2 Peter · chapter 2 · verse 5
2 Peter 2:5 in Hindi
और प्रथम युग के संसार को भी न छोड़ा, बरन भक्तिहीन संसार पर महा जल- प्रलय भेजकर धर्म के प्रचारक नूह समेत आठ व्यक्तियों को बचा लिया।
Aur pratham yug ke sansaar ko bhee na chhodaa, baran bhaktiheen sansaar par mahaa jala- pralay bhejakar dharm ke prachaarak nooh samet aath vyaktiyom ko bachaa liyaa.
2 Peter 2:5 in English
- King James Version (KJV)
- And spared not the old world, but saved Noah the eighth [person], a preacher of righteousness, bringing in the flood upon the world of the ungodly;
- World English Bible (WEB)
- and didn’t spare the ancient world, but preserved Noah with seven others, a preacher of righteousness, when he brought a flood on the world of the ungodly,
- American Standard Version (ASV)
- and spared not the ancient world, but preserved Noah with seven others, a preacher of righteousness, when he brought a flood upon the world of the ungodly;
- Bible in Basic English (BBE)
- And did not have mercy on the world which then was, but only kept safe Noah, a preacher of righteousness, with seven others, when he let loose the waters over the world of the evil-doers;
- Darby Translation (DBY)
- and spared not [the] old world, but preserved Noe, [the] eighth, a preacher of righteousness, having brought in [the] flood upon [the] world of [the] ungodly;
- Webster's Bible (WBS)
- And spared not the old world, but saved Noah the eighth [person] , a preacher of righteousness, bringing the flood upon the world of the ungodly;
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the old world did not spare, but the eighth person, Noah, of righteousness a preacher, did keep, a flood on the world of the impious having brought,
Read in context
- 3और वे लोभ के लिये बातें गढ़कर तुम्हें अपने लाभ का कारण बनाएंगे, और जो दण्ड की आज्ञा उन पर पहिले से हो चुकी है, उसके आने में कुछ भी देर नहीं, और उन का विनाश ऊंघता नहीं।
- 4क्योंकि जब परमेश्वर ने उन स्वर्गदूतों को जिन्हों ने पाप किया नहीं छोड़ा, पर नरक में भेजकर अन्धेरे कुण्डों में डाल दिया, ताकि न्याय के दिन तक बन्दी रहें।
- 5और प्रथम युग के संसार को भी न छोड़ा, बरन भक्तिहीन संसार पर महा जल- प्रलय भेजकर धर्म के प्रचारक नूह समेत आठ व्यक्तियों को बचा लिया।
- 6और सदोम और अमोरा के नगरों को विनाश का ऐसा दण्ड दिया, कि उन्हें भस्म करके राख में मिला दिया ताकि वे आनेवाले भक्तिहीन लोगों की शिक्षा के लिये एक दृष्टान्त बनें।
- 7और धर्मी लूत को जो अधर्मियों के अशुद्ध चाल- चलन से बहुत दुखी था छुटकारा दिया।
Cross references
- 2 Peter 3:6 2 पतरस 3:6इन्हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया।
- Hebrews 11:7 इब्रानियों 11:7विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
