहनेवाले परदेशियों में से हो, उस पर अन्धेर न करना; यह जानकर, कि वह दीन है और उसका मन मजदूरी में लगा रहता है, मजदूरी करने ही के दिन सूर्यास्त से पहिले तू उसकी मजदूरी देना; ऐसा न हो कि वह तेरे कारण यहोवा की दोहाई दे, और तू पापी ठहरे।।
- Malachi 3:5 मलाकी 3:5तब मैं न्याय करने को तुम्हारे निकट आऊंगा; और टोन्हों, और व्यभिचारियों, और झूठी किरिया खानेवालों के विरूद्ध, और जो मजदूर की मजदूरी को दबाते, और विधवा और अनाथों पर अन्धेर करते, और परदेशी का न्याय बिगाड़ते, और मेरा भय नहीं मानते, उन सभों के विरूद्ध मैं तुरन्त साक्षी दूंगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।।
- Habakkuk 2:9–11 हबक्कूक 2:9–11हाय उस पर, जो अपने धर के लिये अन्याय के लाभ का लोभी है ताकि वह अपना घोंसला ऊंचे स्थान में बनाकर विपत्ति से बचे। तू ने बहुत सी जातियों को काटकर अपने घर लिये लज्जा की युक्ति बान्धी, और अपने ही प्राण का दोषी ठहरा है। क्योंकि घर की भीत का पत्थर दोहाई देता है, और उसके छत की कड़ी उनके स्वर में स्वर मिलाकर उत्तर देती हैं।
- 2 Chronicles 36:4 2 इतिहास 36:4तब मिस्र के राजा ने उसके भाई एल्याकीम को यहूदा और यरूशलेम का राजा बनाया और उसका नाम बदलकर यहोयाकीम रखा। और नको उसके भाई यहोआहाज को मिस्र में ले गया।
- Jeremiah 22:18 यिर्मयाह 22:18इसलिये योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के विषय में यहोवा यह कहता है, कि जैसे लोग इस रीति से कहकर रोते हैं, हाय मेरे भाई, हाय मेरी बहिन! इस प्रकार कोई हाय मेरे प्रभु वा हाय तेरा विभव कहकर उसके लिये विलाप न करेगा।
- 2 Kings 23:35–37 2 राजा 23:35–37यहोयाकीम ने फ़िरौन को वह चान्दी और सोना तो दिया परन्तु देश पर इसलिये कर लगाया कि फ़िरौन की अज्ञा के अनुसार उसे दे सके, अर्थात् देश के सब लोगों से जितना जिस पर लगान लगा, उतनी चान्दी और सोना उस से फ़िरौन- नको को देने के लिये ले लिया। जब सहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पचीस पर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम जबीदा था जो रूमावासी अदायाह की बेटी थी। उस ने ठीक अपने पुरखाओं की नाई वह किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है।
- Job 24:10–11 अय्यूब 24:10–11जिस से वे बिना वस्त्रा नंगे फिरते हैं; और भूख के मारे, पूलियां ढोते हैं। वे उनकी भीतों के भीतर तेल पेरते और उनके कुणडों में दाख रौंदते हुए भी प्यासे रहते हैं।
Original words (Hebrew)
- Woe · H1945הוֹי hôwy
- buildeth · H1129בָּנָה bânâh
- house · H1004בַּיִת bayith
- by · H3808לֹא lôʼ
- unrighteousness · H6664צֶדֶק tsedeq
- chambers · H5944עֲלִיָּה ʻălîyâh
- wrong · H4941מִשְׁפָּט mishpâṭ
- neighbour’s · H7453רֵעַ rêaʻ
- service · H5647עָבַד ʻâbad
- wages · H2600חִנָּם chinnâm
- giveth · H5414נָתַן nâthan
- work · H6467פֹּעַל pôʻal