2 Corinthians · chapter 12 · verse 19
2 Corinthians 12:19 in Hindi
तुम अभी तक समझ रहे होगे कि हम तुम्हारे सामने प्रत्युत्तर दे रहे हैं, हम तो परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं, और हे प्रियों, सब बातें तुम्हारी उन्नति ही के लिये कहते हैं।
Tum abhee tak samajh rahe hoge ki ham tumhaare saamane pratyuttar de rahe haim, ham to parameshvar ko upasthit jaanakar maseeh mem bolate haim, aur he priyom, sab baatem tumhaaree unnati hee ke liye kahate hain.
2 Corinthians 12:19 in English
- King James Version (KJV)
- Again, think ye that we excuse ourselves unto you? we speak before God in Christ: but [we do] all things, dearly beloved, for your edifying.
- World English Bible (WEB)
- Again, do you think that we are excusing ourselves to you? In the sight of God we speak in Christ. But all things, beloved, are for your edifying.
- American Standard Version (ASV)
- Ye think all this time that we are excusing ourselves unto you. In the sight of God speak we in Christ. But all things, beloved, [are] for your edifying.
- Bible in Basic English (BBE)
- It may seem to you that all this time we have been attempting to put ourselves in the right; but we are saying these things before God in Christ. For all things, dear brothers, are for your profit.
- Darby Translation (DBY)
- Ye have long been supposing that we excuse ourselves to you: we speak before God in Christ; and all things, beloved, for your building up.
- Webster's Bible (WBS)
- Again, think ye that we excuse ourselves to you? we speak before God in Christ: but [we do] all things, dearly beloved, for your edification.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Again, think ye that to you we are making defence? before God in Christ do we speak; and the all things, beloved, [are] for your up-building,
Read in context
- 17भला, जिन्हें मैं ने तुम्हारे पास भेजा, क्या उन में से किसी के द्वारा मैं ने छल करके तुम से कुछ ले लिया?
- 18मै ने तितुस को समझाकर उसके साथ उस भाई को भेजा, तो क्या तीतुस ने छल करके तुम से कुछ लिया? क्या हम एक ही आत्मा के चलाए न चले? क्या एक ही लीक पर न चले?
- 19तुम अभी तक समझ रहे होगे कि हम तुम्हारे सामने प्रत्युत्तर दे रहे हैं, हम तो परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं, और हे प्रियों, सब बातें तुम्हारी उन्नति ही के लिये कहते हैं।
- 20क्योंकि मुझे डर है, कहीं ऐसा न हो, कि मैं आकर जैसे चाहता हूं, वैसे तुम्हें न पाऊं; और मुझे भी जैसा तुम नहीं चाहते वैसा ही पाओ, कि तुम में झगड़ा, डाह, क्रोध, विराध, ईर्ष्या, चुगली, अभिमान और बखेड़े हों।
- 21और मेरा परमेश्वर कहीं मेरे फिर से तुम्हारे यहां आने पर मुझ पर दबाव डाले और मुझे बहुतों के लिये फिर शोक करना पड़े, जिन्हों ने पहिले पाप किया था, और उस गन्दे काम, और व्यभिचार, और लुचपन से, जो उन्हों ने किया, मन नहीं फिराया।।
Cross references
- Romans 9:1 रोमियों 9:1मैं मसीह में सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता और मेरा विवेक भी पवित्रा आत्मा में गवाही देता है।
- 1 Corinthians 14:26 1 कुरिन्थियों 14:26इसलिये हे भाइयो क्या करना चाहिए? जब तुम इकट्ठे होते हो, तो हर एक के हृदय में भजन, या उपदेश, या अन्यभाषा, या प्रकाश, या अन्यभाषा का अर्थ बताना रहता है: सब कुछ आत्मिक उन्नति के लिये होना चाहिए।
- 2 Corinthians 10:8 2 कुरिन्थियों 10:8क्योंकि यदि मैं उस अधिकार के विषय में और भी घमण्ड दिखाऊं, जो प्रभु ने तुम्हारे बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये हमें दिया है, तो लज्जित न हूंगा।
- 1 Corinthians 10:14 1 कुरिन्थियों 10:14इस कारण, हे मेरे प्यारों मूर्त्ति पूजा से बचे रहो।
- 2 Corinthians 11:31 2 कुरिन्थियों 11:31प्रभु यीशु का परमेश्वर और पिता जो सदा धन्य है, जानता है, कि मैं झूठ नहीं बोलता।
- 2 Corinthians 7:1 2 कुरिन्थियों 7:1सो हे प्यारो जब कि ये प्रतिज्ञाएं हमें मिली हैं, तो आओ, हम अपने आप को शरीर और आत्मा की सब मलिनता शुद्ध करें, और परमेश्वर का भय रखते हुए पवित्राता को सिद्ध करें।।
- 2 Corinthians 3:1 2 कुरिन्थियों 3:1क्या हम फिर अपनी बड़ाई करने लगे? या हमें कितनों कि नाई सिफारिश की पत्रियां तुम्हारे पास लानी या तुम से लेनी हैं?
- 1 Corinthians 10:33 1 कुरिन्थियों 10:33जैसा मैं भी सब बातों में सब को प्रसन्न रखता हूं, और अपना नहीं, परन्तु बहुतों का लाभ ढूंढ़ता हूं, कि वे उद्धार पाएं।
- 2 Corinthians 13:10 2 कुरिन्थियों 13:10इस कारण मैं तुम्हारे पीठ पीछे ये बातें लिखता हूं, कि उपस्थित होकर मुझे उस अधिकार के अनुसार जिसे प्रभु ने बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये मुझे दिया है, कढ़ाई से कुछ करना न पडे।।
- 2 Corinthians 12:15 2 कुरिन्थियों 12:15मैं तुम्हारी आत्माओं के लिये बहुत आनन्द से खर्च करूंगा, बरन आप भी खर्च हो जाऊंगा: क्या जितना बढ़कर मैं तुम से प्रेम रखता हूं, उतना ही घटकर तुम मुझ से प्रेम रखोगे?
- Romans 12:19 रोमियों 12:19हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा।
- Philippians 4:1 फिलिप्पियों 4:1इसलिये हे मेरे प्रिय भाइयों, जिन में मेरा जी लगा रहता है जो मेरे आनन्द और मुकुट हो, हे प्रिय भाइयो, प्रभु में इसी प्रकार स्थिर रहो।।
Original words (Greek)
- Again · G3825πάλιν pálin
- ye · G1380δοκέω dokéō
- that · G3754ὅτι hóti
- ourselves · G626ἀπολογέομαι apologéomai
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- speak · G2980λαλέω laléō
- before · G2714κατενώπιον katenṓpion
- God · G2316θεός theós
- in · G1722ἐν en
- Christ · G5547Χριστός Christós
- but · G1161δέ dé
- things · G3956πᾶς pâs
- beloved · G27ἀγαπητός agapētós
- for · G5228ὑπέρ hypér
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- edifying · G3619οἰκοδομή oikodomḗ