- Luke 17:26–27 लूका 17:26–27जैसा नूह के दिनों में हुआ था, वैसा ही मनुष्य के पुत्रा के दिनों में भी होगा। जिस दिन तक नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते- पीते थे, और उन में ब्याह- शादी होती थीे; तब जल- प्रलय ने आकर उन सब को नाश किया।
- Jude 1:14–15 यहूदा 1:14–15और हनोक ने भी जो आदम से सातवीं पीढ़ी में था, इन के विषय में यह भविष्यद्ववाणी की, कि देखो, प्रभु अपने लाखों पवित्रों के साथ आया। कि सब का न्याय करे, और सब भक्तिहीनों को उन के अभक्ति के सब कामों के विषय में, जो भक्तिहीन पापियों ने उसके विरोध में कही हैं, दोषी ठहराए।
- 1 Peter 3:19–20 1 पतरस 3:19–20उसी में उस ने जाकर कैदी आत्माओं को भी प्रचार किया। जिन्हों ने उस बीते समय में आज्ञा न माना जब परमेश्वर नूह के दिनों में धीरज धरकर ठहरा रहा, और वह जहाज बन रहा था, जिस में बैठकर थोड़े लोग अर्थात् आठ प्राणी पानी के द्वारा बच गए।
- Matthew 24:37–39 मत्ती 24:37–39जैसे नूह के दिन थे, वैसा ही मनुष्य के पुत्र का आना भी होगा। क्योंकि जैसे जल-प्रलय से पहिले के दिनों में, जिस दिन तक कि नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते-पीते थे, और उन में ब्याह शादी होती थी। और जब तक जल-प्रलय आकर उन सब को बहा न ले गया, तब तक उन को कुछ भी मालूम न पड़ा; वैसे ही मनुष्य के पुत्र का आना भी होगा।
- Genesis 7:1–24 उत्पत्ति 7:1–24और यहोवा ने नूह से कहा, तू अपने सारे घराने समेत जहाज में जा; क्योंकि मै ने इस समय के लोगों में से केवल तुझी को अपनी दृष्टि में धर्मी देखा है। सब जाति के शुद्ध पशुओं में से तो तू सात सात, अर्थात् नर और मादा लेना: पर जो पशु शुद्ध नहीं है, उन में से दो दो लेना, अर्थात् नर और मादा: और आकाश के पक्षियों में से भी, सात सात, अर्थात् नर और मादा लेना: कि उनका वंश बचकर सारी पृथ्वी के ऊपर बना रहे। क्योंकि अब सात दिन और बीतने पर मैं पृथ्वी पर चालीस दिन और चालीस रात तक जल बरसाता रहूंगा; जितनी वस्तुएं मैं ने बनाईं है सब को भूमि के ऊपर से मिटा दूंगा। यहोवा की इस आज्ञा के अनुसार नूह ने किया। नूह की अवस्था छ: सौ वर्ष की थी, जब जलप्रलय पृथ्वी पर आया। नूह अपने पुत्रों, पत्नी और बहुओं समेत, जलप्रलय से बचने के लिये जहाज में गया। और शुद्ध, और अशुद्ध दोनो प्रकार के पशुओं में से, पक्षियों, और भूमि पर रेंगनेवालों में से भी, दो दो, अर्थात् नर और मादा, जहाज में नूह के पास गए, जिस प्रकार परमेश्वर ने नूह को आज्ञा दी थी। सात दिन के उपरान्त प्रलय का जल पृथ्वी पर आने लगा। जब नूह की अवस्था के छ: सौवें वर्ष के दूसरे महीने का सत्तरहवां दिन आया; उसी दिन बड़े गहिरे समुद्र के सब सोते फूट निकले और आकाश के झरोखे खुल गए। और वर्षा चालीस दिन और चालीस रात निरन्तर पृथ्वी पर होती रही। ठीक उसी दिन नूह अपने पुत्रा शेम, हाम, और येपेत, और अपनी पत्नी, और तीनों बहुओं समेत, और उनके संग एक एक जाति के सब बनैले पशु, और एक एक जाति के सब घरेलू पशु, और एक एक जाति के सब पृथ्वी पर रेंगनेवाले, और एक एक जाति के सब उड़नेवाले पक्षी, जहाज में गए। जितने प्राणियों में जीवन की आत्मा थी