2 Chronicles · chapter 6 · verse 21
2 Chronicles 6:21 in Hindi
और अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिस को वे इस स्थान की ओर मुंह किए हुए गिड़गिड़ाकर करें, उसे सुन लेना; स्वर्ग में से जो तेरा निवास स्थान है, सुन लेना; और सुन कर क्षमा करना।
Aur apane daas, aur apanee prajaa israael kee praarthanaa jis ko ve is sthaan kee or munh kie hue gidagidaakar karem, use sun lenaa; svarg mem se jo teraa nivaas sthaan hai, sun lenaa; aur sun kar kshamaa karanaa.
2 Chronicles 6:21 in English
- King James Version (KJV)
- Hearken therefore unto the supplications of thy servant, and of thy people Israel, which they shall make toward this place: hear thou from thy dwelling place, [even] from heaven; and when thou hearest, forgive.
- World English Bible (WEB)
- Listen to the petitions of your servant and of your people Israel, when they pray toward this place. Yes, hear from your dwelling place, even from heaven; and when you hear, forgive.
- American Standard Version (ASV)
- And hearken thou to the supplications of thy servant, and of thy people Israel, when they shall pray toward this place: yea, hear thou from thy dwelling-place, even from heaven; and when thou hearest, forgive.
- Bible in Basic English (BBE)
- And give ear to the prayers of your servant and of your people Israel, when they make their prayers, turning to this place; give ear from heaven your living-place; and hearing have mercy.
- Darby Translation (DBY)
- And hearken unto the supplications of thy servant, and of thy people Israel, which they shall pray toward this place, and hear thou from thy dwelling-place, from the heavens, and when thou hearest, forgive.
- Webster's Bible (WBS)
- Hearken therefore to the supplications of thy servant, and of thy people Israel, which they shall make towards this place: hear thou from thy dwelling-place, [even] from heaven; and when thou hearest, forgive.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And Thou hast hearkened unto the supplications of Thy servant, and of Thy people Israel, that they pray towards this place, and Thou dost hear from the place of Thy dwelling, from the heavens, and hast hearkened, and forgiven.
Read in context
- 19तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, अपने दास की प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट की ओर ध्यान दे और मेरी पुकार और यह प्रार्थना सुन, जो मैं तेरे साम्हने कर रहा हूँ।
- 20वह यह है कि तेरी आंखें इस भवन की ओर, अर्तात इसी स्थान की ओर जिसके विषय में तू ने कहा है कि मैं उस में अपना नाम रखूंगा, रात दिन खुली रहें, और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले।
- 21और अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिस को वे इस स्थान की ओर मुंह किए हुए गिड़गिड़ाकर करें, उसे सुन लेना; स्वर्ग में से जो तेरा निवास स्थान है, सुन लेना; और सुन कर क्षमा करना।
- 22जब कोई किसी दूसरे का अपराध करे और उसको शपथ खिलाई जाए, और वह आकर इस भवन में तेरी वेदी के साम्हने शपथ खाए,
- 23तब तू स्वर्ग में से सुनना और मानना, और अपने दासों का न्याय कर के दुष्ट को बदला देना, और उसकी चाल उसी के सिर लैटा देना, और निर्दोष को निर्दोष ठहराकर, उसके धर्म के अनुसार उसको फल देना।
Cross references
- Micah 7:18 मीका 7:18तेरे समान ऐसा परमेश्वर कहां है जो अधर्म को क्षमा करे और अपने निज भाग के बचे हुओं के अपराध को ढांप दे? वह अपने क्रोध को सदा बनाए नहीं रहता, क्योंकि वह करूणा से प्रीति रखता है।
- Daniel 9:19 दानिय्येल 9:19हे प्रभु, सुन ले; हे प्रभु, पाप क्षमा कर; हे प्रभु, ध्यान देकर जो करता है उसे कर, विलम्ब न कर; हे मेरे परमेश्वर, तेरा नगर और तेरी प्रजा तेरी ही कहलाती है; इसलिये अपने नाम के निमित्त ऐसा ही कर।।
- Isaiah 43:25 यशायाह 43:25मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा।
- 2 Chronicles 6:39 2 इतिहास 6:39तो तू अपने स्वगींय निवास स्थान में से उनकी प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट सुनना, और उनका न्याय करना और जो पाप तेरी प्रजा के लोग तेरे विरुद्ध करें, उन्हें क्षमा करना।
- 2 Chronicles 30:27 2 इतिहास 30:27अन्त में लेवीय याजकों ने खड़े होकर प्रजा को आशीर्वाद दिया, और उनकी सुनी गई, और उनकी प्रार्थना उसके पपित्रा धाम तक अर्थात् स्वर्ग तक पहुंची।
- Psalm 130:3–4 भजन संहिता 130:3–4हे याह, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु कौन खड़ा रह सकेगा? परन्तु तू क्षमा करनेवाला है? जिस से तेरा भय माना जाए।
- Matthew 6:12 मत्ती 6:12और जिस प्रकार हम ने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।
- Ecclesiastes 5:2 सभोपदेशक 5:2बातें करने में उतावली न करना, और न अपने मन से कोई बात उतावली से परमेश्वर के साम्हने निकालना, क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में हैं और तू पृथ्वी पर है; इसलिये तेरे वचन थोड़े ही हों।।
- Matthew 6:9 मत्ती 6:9सो तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो; "हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में हैं; तेरा नाम पवित्रा माना जाए।
- Isaiah 57:15 यशायाह 57:15क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्रा है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्रा स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हर्षित करूं।
- Job 22:12–14 अय्यूब 22:12–14क्या ईश्वर स्वर्ग के ऊंचे स्थान में नहीं है? ऊंचे से ऊंचे तारों को देख कि वे कितने ऊंचे हैं।। फिर तू कहता है कि ईश्वर क्या जानता है? क्या वह घोर अन्धकार की आड़ में होकर न्याय करेगा? काली घटाओं से वह ऐसा छिपा रहता है कि वह कुछ नहीं देख सकता, वह तो आकाशमणडल ही के ऊपर चलता फिरता है।
- Isaiah 44:22 यशायाह 44:22मैं ने तेरे अपराधों को काली घटा के समान और तेरे पापों को बादल के समान मिटा दिया है; मेरी ओर फिर लौट आ, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है।।
Original words (Hebrew)
- Hearken · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- supplications · H8469תַּחֲנוּן tachănûwn
- servant · H5650עֶבֶד ʻebed
- people · H5971עַם ʻam
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- make · H6419פָּלַל pâlal
- place · H4725מָקוֹם mâqôwm
- hear · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- dwelling · H3427יָשַׁב yâshab
- place · H4725מָקוֹם mâqôwm
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- hearest · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- forgive · H5545סָלַח çâlach