2 Kings · chapter 22 · verse 8
2 Kings 22:8 in Hindi
और हिलकिरयाह महायाजक ने शापान मंत्री से कहा, मुझे यहोवा के भवन में रयवस्था की पुस्तक मिली है; तब हिलकिरयाह ने शापान को वह पुस्तक दी, और वह उसे पढ़ने लगा।
Aur hilakirayaah mahaayaajak ne shaapaan mantree se kahaa, mujhe yahovaa ke bhavan mem rayavasthaa kee pustak milee hai; tab hilakirayaah ne shaapaan ko vah pustak dee, aur vah use padhane lagaa.
2 Kings 22:8 in English
- King James Version (KJV)
- And Hilkiah the high priest said unto Shaphan the scribe, I have found the book of the law in the house of the LORD. And Hilkiah gave the book to Shaphan, and he read it.
- World English Bible (WEB)
- Hilkiah the high priest said to Shaphan the scribe, “I have found the book of the law in the LORD’s house.” Hilkiah delivered the book to Shaphan, and he read it.
- American Standard Version (ASV)
- And Hilkiah the high priest said unto Shaphan the scribe, I have found the book of the law in the house of Jehovah. And Hilkiah delivered the book to Shaphan, and he read it.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Hilkiah, the chief priest, said to Shaphan the scribe, I have made discovery of the book of the law in the house of the Lord. So Hilkiah gave it to Shaphan;
- Darby Translation (DBY)
- And Hilkijah the high priest said to Shaphan the scribe, I have found the book of the law in the house of Jehovah. And Hilkijah gave the book to Shaphan, and he read it.
- Webster's Bible (WBS)
- And Hilkiah the high priest said to Shaphan the scribe, I have found the book of the law in the house of the LORD. And Hilkiah gave the book to Shaphan, and he read it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Hilkiah the high priest saith unto Shaphan the scribe, 'A book of the law I have found in the house of Jehovah;' and Hilkiah giveth the book unto Shaphan, and he readeth it.
Read in context
- 6अर्थात् बढ़इयों, राजों और संगतराशों को दें, और भवन की मरम्मत के लिये लकड़ी और गढ़े हुए पत्थर मोल लेने में लगाएं।
- 7परन्तु जिनके हाथ में वह चान्दी सौंपी गई, उन से हिसाब न लिया गया, क्योंकि वे सच्चाई से काम करते थे।
- 8और हिलकिरयाह महायाजक ने शापान मंत्री से कहा, मुझे यहोवा के भवन में रयवस्था की पुस्तक मिली है; तब हिलकिरयाह ने शापान को वह पुस्तक दी, और वह उसे पढ़ने लगा।
- 9तब शापान मंत्री ने राजा के पास लौटकर यह सन्देश दिया, कि जो चानदी भवन में मिली, उसे तेरे कर्मचारियो ने थैलियों में डाल कर, उनको सौंप दिया जो यहोवा के भवन में काम करानेवाले हैं।
- 10फिर शपान मंत्री ने राजा को यह भी बता दिया, कि हिलकिरयाह याजक ने उसे एक पुस्तक दी है। तब शपान उसे राजा को पढ़कर सुनाने लगा।
Cross references
- Deuteronomy 31:24–26 व्यवस्थाविवरण 31:24–26जब मूसा इस व्यवस्था के वचन को आदि से अन्त तक पुस्तक में लिख चुका, तब उस ने यहोवा के सन्दूक उठानेवाले लेवियों को आज्ञा दी, कि व्यवस्था की इस पुस्तक को लेकर अपने परमेश्वर यहोवा की वाचा के सन्दूक के पास रख दो, कि यह वहां तुझ पर साक्षी देती रहे।
