2 Corinthians · chapter 5 · verse 12
2 Corinthians 5:12 in Hindi
हम फिर भी अपनी बड़ाई तुम्हारे साम्हने नहीं करते बरन हम अपने विषय में तुम्हें घमण्ड करने का अवसर देते हैं, कि तुम उन्हें उत्तर दे सको, जो मन पर नहीं, बरन दिखवटी बातों पर घमण्ड करते हैं।
Ham phir bhee apanee badaaee tumhaare saamhane naheem karate baran ham apane vishay mem tumhem ghamand karane kaa avasar dete haim, ki tum unhem uttar de sako, jo man par naheem, baran dikhavatee baatom par ghamand karate hain.
2 Corinthians 5:12 in English
- King James Version (KJV)
- For we commend not ourselves again unto you, but give you occasion to glory on our behalf, that ye may have somewhat to [answer] them which glory in appearance, and not in heart.
- World English Bible (WEB)
- For we are not commending ourselves to you again, but speak as giving you occasion of boasting on our behalf, that you may have something to answer those who boast in appearance and not in heart.
- American Standard Version (ASV)
- We are not again commending ourselves unto you, but [speak] as giving you occasion of glorying on our behalf, that ye may have wherewith to answer them that glory in appearance, and not in heart.
- Bible in Basic English (BBE)
- We are not again requesting your approval, but we are giving you the chance of taking pride in us, so that you may be able to give an answer to those whose glory is in seeming, and not in the heart.
- Darby Translation (DBY)
- [For] we do not again commend ourselves to you, but [we are] giving to you occasion of boast in our behalf, that ye may have [such] with those boasting in countenance, and not in heart.
- Webster's Bible (WBS)
- For we commend not ourselves again to you, but give you occasion to glory on our behalf, that ye may have somewhat to [answer] them who glory in appearance, and not in heart.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for not again ourselves do we recommend to you, but we are giving occasion to you of glorifying in our behalf, that ye may have [something] in reference to those glorifying in face and not in heart;
Read in context
- 10क्योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उस ने देह के द्वारा किए हों पाए।।
- 11सो प्रभु का भय मानकर हम लोगों को समझाते हैं और परमेश्वर पर हमारा हाल प्रगट है; और मेरी आशा यह है, कि तुम्हारे विवेक पर भी प्रगट हुआ होगा।
- 12हम फिर भी अपनी बड़ाई तुम्हारे साम्हने नहीं करते बरन हम अपने विषय में तुम्हें घमण्ड करने का अवसर देते हैं, कि तुम उन्हें उत्तर दे सको, जो मन पर नहीं, बरन दिखवटी बातों पर घमण्ड करते हैं।
- 13यदि हम बेसुध हैं, तो परमेश्वर के लिये; और यदि चैतन्य हैं, तो तुम्हारे लिये हैं।
- 14क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए।
Cross references
- 2 Corinthians 3:1 2 कुरिन्थियों 3:1क्या हम फिर अपनी बड़ाई करने लगे? या हमें कितनों कि नाई सिफारिश की पत्रियां तुम्हारे पास लानी या तुम से लेनी हैं?
- 2 Corinthians 1:14 2 कुरिन्थियों 1:14जैसा तुम में से कितनों ने मान लिया है, कि हम तुम्हारे घमण्ड का कारण है; वैसे तुम भी प्रभु यीशु के दिन हमारे लिये घमण्ड का कारण ठहरोगे।।
- Galatians 6:12–14 गलातियों 6:12–14जितने लोग शरीरिक दिखव चाहते हैं वे तुम्हारे खतना करवाने के लिये दबाव देते हैं, केवल इसलिये कि वे मसीह के क्रूस के कारण सताए न जाएं। क्योंकि खतना करानेवाले आप तो, व्यवस्था पर नहीं चलते, पर तुम्हारा खतना कराना इसलिये चाहते हैं, कि तुम्हारी शारीरिक दशा पर घमण्ड करें। पर ऐसा न हो, कि मैं और किसी बात का घमण्ड करूं, केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह के क्रूस का जिस के द्वारा संसार मेरी दृष्टि में और मैं संसार की दृष्टि में क्रूस पर चढ़ाया गया हूं।
