2 Corinthians · chapter 12 · verse 11
2 Corinthians 12:11 in Hindi
मैं मूर्ख तो बना, परन्तु तुम ही ने मुझ से यह बरबस करवाया: तुम्हें तो मेरी प्रशंसा करनी चाहिए थी, क्योंकि यद्यपि मैं कुछ भी नहीं, तौभी उन बड़े से बड़े प्ररितों से किसी बात में कम नहीं हूं।
Maim moorkh to banaa, parantu tum hee ne mujh se yah barabas karavaayaa: tumhem to meree prashansaa karanee chaahie thee, kyonki yadyapi maim kuchh bhee naheem, taubhee un bade se bade praritom se kisee baat mem kam naheem hoon.
2 Corinthians 12:11 in English
- King James Version (KJV)
- I am become a fool in glorying; ye have compelled me: for I ought to have been commended of you: for in nothing am I behind the very chiefest apostles, though I be nothing.
- World English Bible (WEB)
- I have become foolish in boasting. You compelled me, for I ought to have been commended by you, for I am in no way inferior to the very best apostles, though I am nothing.
- American Standard Version (ASV)
- I am become foolish: ye compelled me; for I ought to have been commended of you: for in nothing was I behind the very chiefest apostles, though I am nothing.
- Bible in Basic English (BBE)
- I have been forced by you to become foolish, though it was right for my praise to have come from you: for in no way was I less than the chief of the Apostles, though I am nothing.
- Darby Translation (DBY)
- I have become a fool; ye have compelled me; for I ought to have been commended by you; for I have been nothing behind those who were in surpassing degree apostles, if also I am nothing.
- Webster's Bible (WBS)
- I am become a fool in glorying; ye have compelled me: for I ought to have been commended by you: for in nothing am I behind the very greatest apostles, though I am nothing.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have become a fool — boasting; ye — ye did compel me; for I ought by you to have been commended, for in nothing was I behind the very chiefest apostles — even if I am nothing.
Read in context
- 9और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।
- 10इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।।
- 11मैं मूर्ख तो बना, परन्तु तुम ही ने मुझ से यह बरबस करवाया: तुम्हें तो मेरी प्रशंसा करनी चाहिए थी, क्योंकि यद्यपि मैं कुछ भी नहीं, तौभी उन बड़े से बड़े प्ररितों से किसी बात में कम नहीं हूं।
- 12प्ररित के लक्षण भी तुम्हारे बीच सब प्रकार के धीरज सहित चिन्हों, और अद्भुत कामों, और सामर्थ के कामों से दिखाए गए।
- 13तुम कोैन सी बात में और कलीसियों से कम थे, केवल इस में कि मैं ने तुम पर अपना भार न रखा: मेरा यह अन्याय क्षमा करो।
Cross references
- 2 Corinthians 11:5 2 कुरिन्थियों 11:5मैं तो समझता हमं, कि मैं किसी बात में बड़े से बड़े प्रेरितों से कम नहीं हूं।
- 2 Corinthians 11:1 2 कुरिन्थियों 11:1यदि तुम मेरी थोड़ी मूर्खता सह लेते तो क्या ही भला होता; हां, मेरी सह भी लेते हो।
- 1 Corinthians 15:8–10 1 कुरिन्थियों 15:8–10और सब के बाद मुझ को भी दिखाई दिया, जो मानो अधूरे दिनों का जन्मा हूं। क्योंकि मैं प्ररितों में सब से छोटा हूं, बरन प्ररित कहलाने के योग्य भी नहीं, क्योंकि मैं ने परमेश्वर की कलीसिया को सताया था। परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआद्ध परनतु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था।
- Ephesians 3:8 इफिसियों 3:8मुझ पर जो सब पवित्रा लोगों में से छोटे से भी छोटा हूं, यह अनुग्रह हुआ, कि मैं अन्यजातियों को मसीह के अगम्य धन का सुसमाचार सुनाऊं।
