2 Corinthians · chapter 12 · verse 20
2 Corinthians 12:20 in Hindi
क्योंकि मुझे डर है, कहीं ऐसा न हो, कि मैं आकर जैसे चाहता हूं, वैसे तुम्हें न पाऊं; और मुझे भी जैसा तुम नहीं चाहते वैसा ही पाओ, कि तुम में झगड़ा, डाह, क्रोध, विराध, ईर्ष्या, चुगली, अभिमान और बखेड़े हों।
Kyonki mujhe dar hai, kaheem aisaa na ho, ki maim aakar jaise chaahataa hoom, vaise tumhem na paaoom; aur mujhe bhee jaisaa tum naheem chaahate vaisaa hee paao, ki tum mem jhagadaa, daah, krodh, viraadh, eershyaa, chugalee, abhimaan aur bakhede hon.
2 Corinthians 12:20 in English
- King James Version (KJV)
- For I fear, lest, when I come, I shall not find you such as I would, and [that] I shall be found unto you such as ye would not: lest [there be] debates, envyings, wraths, strifes, backbitings, whisperings, swellings, tumults:
- World English Bible (WEB)
- For I am afraid that perhaps when I come, I might find you not the way I want to, and that I might be found by you as you don’t desire, that perhaps there would be strife, jealousy, outbursts of anger, factions, slander, whisperings, proud thoughts, or riots,
- American Standard Version (ASV)
- For I fear, lest by any means, when I come, I should find you not such as I would, and should myself be found of you such as ye would not; lest by any means [there should be] strife, jealousy, wraths, factions, backbitings, whisperings, swellings, tumults;
- Bible in Basic English (BBE)
- For I have a fear that, when I come, you may not be answering to my desire, and that I may not be answering to yours; that there may be fighting, hate, angry feeling, divisions, evil talk about others, secrets, thoughts of pride, outbursts against authority;
- Darby Translation (DBY)
- For I fear lest perhaps coming I find you not such as I wish, and that I be found by you such as ye do not wish: lest [there might be] strifes, jealousies, angers, contentions, evil speakings, whisperings, puffings up, disturbances;
- Webster's Bible (WBS)
- For I fear, lest, when I come, I shall not find you such as I would, and [that] I shall be found by you such as ye would not: lest [there be] debates, envyings, wraths, strifes, backbitings, whisperings, swellings, tumults:
- Young's Literal Translation (YLT)
- for I fear lest, having come, not such as I wish I may find you, and I — I may be found by you such as ye do not wish, lest there be strifes, envyings, wraths, revelries, evil-speakings, whisperings, puffings up, insurrections,
Read in context
- 18मै ने तितुस को समझाकर उसके साथ उस भाई को भेजा, तो क्या तीतुस ने छल करके तुम से कुछ लिया? क्या हम एक ही आत्मा के चलाए न चले? क्या एक ही लीक पर न चले?
- 19तुम अभी तक समझ रहे होगे कि हम तुम्हारे सामने प्रत्युत्तर दे रहे हैं, हम तो परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं, और हे प्रियों, सब बातें तुम्हारी उन्नति ही के लिये कहते हैं।
- 20क्योंकि मुझे डर है, कहीं ऐसा न हो, कि मैं आकर जैसे चाहता हूं, वैसे तुम्हें न पाऊं; और मुझे भी जैसा तुम नहीं चाहते वैसा ही पाओ, कि तुम में झगड़ा, डाह, क्रोध, विराध, ईर्ष्या, चुगली, अभिमान और बखेड़े हों।
- 21और मेरा परमेश्वर कहीं मेरे फिर से तुम्हारे यहां आने पर मुझ पर दबाव डाले और मुझे बहुतों के लिये फिर शोक करना पड़े, जिन्हों ने पहिले पाप किया था, और उस गन्दे काम, और व्यभिचार, और लुचपन से, जो उन्हों ने किया, मन नहीं फिराया।।
Cross references
- 1 Peter 2:1 1 पतरस 2:1इसलिये सब प्रकार का बैरभाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके।
- Galatians 5:19–21 गलातियों 5:19–21शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात् व्यभिचार, गन्दे काम, लुचपन। मूत्ति पूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म। डाह, मलवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इन के ऐसे और और काम हैं, इन के विषय में मैं तुम को पहिले से कह देता हूं जैसा पहिले कह भी चुका हूं, कि ऐसे ऐसे काम करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे।
