2 Peter · chapter 3 · verse 6
2 Peter 3:6 in Hindi
इन्हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया।
Inheem ke dvaaraa us yug kaa jagat jal mem doob kar naash ho gayaa.
2 Peter 3:6 in English
- King James Version (KJV)
- Whereby the world that then was, being overflowed with water, perished:
- World English Bible (WEB)
- by which means the world that existed then, being overflowed with water, perished.
- American Standard Version (ASV)
- by which means the world that then was, being overflowed with water, perished:
- Bible in Basic English (BBE)
- And that the world which then was came to an end through the overflowing of the waters.
- Darby Translation (DBY)
- through which [waters] the then world, deluged with water, perished.
- Webster's Bible (WBS)
- By which the world that then was, being overflowed with water, perished:
- Young's Literal Translation (YLT)
- through which the then world, by water having been deluged, was destroyed;
Read in context
- 4और कहेंगे, उसके आने की प्रतिज्ञा कहां गई? क्योंकि जब से बाप- दादे सो गए हैं, सब कुछ वैसा ही है, जैसा सृष्टि के आरम्भ से था?
- 5वे तो जान बूझकर यह भूल गए, कि परमेश्वर के वचन के द्वारा से आकाश प्राचीन काल से वर्तमान है और पृथ्वी भी जल में से बनी और जल में स्थिर है।
- 6इन्हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया।
- 7पर वर्तमान काल के आकाश और पृथ्वी उसी वचन के द्वारा इसलिये रखे हैं, कि जलाए जाएं; और वह भक्तिहीन मनुष्यों के न्याय और नाश होने के दिन तक ऐसे ही रखे रहेंगे।।
- 8हे प्रियों, यह एक बात तुम से छिपी न रहे, कि प्रभु के यहां एक दिन हजार वर्ष के बराबर है, और हजार वर्ष एक दिन के बराबर हैं।
Cross references
- 2 Peter 2:5 2 पतरस 2:5और प्रथम युग के संसार को भी न छोड़ा, बरन भक्तिहीन संसार पर महा जल- प्रलय भेजकर धर्म के प्रचारक नूह समेत आठ व्यक्तियों को बचा लिया।
- Matthew 24:38–39 मत्ती 24:38–39क्योंकि जैसे जल-प्रलय से पहिले के दिनों में, जिस दिन तक कि नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते-पीते थे, और उन में ब्याह शादी होती थी। और जब तक जल-प्रलय आकर उन सब को बहा न ले गया, तब तक उन को कुछ भी मालूम न पड़ा; वैसे ही मनुष्य के पुत्र का आना भी होगा।
- Luke 17:27 लूका 17:27जिस दिन तक नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते- पीते थे, और उन में ब्याह- शादी होती थीे; तब जल- प्रलय ने आकर उन सब को नाश किया।
- Genesis 7:10–23 उत्पत्ति 7:10–23सात दिन के उपरान्त प्रलय का जल पृथ्वी पर आने लगा। जब नूह की अवस्था के छ: सौवें वर्ष के दूसरे महीने का सत्तरहवां दिन आया; उसी दिन बड़े गहिरे समुद्र के सब सोते फूट निकले और आकाश के झरोखे खुल गए। और वर्षा चालीस दिन और चालीस रात निरन्तर पृथ्वी पर होती रही। ठीक उसी दिन नूह अपने पुत्रा शेम, हाम, और येपेत, और अपनी पत्नी, और तीनों बहुओं समेत, और उनके संग एक एक जाति के सब बनैले पशु, और एक एक जाति के सब घरेलू पशु, और एक एक जाति के सब पृथ्वी पर रेंगनेवाले, और एक एक जाति के सब उड़नेवाले पक्षी, जहाज में गए। जितने प्राणियों में जीवन की आत्मा थी उनकी सब जातियों में से दो दो नूह के पास जहाज में गए। और जो गए, वह परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार सब जाति के प्राणियों में से नर और मादा गए। तब यहोवा ने उसका द्वार बन्द कर दिया। और पृथ्वी पर चालीस दिन तक प्रलय होता रहा; और पानी बहुत बढ़ता ही गया जिस से जहाज ऊपर को उठने लगा, और वह पृथ्वी पर से ऊंचा उठ गया। और जल बढ़ते बढ़ते पृथ्वी पर बहुत ही बढ़ गया, और जहाज जल के ऊपर ऊपर तैरता रहा। और जल पृथ्वी पर अत्यन्त बढ़ गया, यहां तक कि सारी धरती पर जितने बड़े बड़े पहाड़ थे, सब डूब गए। जल तो पन्द्रह हाथ ऊपर बढ़ गया, और पहाड़ भी डूब गए और क्या पक्षी, क्या घरेलू पशु, क्या बनैले पशु, और पृथ्वी पर सब चलनेवाले प्राणी, और जितने जन्तु पृथ्वी मे बहुतायत से भर गए थे, वे सब, और सब मनुष्य मर गए। जो जो स्थल पर थे उन में से जितनों के नथनों में जीवन का श्वास था, सब मर मिटे। और क्या मनुष्य, क्या पशु, क्या रेंगनेवाले जन्तु, क्या आकाश के पक्षी, जो जो भूमि पर थे, सो सब पृथ्वी पर से मिट गए; केवल नूह, और जितने उसके संग जहाज में थे, वे ही बच गए।
- Job 12:15 अय्यूब 12:15देखो, जब वह वर्षा को रोक रखता है तो जल सूख जाता है; फिर जब वह जल छोड़ देता है तब पृथ्वी उलट जाती है।
- Genesis 9:15 उत्पत्ति 9:15तब मेरी जो वाचा तुम्हारे और सब जीवित शरीरधारी प्राणियों के साथ बान्धी है; उसको मैं स्मरण करूंगा, तब ऐसा जलप्रलय फिर न होगा जिस से सब प्राणियों का विनाश हो।