2 Chronicles · chapter 6 · verse 20
2 Chronicles 6:20 in Hindi
वह यह है कि तेरी आंखें इस भवन की ओर, अर्तात इसी स्थान की ओर जिसके विषय में तू ने कहा है कि मैं उस में अपना नाम रखूंगा, रात दिन खुली रहें, और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले।
Vah yah hai ki teree aankhem is bhavan kee or, artaat isee sthaan kee or jisake vishay mem too ne kahaa hai ki maim us mem apanaa naam rakhoongaa, raat din khulee rahem, aur jo praarthanaa teraa daas is sthaan kee or kare, use too sun le.
2 Chronicles 6:20 in English
- King James Version (KJV)
- That thine eyes may be open upon this house day and night, upon the place whereof thou hast said that thou wouldest put thy name there; to hearken unto the prayer which thy servant prayeth toward this place.
- World English Bible (WEB)
- that your eyes may be open toward this house day and night, even toward the place where you have said that you would put your name, to listen to the prayer which your servant will pray toward this place.
- American Standard Version (ASV)
- that thine eyes may be open toward this house day and night, even toward the place whereof thou hast said that thou wouldest put thy name there; to hearken unto the prayer which thy servant shall pray toward this place.
- Bible in Basic English (BBE)
- That your eyes may be open to this house day and night, to this place of which you have said that you would put your name there; to give ear to the prayer which your servant may make, turning to this place.
- Darby Translation (DBY)
- that thine eyes may be open upon this house day and night, upon the place in which thou hast said thou wouldest put thy name: to hearken unto the prayer which thy servant prayeth toward this place.
- Webster's Bible (WBS)
- That thy eyes may be open upon this house day and night, upon the place of which thou hast said, that thou wouldst put thy name there; to hearken to the prayer which thy servant prayeth towards this place.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for Thine eyes being open towards this house by day and by night, towards the place that Thou hast said to put Thy name there, to hearken unto the prayer that Thy servant prayeth towards this place.
Read in context
- 18परन्तु क्या परमेश्वर सचमुच मनुष्यों के संग पृथ्वी पर वास करेगा? स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में तू क्योंकर समाएगा?
- 19तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, अपने दास की प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट की ओर ध्यान दे और मेरी पुकार और यह प्रार्थना सुन, जो मैं तेरे साम्हने कर रहा हूँ।
- 20वह यह है कि तेरी आंखें इस भवन की ओर, अर्तात इसी स्थान की ओर जिसके विषय में तू ने कहा है कि मैं उस में अपना नाम रखूंगा, रात दिन खुली रहें, और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले।
- 21और अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिस को वे इस स्थान की ओर मुंह किए हुए गिड़गिड़ाकर करें, उसे सुन लेना; स्वर्ग में से जो तेरा निवास स्थान है, सुन लेना; और सुन कर क्षमा करना।
- 22जब कोई किसी दूसरे का अपराध करे और उसको शपथ खिलाई जाए, और वह आकर इस भवन में तेरी वेदी के साम्हने शपथ खाए,
Cross references
- Psalm 34:15 भजन संहिता 34:15यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं।
- Psalm 121:5 भजन संहिता 121:5यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दहिनी ओर तेरी आड़ है।
- Daniel 6:10 दानिय्येल 6:10जब दानिरयेल को मालूम हुआ कि उस पत्रा पर हस्ताक्षर किया गया है, तब वह अपने घर में गया जिसकी उपरौठी कोठरी की खिड़कियां यरूशलेम के सामने खुली रहती थीं, और अपनी रीति के अनुसार जैसा वह दिन में तीन बार अपने परमेश्वर के साम्हने घुटने टेककर प्रार्थना और धन्यवाद करता था, वैसा ही तब भी करता रहा।
- 2 Chronicles 6:6 2 इतिहास 6:6परन्तु मैं ने यरूशलेम को इसलिये चुना है, कि मेरा नाम वहां हो, और दाऊद को चुन लिया है कि वह मेरी प्रजा इस्राएल पर प्रधान हो।
- Deuteronomy 26:2 व्यवस्थाविवरण 26:2तब जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है, उसकी भूमि की भांति भांति की जो पहिली उपज तू अपने घर लाएगा, उस में से कुछ टोकरी में लेकर उस स्थान पर जाना, जिसे तेरा परमेश्वर यहोवा अपने नाम का निवास करने को चुन ले।
- Nehemiah 1:6 नहेमायाह 1:6तू कान लगाए और आंखें खोले रह, कि जो प्रार्थना मैं तेरा दास इस समय तेरे दास इस्राएलियों के लिये दिन रात करता रहता हूँ, उसे तू सुन ले। मैं इस्राएलियों के पापों को जो हम लोगों ने तेरे विरूद्ध किए हैं, मान लेता हूँ। मैं और मेरे पिता के घराने दोनों ने पाप किया है।
- Deuteronomy 12:11 व्यवस्थाविवरण 12:11और तुम निडर रहने पाओ, तब जो स्थान तुम्हारा परमेश्वर यहोवा अपने नाम का निवास ठहराने के लिये चुन ले उसी में तुम अपने होमबलि, और मेलबलि, और दशमांश, और उठाई हुईं भेंटें, और मन्नतों की सब उत्तम उत्तम वस्तुएं जो तुम यहोवा के लिये संकल्प करोगे, निदान जितनी वस्तुओं की आज्ञा मैं तुम को सुनाता हूं उन सभों को वहीं ले जाया करना।
- 1 Kings 8:29–30 1 राजा 8:29–30कि तेरी आंख इस भवन की ओर अर्थात् इसी स्थान की ओर जिसके विषय तू ने कहा है, कि मेरा नाम वहां रहेगा, रात दिन खुली रहें: और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले। और तू अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिसको वे इस स्थान की ओर गिड़गिड़ा के करें उसे सुनना, वरद स्वर्ग। में से जो तेरा निवासस्थान है सुन लेना, और सुनकर क्षमा करना।
- Colossians 2:9 कुलुस्सियों 2:9क्योंकि उस में ईश्वरत्व की सारी परिपूर्णता सदेह वास करती है।
- 2 Chronicles 16:9 2 इतिहास 16:9देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कमट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों मे फंसा रहेगा।
- 2 Kings 19:16 2 राजा 19:16हे यहोवा! कान लगाकर सुन, हे यहोवा आंख खोलकर देख, और सन्हेरीब के वचनोें को सुन ले, जो उस ने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को कहला भेजे हैं।
Original words (Hebrew)
- eyes · H5869עַיִן ʻayin
- open · H6605פָּתַח pâthach
- house · H1004בַּיִת bayith
- day · H3119יוֹמָם yôwmâm
- night · H3915לַיִל layil
- place · H4725מָקוֹם mâqôwm
- said · H559אָמַר ʼâmar
- put · H7760שׂוּם sûwm
- name · H8034שֵׁם shêm
- hearken · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- prayer · H8605תְּפִלָּה tᵉphillâh
- servant · H5650עֶבֶד ʻebed
- prayeth · H6419פָּלַל pâlal
- place · H4725מָקוֹם mâqôwm