- Romans 1:29 रोमियों 1:29सो वे सब प्रकार के अधर्म, और दुष्टता, और लोभ, और बैरभाव, से भर गए; और डाह, और हत्या, और झगड़े, और छल, और ईर्षा से भरपूर हो गए, और चुगलखोर।
- 1 Corinthians 1:11 1 कुरिन्थियों 1:11क्योंकि हे मेरे भाइयों, खलोए के घराने के लोगों ने मुझे तुम्हारे विषय में बताया है, कि तुम में झगड़े हो रहे हैं।
- Galatians 5:15 गलातियों 5:15पर यदि तुम एक दूसरे को दांत से काटते और फाड़ खाते हो, तो चौकस रहो, कि एक दूसरे का सत्यानाश न कर दो।।
- Jude 1:16 यहूदा 1:16ये तो असंतुष्ट, कुड़कुड़ानेवाले, और अपने अभिलाषाओं के अनुसार चलनेवाले हैं; और अपने मुंह से घमण्ड की बातें बोलते हैं; और वे लाभ के लिये मुंह देखी बड़ाई किया करते हैं।।
- Proverbs 16:28 नीतिवचन 16:28टेढ़ा मनुष्य बहुत झगड़े को उठाता है, और कानाफूसी करनेवाला परम मित्रों में भी फूट करा देता है।
- James 4:1–5 याकूब 4:1–5तुम में लड़ाइयां और झगड़े कहां से आ गए? क्या उन सुख- विलासों से नहीं जो तुम्हारे अंगों में लड़ते- भिड़ते हैं? तुम लालसा रखते हो, और तुम्हें मिलता नहीं; तुम हत्या और डाह करते हो, ओर कुछ प्राप्त नहीं कर सकते; तुम झगड़ते और लड़ते हो; तुम्हें इसलिये नहीं मिलता, कि मांगते नहीं। तुम मांगते हो और पाते नहीं, इसलिये कि बुरी इच्छा से मांगते हो, ताकि अपने भोग विलास में उड़ा दो। हे व्यभिचारिणियों, क्या तुम नहीं जानतीं, कि संसार से मित्राता करनी परमेश्वर से बैर करना है? सो जो कोई संसार का मित्रा होना चाहता है, वह अपने आप को परमेश्वर का बैरी बनाता है। क्या तुम यह समझते हो, कि पवित्रा शास्त्रा व्यर्थ कहता है? जिस आत्मा को उस ने हमारे भीतर बसाया है, क्या वह ऐसी लालसा करता है, जिस का प्रतिफल डाह हो?
- 1 Corinthians 4:6–8 1 कुरिन्थियों 4:6–8हे भाइयों, मैं ने इन बातों में तुम्हारे लिये अपनी और अपुल्लोस की चर्चा, दृष्टान्त की रीति पर की है, इसलिये कि तुम हमारे द्वारा यह सीखो, कि लिखे हुए से आगे न बढ़ना, और एक के पक्ष में और दूसरे के विरोध में गर्व न करना। क्योंकि तुझ में और दूसरे में कौन भेद करता है? और तेरे पास क्या है जो तू ने (दूसरे से) नहीं पाया: और जब कि तु ने (दूसरे से) पाया है, तो ऐसा घमण्ड क्यों करता है, कि मानों नही पाया? तुम तो तृप्त हो चुके; तुम धनी हो चुके, तुम ने हमारे बिना राज्य किया; परन्तु भला होता कि तुम राज्य करते कि हम भी तुम्हारे साथ राज्य करते।
- 1 Corinthians 3:3–4 1 कुरिन्थियों 3:3–4क्योंकि अब तक शारीरिक हो, इसलिये, कि जब तुम में डाह और झगड़ा है, तो क्या तुम शारीरिक नहीं? और मनुष्य की रीति पर नहीं चलते? इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्या तुम मनुष्य नहीं?
- Ephesians 4:31–32 इफिसियों 4:31–32सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।।
- 2 Corinthians 13:9–10 2 कुरिन्थियों 13:9–10जब हम निर्बल हैं, और तुम बलवन्त हो, तो हम आनन्दित होते हैं, और यह प्रार्थना भी करते हैं, कि तुम सिद्ध हो जाओ। इस कारण मैं तुम्हारे पीठ पीछे ये बातें लिखता हूं, कि उपस्थित होकर मुझे उस अधिकार के अनुसार जिसे प्रभु ने बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये मुझे दिया है, कढ़ाई से कुछ करना न पडे।।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- fear · G5399φοβέω phobéō
- lest · G3381μήπως mḗpōs
- come · G2064ἔρχομαι érchomai
- shall · G2147εὑρίσκω heurískō
- not · G3756οὐ ou
- find · G2147εὑρίσκω heurískō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- as · G3634οἷος hoîos
- would · G2309θέλω thélō
- and · G2504κἀγώ kagṓ
- I · G2504κἀγώ kagṓ
- found · G2147εὑρίσκω heurískō
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- as · G3634οἷος hoîos
- would · G2309θέλω thélō
- not · G3756οὐ ou
- lest · G3381μήπως mḗpōs
- debates · G2054ἔρις éris
- envyings · G2205ζῆλος zēlos
- wraths · G2372θυμός thymós
- strifes · G2052ἐριθεία eritheía
- backbitings · G2636καταλαλία katalalía
- whisperings · G5587ψιθυρισμός psithyrismós
- swellings · G5450φυσίωσις physíōsis
- tumults · G181ἀκαταστασία akatastasía