2 Corinthians · chapter 12 · verse 10
2 Corinthians 12:10 in Hindi
इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।।
Is kaaran maim maseeh ke liye nirbalataaom, aur nindaaom mem, aur daridrataa mem, aur upadravom mem, aur sankatom mem, prasann hoom; kyonki jab maim nirbal hotaa hoom, tabhee balavant hotaa hoon..
2 Corinthians 12:10 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore I take pleasure in infirmities, in reproaches, in necessities, in persecutions, in distresses for Christ’s sake: for when I am weak, then am I strong.
- World English Bible (WEB)
- Therefore I take pleasure in weaknesses, in injuries, in necessities, in persecutions, and in distresses, for Christ’s sake. For when I am weak, then am I strong.
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore I take pleasure in weaknesses, in injuries, in necessities, in persecutions, in distresses, for Christ’s sake: for when I am weak, then am I strong.
- Bible in Basic English (BBE)
- So I take pleasure in being feeble, in unkind words, in needs, in cruel attacks, in troubles, on account of Christ: for when I am feeble, then am I strong.
- Darby Translation (DBY)
- Wherefore I take pleasure in weaknesses, in insults, in necessities, in persecutions, in straits, for Christ: for when I am weak, then I am powerful.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore I take pleasure in infirmities, in reproaches, in necessities, in persecutions, in distresses for Christ's sake: for when I am weak, then am I strong.
- Young's Literal Translation (YLT)
- wherefore I am well pleased in infirmities, in damages, in necessities, in persecutions, in distresses — for Christ; for whenever I am infirm, then I am powerful;
Read in context
- 8इस के विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार बिनती की, कि मुझ से यह दूर हो जाए।
- 9और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।
- 10इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।।
- 11मैं मूर्ख तो बना, परन्तु तुम ही ने मुझ से यह बरबस करवाया: तुम्हें तो मेरी प्रशंसा करनी चाहिए थी, क्योंकि यद्यपि मैं कुछ भी नहीं, तौभी उन बड़े से बड़े प्ररितों से किसी बात में कम नहीं हूं।
- 12प्ररित के लक्षण भी तुम्हारे बीच सब प्रकार के धीरज सहित चिन्हों, और अद्भुत कामों, और सामर्थ के कामों से दिखाए गए।
Cross references
- 2 Corinthians 12:9 2 कुरिन्थियों 12:9और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।
- Ephesians 6:10 इफिसियों 6:10निदान, प्रभु में और उस की शक्ति में बलवन्त बनो।
- Romans 5:3 रोमियों 5:3केवल यही नहीं, बरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज।
- 2 Corinthians 13:4 2 कुरिन्थियों 13:4वह निर्बलता के कारण क्रूस पर चढ़ाया तो गया, तौभी परमेश्वर की सामर्थ से जीवित है, हम भी तो उस में निर्बल हैं; परन्तु परमेश्वर की सामर्थ से जो तुम्हारे लिये है, उसके साथ जीएंगे।
- James 1:2 याकूब 1:2हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो
- 1 Peter 1:6–7 1 पतरस 1:6–7और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे।
- 2 Corinthians 6:4 2 कुरिन्थियों 6:4परन्तु हर बात में परमेश्वर के सेवकों की नाई अपने सद्गुणों को प्रगट करते हैं, बड़े धैर्य से, क्लेशों से, दरिद्रता से, संकटो से।
- Luke 6:22 लूका 6:22धन्य हो तुम, जब मनुष्य के पुत्रा के कारण लोग तुम से बैर करेंगे, और तुम्हें निकाल देंगे, और तुम्हारी निन्दा करेंगे, और तुम्हारा नाम बुरा जानकर काट देंगे।
- 2 Corinthians 1:4 2 कुरिन्थियों 1:4वह हमारे सब क्लेशों में शान्ति देता है; ताकि हम उस शान्ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्लेश में हों।
- John 15:21 यूहन्ना 15:21परन्तु यह सब कुछ वे मेरे नाम के कारण तुम्हारे साथ करेंगे क्योंकि वे मेरे भेजनेवाले को नहीं जानते।
- Acts 5:41 प्रेरितों के काम 5:41वे इस बात से आनन्दित होकर महासभा के साम्हने से चले गए, कि हम उसके नाम के लिये निरादर होने के योग्य हो ठहरे।
- 2 Corinthians 13:9 2 कुरिन्थियों 13:9जब हम निर्बल हैं, और तुम बलवन्त हो, तो हम आनन्दित होते हैं, और यह प्रार्थना भी करते हैं, कि तुम सिद्ध हो जाओ।
Original words (Greek)
- Therefore · G1352διό dió
- pleasure · G2106εὐδοκέω eudokéō
- in · G1722ἐν en
- infirmities · G769ἀσθένεια asthéneia
- in · G1722ἐν en
- reproaches · G5196ὕβρις hýbris
- in · G1722ἐν en
- necessities · G318ἀνάγκη anánkē
- in · G1722ἐν en
- persecutions · G1375διωγμός diōgmós
- in · G1722ἐν en
- distresses · G4730στενοχωρία stenochōría
- for · G5228ὑπέρ hypér
- Christ’s sake · G5547Χριστός Christós
- for · G1063γάρ gár
- when · G3752ὅταν hótan
- weak · G770ἀσθενέω asthenéō
- then · G5119τότε tóte
- I · G1510εἰμί eimí
- strong · G1415δυνατός dynatós