उनकी सब जातियों में से दो दो नूह के पास जहाज में गए। और जो गए, वह परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार सब जाति के प्राणियों में से नर और मादा गए। तब यहोवा ने उसका द्वार बन्द कर दिया। और पृथ्वी पर चालीस दिन तक प्रलय होता रहा; और पानी बहुत बढ़ता ही गया जिस से जहाज ऊपर को उठने लगा, और वह पृथ्वी पर से ऊंचा उठ गया। और जल बढ़ते बढ़ते पृथ्वी पर बहुत ही बढ़ गया, और जहाज जल के ऊपर ऊपर तैरता रहा। और जल पृथ्वी पर अत्यन्त बढ़ गया, यहां तक कि सारी धरती पर जितने बड़े बड़े पहाड़ थे, सब डूब गए। जल तो पन्द्रह हाथ ऊपर बढ़ गया, और पहाड़ भी डूब गए और क्या पक्षी, क्या घरेलू पशु, क्या बनैले पशु, और पृथ्वी पर सब चलनेवाले प्राणी, और जितने जन्तु पृथ्वी मे बहुतायत से भर गए थे, वे सब, और सब मनुष्य मर गए। जो जो स्थल पर थे उन में से जितनों के नथनों में जीवन का श्वास था, सब मर मिटे। और क्या मनुष्य, क्या पशु, क्या रेंगनेवाले जन्तु, क्या आकाश के पक्षी, जो जो भूमि पर थे, सो सब पृथ्वी पर से मिट गए; केवल नूह, और जितने उसके संग जहाज में थे, वे ही बच गए। और जल पृथ्वी पर एक सौ पचास दिन तक प्रबल रहा।।
- Job 22:15–16 अय्यूब 22:15–16क्या तू उस पुराने रास्ते को पकड़े रहेगा, जिस पर वे अनर्थ करनेवाले चलते हैं? वे अपने समय से पहले उठा लिए गए और उनके घर की नेव नदी बहा ले गई।
- Genesis 6:1–8 उत्पत्ति 6:1–8फिर जब मनुष्य भूमि के ऊपर बहुत बढ़ने लगे, और उनके बेटियां उत्पन्न हुई, तब परमेश्वर के पुत्रों ने मनुष्य की पुत्रियों को देखा, कि वे सुन्दर हैं; सो उन्हों ने जिस जिसको चाहा उन से ब्याह कर लिया। और यहोवा ने कहा, मेरा आत्मा मनुष्य से सदा लों विवाद करता न रहेगा, क्योंकि मनुष्य भी शरीर ही है: उसकी आयु एक सौ बीस वर्ष की होगी। उन दिनों में पृथ्वी पर दानव रहते थे; और इसके पश्चात् जब परमेश्वर के पुत्रा मनुष्य की पुत्रियों के पास गए तब उनके द्वारा जो सन्तान उत्पन्न हुए, वे पुत्रा शूरवीर होते थे, जिनकी कीर्त्ति प्राचीनकाल से प्रचलित है। और यहोवा ने देखा, कि मनुष्यों की बुराई पृथ्वी पर बढ़ गई है, और उनके मन के विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है सो निरन्तर बुरा ही होता है। और यहोवा पृथ्वी पर मनुष्य को बनाने से पछताया, और वह मन में अति खेदित हुआ। तब यहोवा ने सोचा, कि मै मनुष्य को जिसकी मै ने सृष्टि की है पृथ्वी के ऊपर से मिटा दूंगा क्योंकि मैं उनके बनाने से पछताता हूं। परन्तु यहोवा के अनुग्रह की दृष्टि नूह पर बनी रही।।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- spared · G5339φείδομαι pheídomai
- not · G3756οὐ ou
- the · G2889κόσμος kósmos
- old · G744ἀρχαῖος archaîos
- world · G2889κόσμος kósmos
- but · G235ἀλλά allá
- saved · G5442φυλάσσω phylássō
- Noah · G3575Νῶε Nōe
- eighth · G3590ὄγδοος ógdoos
- preacher · G2783κῆρυξ kēryx
- righteousness · G1343δικαιοσύνη dikaiosýnē
- in · G1863ἐπάγω epágō
- flood · G2627κατακλυσμός kataklysmós
- world · G2889κόσμος kósmos
- ungodly · G765ἀσεβής asebḗs