2 Chronicles · chapter 6 · verse 19
2 Chronicles 6:19 in Hindi
तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, अपने दास की प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट की ओर ध्यान दे और मेरी पुकार और यह प्रार्थना सुन, जो मैं तेरे साम्हने कर रहा हूँ।
Taubhee he mere parameshvar yahovaa, apane daas kee praarthanaa aur gidagidaahat kee or dhyaan de aur meree pukaar aur yah praarthanaa sun, jo maim tere saamhane kar rahaa hoon.
2 Chronicles 6:19 in English
- King James Version (KJV)
- Have respect therefore to the prayer of thy servant, and to his supplication, O LORD my God, to hearken unto the cry and the prayer which thy servant prayeth before thee:
- World English Bible (WEB)
- Yet have respect for the prayer of your servant and to his supplication, LORD my God, to listen to the cry and to the prayer which your servant prays before you;
- American Standard Version (ASV)
- Yet have thou respect unto the prayer of thy servant, and to his supplication, O Jehovah my God, to hearken unto the cry and to the prayer which thy servant prayeth before thee;
- Bible in Basic English (BBE)
- Still, let your heart be turned to the prayer of your servant and to his prayer for grace, O Lord my God, and give ear to the cry and the prayer which your servant makes before you;
- Darby Translation (DBY)
- Yet have respect unto the prayer of thy servant, and to his supplication, Jehovah, my God, to hearken unto the cry and to the prayer which thy servant prayeth before thee;
- Webster's Bible (WBS)
- Have respect therefore to the prayer of thy servant, and to his supplication, O LORD my God, to hearken to the cry and the prayer which thy servant prayeth before thee:
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And Thou hast turned unto the prayer of Thy servant, and unto his supplication, O Jehovah my God, to hearken unto the cry and unto the prayer that Thy servant is praying before Thee,
Read in context
- 17अब हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा जो वचन तू ने अपने दास दाऊद को दिया था, वह सच्चा किया जाए।
- 18परन्तु क्या परमेश्वर सचमुच मनुष्यों के संग पृथ्वी पर वास करेगा? स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में तू क्योंकर समाएगा?
- 19तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, अपने दास की प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट की ओर ध्यान दे और मेरी पुकार और यह प्रार्थना सुन, जो मैं तेरे साम्हने कर रहा हूँ।
- 20वह यह है कि तेरी आंखें इस भवन की ओर, अर्तात इसी स्थान की ओर जिसके विषय में तू ने कहा है कि मैं उस में अपना नाम रखूंगा, रात दिन खुली रहें, और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले।
- 21और अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिस को वे इस स्थान की ओर मुंह किए हुए गिड़गिड़ाकर करें, उसे सुन लेना; स्वर्ग में से जो तेरा निवास स्थान है, सुन लेना; और सुन कर क्षमा करना।
Cross references
- 1 Kings 8:28 1 राजा 8:28तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा! अपने दास की प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट की ओर कान लगाकर, मेरी चिल्लाहट और यह प्रार्थना सुन! जो मैं आज तेरे साम्हने कर रहा हूँ्र;
- Psalm 4:1 भजन संहिता 4:1हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।।
- Daniel 9:17–19 दानिय्येल 9:17–19हे हमारे परमेश्वर, अपने दास की प्रार्थना और गिड़गड़ाहट सुनकर, अपने उजड़े हुए पवित्रास्थान पर अपने मुख का प्रकाश चमका; हे प्रभु, अपने नाम के निमित्त यह कर। हे मेरे परमेश्वर, कान लगाकर सुन, आंख खोलकर हमारी उजड़ी हुई दशा और उस नगर को भी देख जो तेरा कहलाता है; क्योंकि हम जो तेरे साम्हने गिड़गिड़ाकर प्रार्थना करते हैं, सो अपने धर्म के कामों पर नहीं, वरन तेरी बड़ी दया ही के कामों पर भरोसा रखकर करते हैं। हे प्रभु, सुन ले; हे प्रभु, पाप क्षमा कर; हे प्रभु, ध्यान देकर जो करता है उसे कर, विलम्ब न कर; हे मेरे परमेश्वर, तेरा नगर और तेरी प्रजा तेरी ही कहलाती है; इसलिये अपने नाम के निमित्त ऐसा ही कर।।
- Psalm 74:20 भजन संहिता 74:20अपनी वाचा की सुधि ले; क्योंकि देश के अन्धेरे स्थान अत्याचार के घरों से भरपूर हैं।
- Psalm 5:1–2 भजन संहिता 5:1–2हे यहोवा, मेरे वचनों पर कान लगा; मेरे ध्यान करने की ओर मन लगा। हे मेरे राजा, हे मेरे परमेश्वर, मेरी दोहाई पर ध्यान दे, क्योंकि मैं तुझी से प्रार्थना करता हूं।
- Psalm 130:2 भजन संहिता 130:2हे प्रभु, मेरी सुन! तेरे कान मेरे गिड़गिड़ाने की ओर ध्यान से लगे रहें!
- Luke 18:1–7 लूका 18:1–7फिर उस ने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्टान्त कहा। कि किसी नगर में एक न्यायी रहता था; जो न परमेश्वर से डरता थ और न किसी मनुष्य की परवाह करता था। और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, कि मेरा न्याय चुकाकर मुझे मु ई से बचा। उस ने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचारकर कहा, यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूं। तौभी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिये मैं उसका न्याय चुकाऊंगा कहीं ऐसा न हो कि घड़ी घड़ी आकर अन्त को मेरा नाक में दम करे। प्रभु ने कहा, सुनो, कि यह अधर्मी न्यायी क्या कहता है? सो क्या परमेश्र अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा, जो रात- दिन उस की दुहाई देते रहते; और क्या वह उन के विषय में देन करेगा?
- Psalm 20:1–3 भजन संहिता 20:1–3संकट के दिन यहोवा तेरी सुन ले! याकूब के परमेश्वर का नाम तुझे ऊंचे स्थान पर नियुक्त करे! वह पवित्रास्थान से तेरी सहायता करे, और सिरयोन से तुझे सम्भाल ले! वह तेरे सब अन्नबलियों को स्मरण करे, और तेरे होमबलि को ग्रहण करे।
- John 17:20 यूहन्ना 17:20मैं केवल इन्हीं के लिये बिनती नहीं करता, परन्तु उन के लिये भी जो इन के वचन के द्वारा मुझ पर विश्वास करेंगे, कि वे सब एक हों।
Original words (Hebrew)
- respect · H6437פָּנָה pânâh
- prayer · H8605תְּפִלָּה tᵉphillâh
- servant · H5650עֶבֶד ʻebed
- supplication · H8467תְּחִנָּה tᵉchinnâh
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- hearken · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- cry · H7440רִנָּה rinnâh
- prayer · H8605תְּפִלָּה tᵉphillâh
- servant · H5650עֶבֶד ʻebed
- prayeth · H6419פָּלַל pâlal
- before · H6440פָּנִים pânîym