- 2 Chronicles 34:14–28 2 इतिहास 34:14–28जब वे उस रूपये को जो यहोवा के भवन में पहुंचाया गया था, निकाल रहे थे, तब हिल्किरयाह याजक को मूसा के द्वारा दी हुई यहोवा की व्यवस्था की पुस्तक मिली। तब हिल्किरयाह ने शापान मंत्री से कहा, मुझे यहोवा के भवन में व्यवस्था की पुस्तक मिली है; तब हिल्किरयाह ने शापान को वह पुस्तक दी। तब शापान उस पुस्तक को राजा के पास ले गया, और यह सन्देश दिया, कि जो जो काम तेरे कर्मचारियों को सौंपा गया था उसे वे कर रहे हैं। और जो रूपया यहोवा के भवन में मिला, उसको उन्हों ने उणडेलकर मुखियों और कारीगरों के हाथों में सौंप दिया है। फिर शापान मंत्री ने राजा को यह भी बता दिया कि हिल्किरयाह याजक ने मुझे एक पुस्तक दी है तब शपान ने उस में से राजा को पढ़कर सुनाया। व्यवस्था की वे बातें सुनकर राजा ने अपने वस्त्रा फाढ़े। फिर राजा ने हिल्किरयाह शापान के पुत्रा अहीकाम, मीका के पुत्रा अब्दोन, शापान मंत्री और असायाह नाम अपने कर्मचारी को आज्ञा दी, कि तुम जाकर मेरी ओर से और इस्राएल और यहूदा में रहनेवालों की ओर से इस पाई हुई पुस्तक के वचनों के विष्य यहोवा से पूछो; क्योंकि यहोवा की बड़ी ही जलजलाहट हम पर इसलिये भड़की है कि हमारे पुरखाओं ने यहोवा का वचन नहीं माना, और इस पुस्तक में लिखी हुई सब आज्ञाओं का पालन नहीं किया। तब हिल्करयाह ने राजा के और और दूतों समेत हुल्दा नबिया के पास जाकर उस से उसी बात के अनुसार बातें की, वह तो उस शल्लूम की स्त्री थी जो तोखत का पुत्रा और हस्रा का पोता और वस्त्रालय का रखवाला था: और वह स्त्री यरूशलेम के नये टोले में रहती थी। उस ने उन से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि जिस पुरूष ने तुम को मेरे पास भेजा, उस से यह कहो, कि यहोवा यों कहता है, कि सुन, मैं इस स्थान और इस के निवासियों पर विपत्ति डालकर यहूदा के राजा के साम्हने जो पुस्तक पढ़ी गई, उस में जितने शाप लिखे हैं उन सभों को पूरा करूंगा। उन लोगों ने मुझे त्यागकर पराये देवताओं के लिये धूप जलाया है और अपनी बनाई हुई सब वस्तुओं के द्वारा मुझे रिस दिलाई है, इस कारण मेरी जलजलाहट इस स्थान पर भड़क उठी है, और शान्त न होगी। परन्तु यहूदा का राजा जिस ने तुम्हें यहोवा के पूछने को भेज दिया है उस से तुम यों कहो, कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि इसलिये कि तू वे बातें सुनकर दीन हुआ, और परमेश्वर के साम्हने अपना सिर नवाया, और उसकी बातें सुनकर जो उसने इस स्थान और इस के निवासियों के विरूद्ध कहीं, तू ने मेरे साम्हने अपना सिर नवाया, और वस्त्रा फाड़कर मेरे साम्हने रोया है, इस कारण मैं ने तेरी सुनी है; यहोवा की यही बाणी है। सुन, मैं तुझे तेरे पुरखाओं के संग ऐसा मिलाऊंगा कि तू शांति से अपनी कब्र को पहुंचाया जायगा; और जो विपत्ति मैं इस स्थान पर, और इसके निवासियों पर डालना चाहता हूँ, उस में से तुझे अपनी आंखों से कुछ भी देखना न पड़ेगा। तब उन लोगों ने लौटकर राजा को यही सन्देश दिया।
Original words (Hebrew)
- Hilkiah · H2518חִלְקִיָּה Chilqîyâh
- high · H1419גָּדוֹל gâdôwl
- priest · H3548כֹּהֵן kôhên
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Shaphan · H8227שָׁפָן shâphân
- scribe · H5608סָפַר çâphar
- found · H4672מָצָא mâtsâʼ
- book · H5612סֵפֶר çêpher
- law · H8451תּוֹרָה tôwrâh
- house · H1004בַּיִת bayith
- Hilkiah · H2518חִלְקִיָּה Chilqîyâh
- gave · H5414נָתַן nâthan
- book · H5612סֵפֶר çêpher
- Shaphan · H8227שָׁפָן shâphân
- read · H7121קָרָא qârâʼ