- 2 Corinthians 10:18 2 कुरिन्थियों 10:18क्योंकि जो अपनी बड़ाई करता है, वह नहीं, परन्तु जिस की बड़ाई प्रभु करता है, वही ग्रहण किया जाता है।।
- 2 Corinthians 11:12–16 2 कुरिन्थियों 11:12–16परन्तु जो मैं करता हूं, वही करता रहूंगा; कि जो लोग दांव ढूंढ़ते हैं, उन्हें मैं दांव पाने दूं, ताकि जिस बात में वे घमण्ड करते हैं, उस में वे हमारे ही समान ठहरें। क्योंकि ऐसे लोग झूठे प्रेरित, और छल से काम करनेवाले, और मसीह के प्रेरितों का रूप धरनेवाले हैं। और यह कुछ अचम्भे की बात नहीं क्योंकि शैतान आप भी ज्योतिमर्य स्वर्गदूत का रूप धारण करता है। सो यदि उसके सेवक भी धर्म के सेवकों का सा रूप धरें, तो कुछ बड़ी बात नहीं परन्तु उन का अन्त उन के कामों के अनुसार होगा। मैं फिर कहता हूं, कोई मुझे मूर्ख न समझे; नहीं तो मूर्ख ही समझकर मेरी सह लो, ताकि थोड़ा सा मैं भी घमण्ड करूं।
- 2 Corinthians 6:4 2 कुरिन्थियों 6:4परन्तु हर बात में परमेश्वर के सेवकों की नाई अपने सद्गुणों को प्रगट करते हैं, बड़े धैर्य से, क्लेशों से, दरिद्रता से, संकटो से।
- Proverbs 27:2 नीतिवचन 27:2तेरी प्रशंसा और लोग करें तो करें, परन्तु तू आप न करना; दूसरा तूझे सराहे तो सराहे, परन्तु तू अपनी सराहना न करना।
- 2 Corinthians 10:12 2 कुरिन्थियों 10:12क्योंकि हमें यह हियाव नहीं कि हम अपने आप को उन में से ऐसे कितनों के साथ गिनें, या उन से अपने को मिलाएं, जो अपनी प्रशंसा करते हैं, और अपने आप को आपस में नाप तौलकर एक दूसरे से मिलान करके मूर्ख ठहरते हैं।
- 2 Corinthians 10:8 2 कुरिन्थियों 10:8क्योंकि यदि मैं उस अधिकार के विषय में और भी घमण्ड दिखाऊं, जो प्रभु ने तुम्हारे बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये हमें दिया है, तो लज्जित न हूंगा।
- 2 Corinthians 12:1–9 2 कुरिन्थियों 12:1–9यद्यपि घमण्ड करना तो मेरे लिये ठीक नहीं तौभी करना पड़ता है; सो मैं प्रभु के दिए हुए दर्शनों और प्रकाशों की चर्चा करूंगा। मैं मसीह में एक मनुष्य को जानता हूं, चौदह वर्ष हुए कि न जाने देहसहित, न जाने देहरहित, परमेश्वर जानता है, ऐसा मनुष्य तीसरे स्वर्ग तक उठा लिया गया। मैं ऐसे मनुष्य को जानता हूं न जाने देहसहित, न जाने देहरहित परमेश्वर ही जानता है। कि स्वर्ग लोक पर उठा लिया गया, और एसी बातें सुनीं जो कहने की नहीं; और जिन का मुंह में लाना मनुष्य को उचित नहींं। ऐसे मनुष्य पर तो मैं घमण्ड करूंगा, परन्तु अपने पर अपनी निर्बलताओं को छोड़, अपने विषय में घमण्ड न करूंगा। क्योंकि यदि मैं घमण्ड करना चाहूं भी तो मूंर्ख न हूंगा, क्योंकि सच बोलूंगा; तोभी रूक जाता हूं, ऐसा न हो, कि जैसा कोई मुझे देखता है, या मुझ से सुनता है, मुझे उस से बढ़कर समझे। और इसलिये कि मैं प्रकाशों की बहुतायत से फूल न जाऊं, मेरे शरीर में एक कांटा चुभाया गया अर्थात् शैतान का एक दूत कि मुझे घूसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊं। इस के विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार बिनती की, कि मुझ से यह दूर हो जाए। और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।
- 2 Corinthians 12:11 2 कुरिन्थियों 12:11मैं मूर्ख तो बना, परन्तु तुम ही ने मुझ से यह बरबस करवाया: तुम्हें तो मेरी प्रशंसा करनी चाहिए थी, क्योंकि यद्यपि मैं कुछ भी नहीं, तौभी उन बड़े से बड़े प्ररितों से किसी बात में कम नहीं हूं।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- commend · G4921συνιστάω synistáō
- not · G3756οὐ ou
- ourselves · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- again · G3825πάλιν pálin
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- but · G235ἀλλά allá
- give · G1325δίδωμι dídōmi
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- occasion · G874ἀφορμή aphormḗ
- glory · G2745καύχημα kaúchēma
- our · G2257ἡμῶν hēmōn
- behalf · G5228ὑπέρ hypér
- that · G2443ἵνα hína
- have · G2192ἔχω échō
- to · G4314πρός prós
- them · G3588ὁ ho
- glory · G2744καυχάομαι kaucháomai
- in · G1722ἐν en
- appearance · G4383πρόσωπον prósōpon
- and · G2532καί kaí
- not · G3756οὐ ou
- heart · G2588καρδία kardía