- 1 Corinthians 3:4–7 1 कुरिन्थियों 3:4–7इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्या तुम मनुष्य नहीं? अपुल्लोस क्या है? और पौलुस क्या? केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। इसलिये न तो लगानेवाला कुछ है, और न सींचनेवाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ानेवाला है।
- Luke 17:10 लूका 17:10इसी रीति से तुम भी, जब उन सब कामों को कर चुको जिस की आज्ञा तुम्हें दी गई थी, तो कहा, हम निकम्मे दास हैं; कि जो हमें करना चाहिए था वही किया है।।
- 1 Corinthians 3:22 1 कुरिन्थियों 3:22क्या पौलुस, क्या अपुल्लोस, क्या कैफा, क्या जगत, क्या जीवन, क्या मरण, क्या वर्तमान, क्या भविष्य, सब कुछ तुम्हारा है,
- Galatians 2:6–14 गलातियों 2:6–14फिर जो लोग कुछ समझे जाते थे (वे चाहे कैसे ही थे, मुझे इस से कुछ काम नहीं, परमेश्वर किसी का पक्षपात नहीं करता) उन से जो कुछ भी समझे जाते थे, मुझे कुछ भी नहीं प्राप्त हुआ। परन्तु इसके विपरीत जब उन्हों ने देखा, कि जैसा खतना किए हुए लोगों के लिये सुसमाचार का काम पतरस को सौंपा गया वैसा ही खतनारहितों के लिये मुझे सुसमाचार सुनाना सौंपा गया। (क्योंकि जिस ने पतरस से खतना किए हुओं में प्रेरिताई का कारर्य बड़े प्रभाव सहित करवाया, उसी ने मुझ से भी अन्यजातियों में प्रभावशाली कारर्य करवाया) और जब उन्हों ने उस अनुग्रह को जो मुझे मिला था जान लिया, तो याकूब, और कैफा, और यूहन्ना ने जो कलीसिया के खम्भे समझे जाते थे, मुझ को और बरनबास को दहिना हाथ देकर संग कर लिया, कि हम अन्यजातियों के पास जाएं, और वे खतना किए हुओं के पास। केवल यह कहा, कि हम कंगालों की सुधि लें, और इसी काम के करने का मैं आप भी यत्न कर रहा था। पर जब कैफा अन्ताकिया में आया तो मैं ने उसके मुंह पर उसका साम्हना किया, क्योंकि वह दोषी ठहरा था। इसलिये कि याकूब की ओर से कितने लोगों के आने से पहिले वह अन्यजातियों के साथ खाया करता था, परन्तु जब वे आए, तो खतना किए हुए लोगों के डर के मारे उन से हट गया और किनारा करने लगा। और उसके साथ शेष यहूदियों ने भी कपट किया, यहां तक कि बरनबास भी उन के कपट में पड़ गया। पर जब मैं ने देखा, कि वे सुसमाचार की सच्चाई पर सीधी चाल नहीं चलते, तो मैं ने सब के साम्हने कैफा से कहा; कि जब तू यहूदी होकर अन्यजातियों की नाई चलता है, और यहूदियों की नाईं नहीं तो तू अन्यजातियों को यहूदियों की नाईं चलने को क्यों कहता है?
- 2 Corinthians 11:16–17 2 कुरिन्थियों 11:16–17मैं फिर कहता हूं, कोई मुझे मूर्ख न समझे; नहीं तो मूर्ख ही समझकर मेरी सह लो, ताकि थोड़ा सा मैं भी घमण्ड करूं। इस बेधड़क घमण्ड से बोलने में जो कुछ मैं कहता हूं वह प्रभू की आज्ञा के अनुसार नहीं पर मानों मूर्खता से ही कहता हूं।
- 2 Corinthians 12:12 2 कुरिन्थियों 12:12प्ररित के लक्षण भी तुम्हारे बीच सब प्रकार के धीरज सहित चिन्हों, और अद्भुत कामों, और सामर्थ के कामों से दिखाए गए।
- 2 Corinthians 1:6 2 कुरिन्थियों 1:6यदि हम क्लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति के लिये है; जिस के प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं।
- 2 Corinthians 12:6 2 कुरिन्थियों 12:6क्योंकि यदि मैं घमण्ड करना चाहूं भी तो मूंर्ख न हूंगा, क्योंकि सच बोलूंगा; तोभी रूक जाता हूं, ऐसा न हो, कि जैसा कोई मुझे देखता है, या मुझ से सुनता है, मुझे उस से बढ़कर समझे।
Original words (Greek)
- become · G1096γίνομαι gínomai
- fool · G878ἄφρων áphrōn
- glorying · G2744καυχάομαι kaucháomai
- ye · G5210ὑμεῖς hymeîs
- compelled · G315ἀναγκάζω anankázō
- me · G3165μέ mé
- for · G1063γάρ gár
- I · G1473ἐγώ egṓ
- ought · G3784ὀφείλω opheílō
- commended · G4921συνιστάω synistáō
- of · G5259ὑπό hypó
- you · G5216ὑμῶν hymōn
- for · G1063γάρ gár
- nothing · G3762οὐδείς oudeís
- behind · G5302ὑστερέω hysteréō
- very · G5228ὑπέρ hypér
- chiefest · G3029λίαν lían
- apostles · G652ἀπόστολος apóstolos
- though · G1487εἰ ei
- be · G1510εἰμί eimí
- nothing · G3762οὐδείς oudeís